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शशिखाल और तहसील चौक के ग्रामीणों का तहसील मुख्यालय में प्रदर्शन
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मौलेखाल (अल्मोड़ा)। सल्ट ब्लॉक के शशिखाल और तहसील चौक क्षेत्र में पिछले चार दिन से पानी की आपूर्ति ठप है। इससे गुस्साए ग्रामीणों ने सोमवार को तहसील कार्यालय प्रांगण में धरना दिया। उन्होंने जमकर नारेबाजी भी की। शीघ्र जलापूर्ति सुचारू नहीं होने पर सात जनवरी से तहसील परिसर में धरना प्रदर्शन के साथ अनशन शुरू करने की धमकी दी है।
धरना स्थल पर वक्ताओं ने कहा कि गुलार-करगेत योजना की पाइप लाइन क्षतिग्रस्त होने से क्षेत्र में पिछले चार दिन से पानी नहीं आ रहा है। काफी साल पुरानी यह योजना जीर्ण-शीर्ण स्थिति में है। उन्होंने कहा कि कोटेश्वर-शशिखाल पंपिंग पेयजल योजना शशिखाल के नाम से बनाई गई पर शशिखाल और आसपास के इलाकों के लोगों को एक साल से अधिक समय से इस योजना से पानी नहीं मिल रहा है, जबकि अन्य गांवों को इस योजना से पानी दिया जा रहा है। ठंड में ग्रामीणों को दो से पांच किमी दूर से पानी लाना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने शशिखाल-कोटेश्वर पंपिंग योजना से भी शशिखाल और तहसील चौक के लोगों को पानी देने की मांग की है।
ग्रामीण तीन घंटे तक तहसील प्रांगण में धरने पर डटे रहे। बाद में प्रदर्शनकारियों की उप जिलाधिकारी शिप्रा जोशी से वार्ता हुई। एसडीएम ने शीघ्र पेयजल समस्या के समाधान का आश्वासन दिया, जिसके बाद ग्रामीणों ने धरना समाप्त कर दिया। जल संस्थान के अवर अभियंता महिप शर्मा ने भी ग्रामीणों को सुचारू पेयजल आपूर्ति का भरोसा दिया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द पेयजल आपूर्ति बहाल नहीं हुई तो सात जनवरी से तहसील परिसर में धरना और अनशन शुरू कर दिया जाएगा। प्रदर्शन में गोविंद बल्लभ उपाध्याय, अर्जुन सिंह रावत, नंदलाल वर्मा, शंकर रावत, सुरेंद्र सिंह रावत, बलवंत रावत, प्रहलाद सिंह नेगी, केशवदत्त शर्मा, संजय रावत, सुंदर सिंह रावत, गिरीश रावत, मनीष रावत, मनोज दत्त, नरेंद्र सिंह, मोहित गोयल, इंद्र सिंह आदि शामिल थेे।
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धरना स्थल पर वक्ताओं ने कहा कि गुलार-करगेत योजना की पाइप लाइन क्षतिग्रस्त होने से क्षेत्र में पिछले चार दिन से पानी नहीं आ रहा है। काफी साल पुरानी यह योजना जीर्ण-शीर्ण स्थिति में है। उन्होंने कहा कि कोटेश्वर-शशिखाल पंपिंग पेयजल योजना शशिखाल के नाम से बनाई गई पर शशिखाल और आसपास के इलाकों के लोगों को एक साल से अधिक समय से इस योजना से पानी नहीं मिल रहा है, जबकि अन्य गांवों को इस योजना से पानी दिया जा रहा है। ठंड में ग्रामीणों को दो से पांच किमी दूर से पानी लाना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने शशिखाल-कोटेश्वर पंपिंग योजना से भी शशिखाल और तहसील चौक के लोगों को पानी देने की मांग की है।
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ग्रामीण तीन घंटे तक तहसील प्रांगण में धरने पर डटे रहे। बाद में प्रदर्शनकारियों की उप जिलाधिकारी शिप्रा जोशी से वार्ता हुई। एसडीएम ने शीघ्र पेयजल समस्या के समाधान का आश्वासन दिया, जिसके बाद ग्रामीणों ने धरना समाप्त कर दिया। जल संस्थान के अवर अभियंता महिप शर्मा ने भी ग्रामीणों को सुचारू पेयजल आपूर्ति का भरोसा दिया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द पेयजल आपूर्ति बहाल नहीं हुई तो सात जनवरी से तहसील परिसर में धरना और अनशन शुरू कर दिया जाएगा। प्रदर्शन में गोविंद बल्लभ उपाध्याय, अर्जुन सिंह रावत, नंदलाल वर्मा, शंकर रावत, सुरेंद्र सिंह रावत, बलवंत रावत, प्रहलाद सिंह नेगी, केशवदत्त शर्मा, संजय रावत, सुंदर सिंह रावत, गिरीश रावत, मनीष रावत, मनोज दत्त, नरेंद्र सिंह, मोहित गोयल, इंद्र सिंह आदि शामिल थेे।
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