अल्मोड़ा में तबाही का डर: रातभर सो नहीं सके लोग, छाता ओढ़कर सड़क पर घूमते दिखे; पड़ोसियों के यहां ली शरण
अल्मोड़ा जिले में हुई भारी बारिश से आफत फैलाई। चौखुटिया, देघाट, धौलछीना में मकानों में पानी घुसने से लोग रात भर सो नहीं सके। कई लोगों को घर छोड़कर पड़ोसियों के यहां शरण लेनी पड़ी।
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अल्मोड़ा जिले में हुई भारी बारिश से आफत फैलाई। चौखुटिया, देघाट, धौलछीना में मकानों में पानी घुसने से लोग रात भर सो नहीं सके। कई लोगों को घर छोड़कर पड़ोसियों के यहां शरण लेनी पड़ी। हालांकि जागेश्वर-आरतोला सड़क पर आवाजाही शुरू होने से स्थानीय लोगों के साथ ही श्रद्धालुओं को राहत मिली है।
बुधवार देर शाम हुई बारिश से जनजीवन प्रभावित रहा। धौलछीना में रामलीला मैदान के पास कलमठ बंद होने से बारिश का पानी और मलबा अस्पताल के आवासीय भवनों में घुस गया। ब्लॉक मुख्यालय को जोड़ने वाला पैदल मार्ग पूरी तरह ध्वस्त हो गया। मैदान का भी एक हिस्सा भूस्खलन की भेंट चढ़ गया। मलबा और बोल्डर गिरने से धौलछीना को जलापूर्ति करने वाली पेयजल लाइन भी क्षतिग्रस्त हो गई। ऐसे में क्षेत्र के लोगों को पानी के लिए तरसना पड़ रहा है। वहीं देघाट में पांच से अधिक मकानों में पानी और मलबा घुस गया इससे लोग परेशान रहे। वहीं पानी से भरी एक गोशाला में बंधे मवेशियों को किसी तरह सुरक्षित निकाला गया। चौखुटिया में रामगंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से तटबंधों से पानी रिसकर लोगों के घरों में घुस गया। नदी के कुछ दूर बने शंकर बिष्ट का, गणेश, हरीश किरौला, हिम्मत किरौला, शुभम नेगी, प्रकाश अटवाल, पुष्कर लाल, मनोज कुमार का परिवार घर में पानी घुसने से रात भर सो नहीं सका। वहीं अजीत और कमल हरबोला के परिवार को घर छोड़कर पड़ोसियों के यहां शरण लेनी पड़ी। कई जगह तटबंध टूटने से भूकटाव भी शुरू हो गया है। राजस्व की टीम ने बृहस्पतिवार को प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर नुकसान का जायजा लिया। संवाद
बाड़ेछीना-शेराघाट सड़क पर पांच घंटे बंद रही आवाजाही
धौलछीना क्षेत्र में हुई भारी बारिश के बाद बाड़ेछीना-शेराघाट सड़क जगह-जगह पहाड़ी दरकने से पांच घंटे आवाजाही ठप रही। जगह-जगह वाहन और यात्री फंसे रहे। बेड़ीनाग से गर्भवती को प्रसव के लिए अल्मोड़ा आ रही एक कार भी घंटों फंसी रही। पांच घंटे बाद रात 11 बजे के करीब जेसीबी से मलबा हटाकर सड़क पर आवाजाही शुरू कराई।
जागेश्वर-आरतोला सड़क पर आवाजाही शुरू होने से राहत
जागेश्वर में बारिश थमने के बाद हालात सामान्य हुए हैं। दूसरे दिन जागेश्वर-आरतोला सड़क पर मलबा हटाकर आवाजाही शुरू कराई गई, इससे स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में राहत है।
जागेश्वर में भारी बारिश के बाद जागेश्वर-आरतोला और वृद्ध कोटेश्वर-जागेश्वर सड़क बंद हो गई थीं। ऐसे में जागेश्वर क्षेत्र का शेष दुनिया से संपर्क कट गया था। बृहस्पतिवार सुबह मौसम खुलने के बाद जागेश्वर-आरतोला सड़क पर मलबा हटाकर आवाजाही शुरू कराई गई। फंसे श्रद्धालु बाहर निकले तो कई श्रद्धालु बाबा जागनाथ के दर्शन के लिए जागेश्वर धाम पहुंचे। शटल सेवा ने श्रद्धालुओं को राहत पहुंचाई। हालांकि वृद्ध जागेश्वर-कोटेश्वर सड़क पर अब भी आवाजाही शुरू नहीं हो सकी है। बारिश के बाद ग्रामीण बैंक में मलबा घुसने से कामकाज ठप रहा। बैंक कर्मी पूरे दिन मलबा साफ करने में जुटे रहे।
अल्मोड़ा में 12 सड़कों पर थमी आवाजाही
बारिश के बाद बंद सड़कों ने लोगों की दिक्कत बढ़ाई है। जगह-जगह मलबा और बोल्डर गिरने से 12 सड़कें बंद हैं इससे 40 से अधिक गांवों का शेष दुनिया से संपर्क कटा है। लोग किसी तरह मलबा और बोल्डरों के बीच सफर कर गांवों से बाहर निकल रहे हैं।
जिले में बीते बुधवार देर शाम हुई भारी बारिश के बाद सड़कें बंद होने से 25 हजार से अधिक की आबादी परेशान है। कई जगह भूस्खलन से सड़कों का नामोनिशान मिट गया है तो कई जगह भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर गिरने से आवाजाही पूरी तरह ठप है। बीमारों और गर्भवतियों का भी अस्पताल पहुंचना मुश्किल हो गया है। यदि समय रहते सड़कों पर आवाजाही शुरू नहीं हुई तो लोगों की दिक्कत और बढ़ेगी। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी विनीत पाल ने कहा कि सड़कों को खोलने का काम शुरू कर दिया है। जगह-जगह जेसीबी लगाई गई हैं। जल्द सभी सड़कों पर आवाजाही शुरू होगी।
इन सड़कों पर बंद है आवाजाही
रना-रानीखेत-रामनगर, बाड़ेछीना-सेराघाट, जागेश्वर-कोटेश्वर, सौधार-पनुवाद्योखन, देघाट-चिन्तोली, बसोली-पोखरी-नाई ढोल, ताकुला-थापला, चक्करगांव-घुघुती, गजार-क्वैराली, बूचड़ी-पंतकोटली, टाटिक-तोली, धौलछीना-काचुला।