{"_id":"626ec7fb32bced111c141755","slug":"water-crisis-at-dwarahat-ranikhet-news-hld461257572","type":"story","status":"publish","title_hn":"बीटीकेआईटी से जुड़े आधे दर्जन से अधिक गांवों में भारी पेयजल संकट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बीटीकेआईटी से जुड़े आधे दर्जन से अधिक गांवों में भारी पेयजल संकट
विज्ञापन
भौरा डढुली में हैंडपंप पर अपनी बारी का इंतजार करते ग्रामीण। संवाद
- फोटो : RANIKHET
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
द्वाराहाट (अल्मोड़ा)। बीटीकेआईटी से संचालित पेयजल योजना से जुड़े भौंरा, डढोली, धरमगांव, मायापुरी, अस्पताल, गौंचर आदि क्षेत्र पेयजल समस्या से त्रस्त हैं। ग्रामीणों ने जेई पर तमाम आरोप लगाए और कहा कि वितरण व्यवस्था ठीक नहीं है। आए दिन पेयजल संकट से जूझ रहे भौंरा गांव के लोगों ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर स्थानीय जल संस्थान के जेई को तत्काल द्वाराहाट से अन्यत्र स्थानांतरित करने की मांग उठाई है।
सामाजिक कार्यकर्ता नारायण सिंह रावत ने कहा कि जेई की कार्यप्रणाली से ग्रामीण परेशान हैं। पिछले सात सालों से जेई द्वाराहाट में रहकर पक्षपात और वित्तीय अनियमितताओं में लिप्त हैं। ग्रामीणों ने कई बार उच्चाधिकारियों को भी इस मामले की सूचना दी लेकिन ईई अपने जेई का ही पक्ष ले रहे हैं। उन्हें जनसरोकारों से कोई लेना देना नहीं है। जनप्रतिनिधियों की सुनने के बजाए वह उल्टा ग्रामीणों को ही धमकाते हैं और कहते हैं कि जेई कहीं नहीं जाएगा, तुम्हारे बस में आंदोलन करना है तो करते रहो। भौरा गांव में लोगों से बिल एक माह का लिया जाता है. लेकिन पानी एक हफ्ते में एक बार आता है। ग्रामीणों ने कहा है कि शीघ्र यदि जेई का स्थानांतरण नहीं किया गया तो 26 मई से ब्लाक मुख्यालय में आहूत क्षेत्र पंचायत समिति बैठक में जल संस्थान के अधिकारियों का घेराव किया जाएगा। ज्ञापन भेजने वालों में सुरेंद्र रावत, किशन बजेठा, ग्राम प्रधान कमल किशोर आर्य, देव सिंह रावत, राम सिंह, विक्रम सिंह रावत, शांति देवी, यशोदा देवी, गंगा देवी, दीपा देवी, संजय सिंह नेगी, राजेंद्र सिंह आदि शामिल रहे।
एक आदमी के कहने पर कर्मचारियों को स्थानांतरण करना ठीक नहीं है। पूरा डिवीजन चलाना है, स्टाफ की भारी कमी है। अभी जेई का स्थानांतरण नहीं होगा। गर्मी और बरसात में विभाग स्थानांतरण नहीं करता। अक्तूबर के बाद स्थानांतरण की कार्रवाई होगी।
विज्ञापन
-सुरेश ठाकुर, ईई, जल संस्थान रानीखेत।
विज्ञापन
सामाजिक कार्यकर्ता नारायण सिंह रावत ने कहा कि जेई की कार्यप्रणाली से ग्रामीण परेशान हैं। पिछले सात सालों से जेई द्वाराहाट में रहकर पक्षपात और वित्तीय अनियमितताओं में लिप्त हैं। ग्रामीणों ने कई बार उच्चाधिकारियों को भी इस मामले की सूचना दी लेकिन ईई अपने जेई का ही पक्ष ले रहे हैं। उन्हें जनसरोकारों से कोई लेना देना नहीं है। जनप्रतिनिधियों की सुनने के बजाए वह उल्टा ग्रामीणों को ही धमकाते हैं और कहते हैं कि जेई कहीं नहीं जाएगा, तुम्हारे बस में आंदोलन करना है तो करते रहो। भौरा गांव में लोगों से बिल एक माह का लिया जाता है. लेकिन पानी एक हफ्ते में एक बार आता है। ग्रामीणों ने कहा है कि शीघ्र यदि जेई का स्थानांतरण नहीं किया गया तो 26 मई से ब्लाक मुख्यालय में आहूत क्षेत्र पंचायत समिति बैठक में जल संस्थान के अधिकारियों का घेराव किया जाएगा। ज्ञापन भेजने वालों में सुरेंद्र रावत, किशन बजेठा, ग्राम प्रधान कमल किशोर आर्य, देव सिंह रावत, राम सिंह, विक्रम सिंह रावत, शांति देवी, यशोदा देवी, गंगा देवी, दीपा देवी, संजय सिंह नेगी, राजेंद्र सिंह आदि शामिल रहे।
विज्ञापन
एक आदमी के कहने पर कर्मचारियों को स्थानांतरण करना ठीक नहीं है। पूरा डिवीजन चलाना है, स्टाफ की भारी कमी है। अभी जेई का स्थानांतरण नहीं होगा। गर्मी और बरसात में विभाग स्थानांतरण नहीं करता। अक्तूबर के बाद स्थानांतरण की कार्रवाई होगी।
विज्ञापन
-सुरेश ठाकुर, ईई, जल संस्थान रानीखेत।