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नलों में पानी की बूंद तलाश रहे ग्रामीण
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लमगड़ा ब्लाक में एक किमी दूर से पानी लाती छड़ौजा की महिलाएं।
- फोटो : ALMORA
रानीखेत (अल्मोड़ा)। रानीखेत क्षेत्र के गांवों में पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है। ताड़ीखेत विकासखंड के ताड़ीखेत, लछीना, पथुली, डौरब, पांडेकोटा, सिमोली, धमाईजर, दियारी सहित तमाम इलाकों में लंबे समय से पानी की पर्याप्त आपूर्ति नहीं हो पा रही है। धमाईजर, दियारी आदि गांवों में संयुक्त मजिस्ट्रेट भी निरीक्षण भी कर चुकी हैं, लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं हो सका है। दूसरी तरफ पारंपरिक जल स्रोतों का स्तर भी निरंतर गिर रहा है। हालांकि जल संस्थान ने दो किराए के वाहनों से पानी वितरित कर रहा है, लेकिन यह भी पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाएं सार्वजनिक स्टेंड पोस्टों पर पानी की बूंदें तलाश रही हैं।
मजखाली क्षेत्र में जल संकट दूर नहीं हो सका है। नैनी-जाना पेयजल योजना से यहां आपूर्ति होती है, लेकिन योजना का अभी तक पुनर्गठन नहीं हो सका है। इस कारण आए दिन पाइपलाइन फट रही हैं। तीन दिन पहले भी यहां पाइपलाइन फट गई थी, हालांकि जल संस्थान ने पैबंद लगाकर पाइपलाइन को ठीक कर दिया है। अब स्रोत में पानी का अभाव आड़े आने लगा है। सामाजिक कार्यकर्ता एनएस अधिकारी ने बताया कि पर्याप्त आपूर्ति नहीं हो पा रही है। पंपिंग भी कम हो रही है। जिस स्थल से योजना बनी है, वहां पानी को एकत्रित करने की जरूरत है, इससे पानी की मात्रा बढ़ेगी और आपूर्ति सुचारु हो सकेगी। जल संस्थान के अवर अभियंता केएल साह ने बताया कि पेयजल योजनाओं का जल स्तर गिर रहा है, जिससे दिक्कतें हो रही हैं। संकटग्रस्त स्थानों पर टैंकरों से आपूर्ति की जाएगी। द्वाराहाट में खीरो नदी से बनी कमलघाट पंपिंग पेयजल योजना से पिछले कई दिनों से आपूर्ति नहीं पा रही है। इस योजना से जुड़े लगभग 150 परिवार पेयजल को लेकर खासे परेशान हैं। जल संस्थान द्वारा बनाई गई व्यवस्था भी नाकाफी साबित हो रही है।
नगर के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट गहराया
अल्मोड़ा। गरमी का मौसम शुरू होने के साथ ही पानी के संकट से जनता को जूझना पड़ रहा है। नगर में जहां लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है वहीं ग्रामीण इलाकों में लोग जल संकट से जूझ रहे है। काफी दूर स्थित स्रोतों से लोग पानी लाने को मजबूर हैं। पानी की व्यवस्था करने में भी लोगों को काफी समय बरबाद हो रहा है। इससे लोगों में विभाग के प्रति आक्रोश व्याप्त है।
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नगर के मालरोड, लाला बाजार, कचहरी बाजार, मकेड़ी, चीनाखान आदि इलाकों में लोगों को जरूरत के मुताबिक पानी नहीं मिल पा रहा है। वहीं पानी खुलने का समय भी अनियमित है। इससे नौकरी पेशा, व्यापारियों और छात्र-छात्राओं को परेशानी का सामना करना पड़ता है। वहीं हवालबाग विकासखंड के कनेली, ज्योली, धुरसों समेत कई गांवों के अलावा लमगड़ा कस्बे और आसपास के गांवों में पिछले काफी समय से जल संकट हुआ हुआ है। जलना, छड़ौजा, पौधार आदि इलाकों में लोग पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। छड़ौजा के लोगों को करीब एक किमी दूर स्थित जल स्रोत से पानी लाना पड़ रहा है। हालांकि जल संस्थान सड़क से लगे इलाकों में टैंकरों से पानी उपलब्ध करा रहा है, लेकिन सड़क से दूरी पर स्थित गांवों में लोगों को गंभीर पेयजल संकट से जूझना पड़ रहा है।
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मजखाली क्षेत्र में जल संकट दूर नहीं हो सका है। नैनी-जाना पेयजल योजना से यहां आपूर्ति होती है, लेकिन योजना का अभी तक पुनर्गठन नहीं हो सका है। इस कारण आए दिन पाइपलाइन फट रही हैं। तीन दिन पहले भी यहां पाइपलाइन फट गई थी, हालांकि जल संस्थान ने पैबंद लगाकर पाइपलाइन को ठीक कर दिया है। अब स्रोत में पानी का अभाव आड़े आने लगा है। सामाजिक कार्यकर्ता एनएस अधिकारी ने बताया कि पर्याप्त आपूर्ति नहीं हो पा रही है। पंपिंग भी कम हो रही है। जिस स्थल से योजना बनी है, वहां पानी को एकत्रित करने की जरूरत है, इससे पानी की मात्रा बढ़ेगी और आपूर्ति सुचारु हो सकेगी। जल संस्थान के अवर अभियंता केएल साह ने बताया कि पेयजल योजनाओं का जल स्तर गिर रहा है, जिससे दिक्कतें हो रही हैं। संकटग्रस्त स्थानों पर टैंकरों से आपूर्ति की जाएगी। द्वाराहाट में खीरो नदी से बनी कमलघाट पंपिंग पेयजल योजना से पिछले कई दिनों से आपूर्ति नहीं पा रही है। इस योजना से जुड़े लगभग 150 परिवार पेयजल को लेकर खासे परेशान हैं। जल संस्थान द्वारा बनाई गई व्यवस्था भी नाकाफी साबित हो रही है।
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नगर के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट गहराया
अल्मोड़ा। गरमी का मौसम शुरू होने के साथ ही पानी के संकट से जनता को जूझना पड़ रहा है। नगर में जहां लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है वहीं ग्रामीण इलाकों में लोग जल संकट से जूझ रहे है। काफी दूर स्थित स्रोतों से लोग पानी लाने को मजबूर हैं। पानी की व्यवस्था करने में भी लोगों को काफी समय बरबाद हो रहा है। इससे लोगों में विभाग के प्रति आक्रोश व्याप्त है।
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नगर के मालरोड, लाला बाजार, कचहरी बाजार, मकेड़ी, चीनाखान आदि इलाकों में लोगों को जरूरत के मुताबिक पानी नहीं मिल पा रहा है। वहीं पानी खुलने का समय भी अनियमित है। इससे नौकरी पेशा, व्यापारियों और छात्र-छात्राओं को परेशानी का सामना करना पड़ता है। वहीं हवालबाग विकासखंड के कनेली, ज्योली, धुरसों समेत कई गांवों के अलावा लमगड़ा कस्बे और आसपास के गांवों में पिछले काफी समय से जल संकट हुआ हुआ है। जलना, छड़ौजा, पौधार आदि इलाकों में लोग पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। छड़ौजा के लोगों को करीब एक किमी दूर स्थित जल स्रोत से पानी लाना पड़ रहा है। हालांकि जल संस्थान सड़क से लगे इलाकों में टैंकरों से पानी उपलब्ध करा रहा है, लेकिन सड़क से दूरी पर स्थित गांवों में लोगों को गंभीर पेयजल संकट से जूझना पड़ रहा है।