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वसंत पंचमी: नगर के बाजार पीले परिधानों से सजे
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अल्मोड़ा में एक दुकान से पीले रूमाल खरीदती महिलाएं।
- फोटो : ALMORA
अल्मोड़ा। वसंत पंचमी का पर्व नजदीक आते ही अल्मोड़ा शहर की बाजारें पीले रुमालों से सज गई हैं। दुकानों में पीले रुमाल, पीली साड़ियां और बच्चों के कपड़े अलग-अलग कीमतों में मिल रहे हैं। वसंत पंचमी के लिए महिलाओं ने खरीदारी भी शुरू कर दी है। लोग वसंत पंचमी की तैयारियों में जुट गए हैं। बच्चे भी इस पर्व का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
वसंत पंचमी का त्योहार प्रति वर्ष माघ शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है। कुमाऊं में यह पर्व धूमधाम से मनाया जाता है। इस बार वसंत पंचमी 16 फरवरी को है। वसंत पंचमी का पर्व नजदीक आते ही नगर के लाला बाजार, चौक बाजार, कचहरी बाजार, कारखाना बाजार में दुकानें पीले रुमालों से सजी हैं। रेडीमेड कपड़ों की दुकानों में भी बच्चों के पीले परिधान, साड़ियां अन्य कपड़े सजे हैं। बाजार में पीले रुमाल पांच से 15 रुपये की कीमत में बिक रहे हैं।
शुक्रवार को बाजार में महिलाओं ने पीले रुमाल और अन्य पूजन सामग्री की खरीदारी की। वसंत पंचमी के दिन से प्रकृति में निखार आने लगता है। खेतों में पीली सरसों खिलने लगती है। इस दिन से वसंत ऋतु की शुरुआत मानी जाती है। वसंत पंचमी के दिन पीले रंग के वस्त्र ही पहनने की परंपरा है। बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती की विधि विधान से पूजा की जाती है।
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वसंत पंचमी का त्योहार प्रति वर्ष माघ शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है। कुमाऊं में यह पर्व धूमधाम से मनाया जाता है। इस बार वसंत पंचमी 16 फरवरी को है। वसंत पंचमी का पर्व नजदीक आते ही नगर के लाला बाजार, चौक बाजार, कचहरी बाजार, कारखाना बाजार में दुकानें पीले रुमालों से सजी हैं। रेडीमेड कपड़ों की दुकानों में भी बच्चों के पीले परिधान, साड़ियां अन्य कपड़े सजे हैं। बाजार में पीले रुमाल पांच से 15 रुपये की कीमत में बिक रहे हैं।
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शुक्रवार को बाजार में महिलाओं ने पीले रुमाल और अन्य पूजन सामग्री की खरीदारी की। वसंत पंचमी के दिन से प्रकृति में निखार आने लगता है। खेतों में पीली सरसों खिलने लगती है। इस दिन से वसंत ऋतु की शुरुआत मानी जाती है। वसंत पंचमी के दिन पीले रंग के वस्त्र ही पहनने की परंपरा है। बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती की विधि विधान से पूजा की जाती है।
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