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ग्रामीणों ने जल संस्थान के कार्यालय में ताले ठोके
Fri, 24 May 2019 11:27 PM IST
दीपक नेगी
मौलेखाल(अल्मोड़ा)।
मौलेखाल(अल्मोड़ा)।
Published by: दीपक नेगी
Updated Fri, 24 May 2019 11:27 PM IST
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झिमार पेयजल योजना को लेकर जल संस्थान कार्यालय में तालाबंदी करते ग्रामीण।
- फोटो : amar ujala
झिमार पेयजल योजना से ग्रामीणों को पिछले एक सप्ताह से पानी नहीं मिल रहा है। जल संकट से परेशान ग्रामीणों ने शुक्रवार को जल संस्थान कार्यालय पहुंचकर तालाबंदी कर दी। दोपहर बाद जेई के पहुंचने पर ग्रामीणों ताला खोला। उन्होंने जल्द पानी की आपूर्ति सुचारु न करने पर उग्र आंदोलन करने की चेतावनी दी है। इधर सल्ट में जल स्रोत सूखने से क्षेत्र के करीब एक दर्जन गांव प्रभावित हो गए हैं।
झीमार गांव के ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले एक हफ्ते से क्षेत्र में पानी नहीं आ रहा है। ग्रामीण हर रोज शिकायत के लिए जल संस्थान के कार्यालय पहुंच रहे लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। शुक्रवार को आक्रोशित ग्रामीण सुबह जल संस्थान कार्यालय पहुंच गए। कार्यालय में जेई न होने से ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ गया। उन्होंने जल संस्थान कार्यालय में तालाबंदी कर दी। दोपहर बाद जेई गौरव कुमार आर्या के आने के बाद ग्रामीणों ने कार्यालय का ताला खोला और रोष जताया। ग्रामीणों ने जेई को बताया कि झिमार पेयजल योजना से जुड़े गांव में पिछले एक हफ्ते से गांव में पानी की किल्लत बनी हुई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि झिमार के जल स्रोत पर अवैध रूप से टैंक भी बनाया गया है। उन्होंने टैंक तोड़कर वहां चैंबर बनाने और पेयजल लाइन गांव से जोड़ने की मांग की। बाद में जेई के आश्वासन के बाद ग्रामीण घरों को लौट गए। प्रदर्शन करने वालों में नारायण सिंह रावत, मनोज कुमार, पुष्कर शर्मा, बिशन दत्त, रमेश कुमार, रामसिंह, तुलसी देवी, राधा देवी आदि शामिल थे। इधर सल्ट में जल स्रोत सूखने से मौलेखाल, जाललीखान, शशीखाल, कपराढैय्या, देवालय, दौला, कटलिया, चनौला, खुमाड़, पैसिया आदि गांव पानी की किल्लत से जूझ रहे हैं। ग्रामीणों को पानी के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ रही है।
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झीमार गांव के ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले एक हफ्ते से क्षेत्र में पानी नहीं आ रहा है। ग्रामीण हर रोज शिकायत के लिए जल संस्थान के कार्यालय पहुंच रहे लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। शुक्रवार को आक्रोशित ग्रामीण सुबह जल संस्थान कार्यालय पहुंच गए। कार्यालय में जेई न होने से ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ गया। उन्होंने जल संस्थान कार्यालय में तालाबंदी कर दी। दोपहर बाद जेई गौरव कुमार आर्या के आने के बाद ग्रामीणों ने कार्यालय का ताला खोला और रोष जताया। ग्रामीणों ने जेई को बताया कि झिमार पेयजल योजना से जुड़े गांव में पिछले एक हफ्ते से गांव में पानी की किल्लत बनी हुई है।
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उन्होंने आरोप लगाया कि झिमार के जल स्रोत पर अवैध रूप से टैंक भी बनाया गया है। उन्होंने टैंक तोड़कर वहां चैंबर बनाने और पेयजल लाइन गांव से जोड़ने की मांग की। बाद में जेई के आश्वासन के बाद ग्रामीण घरों को लौट गए। प्रदर्शन करने वालों में नारायण सिंह रावत, मनोज कुमार, पुष्कर शर्मा, बिशन दत्त, रमेश कुमार, रामसिंह, तुलसी देवी, राधा देवी आदि शामिल थे। इधर सल्ट में जल स्रोत सूखने से मौलेखाल, जाललीखान, शशीखाल, कपराढैय्या, देवालय, दौला, कटलिया, चनौला, खुमाड़, पैसिया आदि गांव पानी की किल्लत से जूझ रहे हैं। ग्रामीणों को पानी के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ रही है।
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