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ग्रामीण क्षेत्रों की बदहाल बिजली आपूर्ति से ग्रामीण हुए बेहाल
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गगास योजना में पानी नहीं आने से हैंडपंप पर निर्भर लोग। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : RANIKHET
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अल्मोड़ा। कोसी नदी से 12 घंटे बाद पंपिंग शुरू होने के बाद जल संस्थान ने शनिवार को शहर में पानी की आपूर्ति की। हालांकि मोहल्लों में पानी खुलने का समय अनिश्चित रहा। पानी आपूर्ति होने से लोगों को राहत मिली।
लगातार हो रही बारिश से कोसी नदी का जल स्तर इन दिनों काफी बढ़ गया है। नदी का पानी गंदा होने और गाद आने से जल संस्थान को शुक्रवार सुबह 10 बजे से रात 10 बजे तक पंप बंद करने पड़े थे।
इस कारण शुक्रवार को शहर की करीब दो तिहाई आबादी को पानी की आपूर्ति नहीं हो सकी थी। शुक्रवार रात नदी का पानी साफ होने पर रात्रि 10 बजे से जल संस्थान ने कोसी से शहर को पानी की पंपिंग शुरू की।
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इसके बाद शनिवार को जल संस्थान ने शहर के मोहल्लों में पानी की आपूर्ति की। हालांकि मोहल्लों में पानी खुलने का समय अनिश्चित रहा। वहीं एडम्स पंप हाउस को दिन में बिजली ठप रहने से एडम्स टैंक से लाभान्वित होने वाले इलाकों में पानी की आपूर्ति नहीं हो सकी। पांच घंटे बाद बिजली बहाल होने पर एडम्स टैंक से पानी की आपूर्ति की गई।
रानीखेत के गांवों में पानी की किल्लत
रानीखेत (अल्मोड़ा)। ताड़ीखेत क्षेत्र की 38 ग्राम सभाओं में पानी की आपूर्ति करने वाली गगास पेयजल पंपिंग योजना में पिछले तीन दिन से पानी नहीं आ रहा है। इस कारण ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
चिलियानौला, गनियाद्योली, ताड़ीखेत आदि स्थानों पर पिछले तीन दिनों से इस योजना का पानी नहीं पहुंच रहा। हालांकि तिपौला पेयजल योजना से कुछ राहत है, लेकिन आपूर्ति न होने से ग्रामीण परेशान हैं।
ताड़ीखेत-गगास पेयजल योजना का निर्माण 1970 के दशक में हुआ था, तब से इस योजना का पुनर्गठन नहीं हुआ है। योजना से 80 प्रतिशत पानी सेना को जाता है, शेष 20 प्रतिशत पानी से 38 ग्राम सभाओं की आपूर्ति की जाती है।
पानी कम होने से आए दिन ग्रामीण परेशान रहते हैं। दो साल पूर्व तिपौला पेयजल पंपिंग योजना बनी, इससे हालांकि ग्रामीणों को कुछ राहत मिली है, लेकिन योजना जल संस्थान को हस्तांतरित नहीं हुई है।
इस कारण अधिकतर ग्रामीणों को इस योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। तीन दिन से बारिश हो रही है, ग्रामीणों की आपूर्ति न हो पाने के कारण वह काफी परेशान हैं। कई गांवों में आठ से 15 दिन में पानी खुल रहा है तो कहीं तीन दिन बाद भी पानी मयस्सर नहीं है।
तिपौला पेयजल पंपिंग योजना से भी गंदा पानी आने की शिकायतें कई बार आ रहीं हैं। ग्रामीणों का कहना है कि नियमित आपूर्ति न होने से भारी दिक्कतें हो रही हैं। कई दिनों तक पानी नहीं आता। बिल का भुगतान पूरा लिया जाता है। यदि नियमित आपूर्ति नहीं हुई तो बिल का भुगतान नहीं किया जाएगा।
गगास नदी पर डैम बन रहा है। डैम की पूरी सिल्ट नदी में बह रही है, जिस कारण पंपिंग में दिक्कतें हो रहीं हैं। तिपौला योजना में कई खामियां हैं। वह जल संस्थान को हस्तांतरित भी नहीं हुई है। राहत के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में टैंकरों से आपूर्ति की जा रही है।
-सुरेश ठाकुर, अधिशासी अभियंता, जल संस्थान रानीखेत।
बारिश से बिजली लाइनों में पेड़ गिरे, कई स्थानों पर बिजली गुल
अल्मोड़ा। लगातार हो रही बारिश बिजली आपूर्ति पर भी भारी पड़ी है। शुक्रवार शाम चीनाखान में 11 केवी की बिजली लाइन में चीड़ का पेड़ गिरने से धारानौला, चीनाखान, मकेड़ी आदि इलाकों के लोगों को पूरी रात अंधेरे में गुजारनी पड़ी।
वहीं शनिवार सुबह होटल मैनेजमेंट संस्थान के पास 11 केवी की लाइन में चीड़ का बड़ा पेड़ गिरने से लाइन क्षतिग्रस्त हो गई। इससे कई इलाकों की बिजली घंटों गुल रही। लाइनों में खराबी आने से कई मोहल्लों में बिजली आपूर्ति बाधित होती रही।
शुक्रवार शाम करीब सात बजे चीनाखान में 11 केवी की लाइन में चीड़ का पेड़ गिर गया। इस कारण चीनाखान, मकेड़ी, धारानौला समेत आसपास के इलाकों की बिजली गुल हो गई। क्षेत्र के लोगों को अंधेरे में रात गुजारनी पड़ी। बिजली कर्मी शनिवार सुबह लाइन दुरुस्त करने में लगे।
इसके बाद इन इलाकों की आपूर्ति बहाल हो सकी। वहीं शनिवार सुबह 10 बजे करबला के पास होटल मैनेजमेंट संस्थान के पास 11 केवी की बिजली लाइन में चीड़ का विशाल पेड़ गिर गया। इससे लाइन क्षतिग्रस्त हो गई।
इसे कैंट क्षेत्र, दुगालखोला सहित अन्य इलाकों की बिजली बाधित हो गई। सूचना मिलने पर बिजली कर्मी मौके पर पहुंचे और लाइन दुरुस्त की। इस फीडर में दोपहर डेढ़ बजे बिजली आपूर्ति बहाल हो सकी।
बारिश के कारण नगर के मालरोड, मुख्य बाजार, लोअर मालरोड समेत अन्य इलाकों में ट्रांसफार्मरों में फ्यूज फटते रहे और लाइनों में खराबी आती रही। इसके कारण दिन में कई इलाकों में घंटों बिजली आपूर्ति ठप रही और लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
वहीं रानीखेत मार्ग में लक्ष्मेश्वर तिराहे के आगे सड़क में मलबा और पेड़ के गिरने के कारण दोपहर तीन बजे शटडाउन लिया गया। इस कारण पपरसैली, पांडेखोला समेत अन्य इलाकों की बिजली आपूर्ति तीन बजे से बंद रही।
देर शाम इन इलाकों की आपूर्ति सुचारु हुई। वहीं दिन में एलआर साह मार्ग पर चर्च के पास बिजली लाइन में फॉल्ट आने से एडम्स पंप हाउस की भी बिजली काफी देर तक गुल रही। इससे कई इलाकों को पानी की आपूर्ति पर असर पड़ा। हालांकि बाद में बिजली आपूर्ति बहाल होने पर पंपिंग शुरू हुई।
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लगातार हो रही बारिश से कोसी नदी का जल स्तर इन दिनों काफी बढ़ गया है। नदी का पानी गंदा होने और गाद आने से जल संस्थान को शुक्रवार सुबह 10 बजे से रात 10 बजे तक पंप बंद करने पड़े थे।
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इस कारण शुक्रवार को शहर की करीब दो तिहाई आबादी को पानी की आपूर्ति नहीं हो सकी थी। शुक्रवार रात नदी का पानी साफ होने पर रात्रि 10 बजे से जल संस्थान ने कोसी से शहर को पानी की पंपिंग शुरू की।
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इसके बाद शनिवार को जल संस्थान ने शहर के मोहल्लों में पानी की आपूर्ति की। हालांकि मोहल्लों में पानी खुलने का समय अनिश्चित रहा। वहीं एडम्स पंप हाउस को दिन में बिजली ठप रहने से एडम्स टैंक से लाभान्वित होने वाले इलाकों में पानी की आपूर्ति नहीं हो सकी। पांच घंटे बाद बिजली बहाल होने पर एडम्स टैंक से पानी की आपूर्ति की गई।
रानीखेत के गांवों में पानी की किल्लत
रानीखेत (अल्मोड़ा)। ताड़ीखेत क्षेत्र की 38 ग्राम सभाओं में पानी की आपूर्ति करने वाली गगास पेयजल पंपिंग योजना में पिछले तीन दिन से पानी नहीं आ रहा है। इस कारण ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
चिलियानौला, गनियाद्योली, ताड़ीखेत आदि स्थानों पर पिछले तीन दिनों से इस योजना का पानी नहीं पहुंच रहा। हालांकि तिपौला पेयजल योजना से कुछ राहत है, लेकिन आपूर्ति न होने से ग्रामीण परेशान हैं।
ताड़ीखेत-गगास पेयजल योजना का निर्माण 1970 के दशक में हुआ था, तब से इस योजना का पुनर्गठन नहीं हुआ है। योजना से 80 प्रतिशत पानी सेना को जाता है, शेष 20 प्रतिशत पानी से 38 ग्राम सभाओं की आपूर्ति की जाती है।
पानी कम होने से आए दिन ग्रामीण परेशान रहते हैं। दो साल पूर्व तिपौला पेयजल पंपिंग योजना बनी, इससे हालांकि ग्रामीणों को कुछ राहत मिली है, लेकिन योजना जल संस्थान को हस्तांतरित नहीं हुई है।
इस कारण अधिकतर ग्रामीणों को इस योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। तीन दिन से बारिश हो रही है, ग्रामीणों की आपूर्ति न हो पाने के कारण वह काफी परेशान हैं। कई गांवों में आठ से 15 दिन में पानी खुल रहा है तो कहीं तीन दिन बाद भी पानी मयस्सर नहीं है।
तिपौला पेयजल पंपिंग योजना से भी गंदा पानी आने की शिकायतें कई बार आ रहीं हैं। ग्रामीणों का कहना है कि नियमित आपूर्ति न होने से भारी दिक्कतें हो रही हैं। कई दिनों तक पानी नहीं आता। बिल का भुगतान पूरा लिया जाता है। यदि नियमित आपूर्ति नहीं हुई तो बिल का भुगतान नहीं किया जाएगा।
गगास नदी पर डैम बन रहा है। डैम की पूरी सिल्ट नदी में बह रही है, जिस कारण पंपिंग में दिक्कतें हो रहीं हैं। तिपौला योजना में कई खामियां हैं। वह जल संस्थान को हस्तांतरित भी नहीं हुई है। राहत के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में टैंकरों से आपूर्ति की जा रही है।
-सुरेश ठाकुर, अधिशासी अभियंता, जल संस्थान रानीखेत।
बारिश से बिजली लाइनों में पेड़ गिरे, कई स्थानों पर बिजली गुल
अल्मोड़ा। लगातार हो रही बारिश बिजली आपूर्ति पर भी भारी पड़ी है। शुक्रवार शाम चीनाखान में 11 केवी की बिजली लाइन में चीड़ का पेड़ गिरने से धारानौला, चीनाखान, मकेड़ी आदि इलाकों के लोगों को पूरी रात अंधेरे में गुजारनी पड़ी।
वहीं शनिवार सुबह होटल मैनेजमेंट संस्थान के पास 11 केवी की लाइन में चीड़ का बड़ा पेड़ गिरने से लाइन क्षतिग्रस्त हो गई। इससे कई इलाकों की बिजली घंटों गुल रही। लाइनों में खराबी आने से कई मोहल्लों में बिजली आपूर्ति बाधित होती रही।
शुक्रवार शाम करीब सात बजे चीनाखान में 11 केवी की लाइन में चीड़ का पेड़ गिर गया। इस कारण चीनाखान, मकेड़ी, धारानौला समेत आसपास के इलाकों की बिजली गुल हो गई। क्षेत्र के लोगों को अंधेरे में रात गुजारनी पड़ी। बिजली कर्मी शनिवार सुबह लाइन दुरुस्त करने में लगे।
इसके बाद इन इलाकों की आपूर्ति बहाल हो सकी। वहीं शनिवार सुबह 10 बजे करबला के पास होटल मैनेजमेंट संस्थान के पास 11 केवी की बिजली लाइन में चीड़ का विशाल पेड़ गिर गया। इससे लाइन क्षतिग्रस्त हो गई।
इसे कैंट क्षेत्र, दुगालखोला सहित अन्य इलाकों की बिजली बाधित हो गई। सूचना मिलने पर बिजली कर्मी मौके पर पहुंचे और लाइन दुरुस्त की। इस फीडर में दोपहर डेढ़ बजे बिजली आपूर्ति बहाल हो सकी।
बारिश के कारण नगर के मालरोड, मुख्य बाजार, लोअर मालरोड समेत अन्य इलाकों में ट्रांसफार्मरों में फ्यूज फटते रहे और लाइनों में खराबी आती रही। इसके कारण दिन में कई इलाकों में घंटों बिजली आपूर्ति ठप रही और लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
वहीं रानीखेत मार्ग में लक्ष्मेश्वर तिराहे के आगे सड़क में मलबा और पेड़ के गिरने के कारण दोपहर तीन बजे शटडाउन लिया गया। इस कारण पपरसैली, पांडेखोला समेत अन्य इलाकों की बिजली आपूर्ति तीन बजे से बंद रही।
देर शाम इन इलाकों की आपूर्ति सुचारु हुई। वहीं दिन में एलआर साह मार्ग पर चर्च के पास बिजली लाइन में फॉल्ट आने से एडम्स पंप हाउस की भी बिजली काफी देर तक गुल रही। इससे कई इलाकों को पानी की आपूर्ति पर असर पड़ा। हालांकि बाद में बिजली आपूर्ति बहाल होने पर पंपिंग शुरू हुई।