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आखिर कौन होगा जानलेवा सड़कों पर हादसों का जिम्मेदार
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इस हालत में है रानीखेत रानीझील मोटर मार्ग। अमर उजाला
- फोटो : RANIKHET
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रानीखेत (अल्मोड़ा)। तमाम कोशिशों के बावजूद नगर के आंतरिक मोटर मार्गों की हालत सुधरने का नाम नहीं ले रही हैं। अधिकांश सड़कें छावनी परिषद की अधीन हैं, लंबे समय से मरम्मत की बाट जोह रही इन सड़कों की सुध नहीं ले जा रही है। सड़कों में तीन से चार फुट लंबे गड्ढे बने हुए हैं। यहां से विद्यालयी बच्चे वाहनों में हिचकोले खाते हुए गुजरते हैं, किसी भी वक्त बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
रानीझील मोटर मार्ग हो या नगर की जरूरी बाजार सड़क, ये सड़कें बदहाली का रूप धारण कर चुकी हैं। रानीझील मोटर मार्ग से कई विद्यालयों के बच्चे वाहनों में होकर गुजरते हैं। इन सड़कों में लंबे-लंबे गड्ढों को आज तक नहीं पाटा गया है। जिसके चलते किसी भी वक्त बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी हुुई है।
हालांकि सप्लाई डिपो के एक हिस्से को फिलहाल डामर से पाट दिया गया है। लेकिन पंतकोटली मार्ग की हालत अभी भी खराब है। यहां से प्रतिदिन सैकड़ों वाहन होकर गुजरते हैं। लोग प्रतिदिन दोपहिया वाहनों से छोटे छोटे बच्चों को स्कूल छोड़ने जाते हैं, बड़े बड़े गड्ढों के कारण कई बार वह
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रानीझील मोटर मार्ग हो या नगर की जरूरी बाजार सड़क, ये सड़कें बदहाली का रूप धारण कर चुकी हैं। रानीझील मोटर मार्ग से कई विद्यालयों के बच्चे वाहनों में होकर गुजरते हैं। इन सड़कों में लंबे-लंबे गड्ढों को आज तक नहीं पाटा गया है। जिसके चलते किसी भी वक्त बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी हुुई है।
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हालांकि सप्लाई डिपो के एक हिस्से को फिलहाल डामर से पाट दिया गया है। लेकिन पंतकोटली मार्ग की हालत अभी भी खराब है। यहां से प्रतिदिन सैकड़ों वाहन होकर गुजरते हैं। लोग प्रतिदिन दोपहिया वाहनों से छोटे छोटे बच्चों को स्कूल छोड़ने जाते हैं, बड़े बड़े गड्ढों के कारण कई बार वह
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