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तेज बारिश और हवा: अंधड़ ने गिराए पेड़, एनएच समेत कई मार्गों पर थमी आवाजाही...यात्री परेशान; बिजली भी रही गुल

Fri, 21 Jun 2024 11:31 AM IST
हीरा मेहरा अमर उजाला नेटवर्क, अल्मोड़ा
अमर उजाला नेटवर्क, अल्मोड़ा Published by: हीरा मेहरा Updated Fri, 21 Jun 2024 11:31 AM IST
सार

अल्मोड़ा-पिथौरागढ़ एनएच पर फलसीमा के पास पेड़ गिर गया और आवाजाही ठप हो गई। सूचना के बाद मौके पर पहुंची फायर सर्विस की टीम ने पेड़ हटाया। डेढ़ घंटे बाद आवाजाही शुरू होने से सभी ने राहत महसूस की।
 

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Traffic on various roads came to a standstill due to falling of trees due to the storm in almora
अंधड़ ने गिराए पेड़ - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मौसम के बदले मिजाज ने जहां लोगों को गर्मी से राहत पहुंचाई तो अंधड़ से जगह-जगह पेड़ गिरने से जनजीवन प्रभावित रहा। पेड़ गिरने से अल्मोड़ा-पिथौरागढ़ एनएच सहित करबला-अल्मोड़ा सड़क बंद रही। सड़क पर जाम लगा रहा और यात्री घंटों फंसे रहे। वहीं, लाइन पर पेड़ गिरने से दौलाघाट, जागेश्वर, भिकियासैंण, धौलादेवी सहित आधे नगर में बिजली आपूर्ति ठप रही।
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जिले के विभिन्न हिस्सों में बुधवार को अंधड़ से पेड़ गिरने से विभिन्न सड़कों पर आवाजाही थम गई। अल्मोड़ा-पिथौरागढ़ एनएच पर फलसीमा के पास पेड़ गिर गया और आवाजाही ठप हो गई। सूचना के बाद मौके पर पहुंची फायर सर्विस की टीम ने पेड़ हटाया। डेढ़ घंटे बाद आवाजाही शुरू होने से सभी ने राहत महसूस की।
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वहीं, करबला से अल्मोड़ा नगर को जोड़ने वाली सड़क पर पेड़ गिरने से आवाजाही ठप रही। एक घंटे बाद फायर सर्विस की टीम ने पेड़ हटाकर आवाजाही शुरू कराई। पेड़ गिरने से नगर के माल रोड, चीनाखान के साथ ही जिले के धौलादेवी, दौलाघाट, जागेश्वर, मनान सहित अन्य हिस्सों में बिजली आपूर्ति ठप रही। यूपीसीएल की टीम ने मौके पर पहुंचकर किसी तरह पेड़ हटाकर एक से दो घंटे बाद बिजली आपूर्ति बहाल की। हालांकि जिले के विभिन्न हिस्सों में बारिश होने से लोगों को गर्मी से राहत मिली।
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रानीखेत में सर्वाधिक बारिश
आपदा प्रबंधन विभाग के मुताबिक अल्मोड़ा में 5.6, रानीखेत में 12, चौखुटिया में दो, सोमेश्वर में आठ, भिकियासैंण में 7.5, ताकुला में एक, सल्ट में तीन एमएम बारिश रिकार्ड की गई। बारिश के बाद अधिकतम तापमान में चार डिग्री की गिरावट आई है। बीते बुधवार जिले का अधिकतम तापमान 34, न्यूनतम 20 डिग्री था। बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 30 और न्यूनतम तापमान 18 डिग्री रिकार्ड किया गया।

धौलादेवी के महरा गांव में पेड़ गिरने से पंचायत घर क्षतिग्रस्त
धौलादेवी विकासखंड के महरा गांव में अंधड़ से पेड़ गिरने से पंचायत घर क्षतिग्रस्त हो गया। छत और दीवारें ध्वस्त होने से पंचायत घर के भीतर रखा सामान बर्बाद हो गया। ग्राम प्रधान सुरेश चंद्र जोशी ने बताया कि बृहस्पतिवार को राजस्व उपनिरीक्षक मनोज पेटशाली ने मौके पर पहुंचकर नुकसान का आकलन किया।

दन्यां में 22 घंटे रही बिजली गुल
लाइन में पेड़ गिरने से बुधवार देर शाम पांच बजे दन्या क्षेत्र की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। क्षेत्र की पांच हजार से अधिक की आबादी बिजली का इंतजार करती रही लेकिन निराशा हाथ लगी। खराबी को दूर नहीं किया जा सका। टीम ने दूसरे दिन बृहस्पतिवार शाम तीन बजे बिजली आपूर्ति बहाल कर लोगों को राहत पहुंचाई।
 

रानीखेत उप जिला चिकित्सालय की आवासीय कॉलोनी में गिरा पेड़
रानीखेत उप जिला चिकित्सालय की आवासीय कॉलोनी में बीते बुधवार देर शाम अंधड़ से चीड़ का विशालकाय पेड़ गिर गया। संयोग से पेड़ कॉलोनी के दूसरी तरफ गिरा, इससे बड़ी घटना होने से बच गई। चिकित्सकों का कहना है कि 10 दिन पूर्व ही खतरा बने पेड़ों को हटाने के लिए वन विभाग को पत्र दिया था, लेकिन कोई संज्ञान नहीं लिया गया। पेड़ गिरने से बाईपास सड़क पर आवाजाही ठप रही। कोई वाहन इसकी चपेट में नहीं आया नहीं तो बड़ी घटना हो सकती थी। सड़क के दोनों तरफ सेना और यात्री वाहन फंसे रहे। फायर सर्विस की टीम ने मौके पर पहुंचकर दो घंटे बाद पेड़ हटाकर आवाजाही शुरू कराई।

पूर्व में पेड़ गिरने से एक व्यक्ति की मौत हुई थी
रानीखेत नगर में उर्स मेले के दौरान पेड़ गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। साथ ही कई अन्य घायल हो गए थे। वन विभाग ने इस घटना से सबक न लेकर अब तक खतरा बने पेड़ों को नहीं हटाया है जो भविष्य में बड़ी घटना का कारण बन सकते हैं।

कई जगह कमजोर हो गए है पेड़
रानीखेत-हल्द्वानी, रानीखेत-रामनगर सहित रानीखेत-अल्मोड़ा हाईवे पर सड़क किनारे खड़े कई पेड़ जलकर कमजोर हो गए हैं। अंधड़ में इनके गिरने का खतरा बढ़ गया है। सबकुछ जानते हुए भी सरकारी तंत्र खतरा बने पेड़ों को न हटाकर किसी घटना का इंतजार कर रहा है।

पूर्व में मेरे आवास पर एक पेड़ गिरने से छत का एक हिस्सा टूट गया था। 10 दिन पूर्व खतरा बने कई पेड़ों को हटाने के लिए वन विभाग को पत्र लिखा गया था, लेकिन सार्थक पहल नहीं की गयी। संयोग से पेड़ विपरीत दिशा में गिरा अन्यथा बड़ी घटना हो सकती थी।
-डॉ. अशोक टम्टा, सर्जन, उप जिला चिकित्सालय, रानीखेत।

कोट- खतरा बने पेड़ों के बारे में संबंधित विभागों से जानकारी मांगी गई थी, लेकिन अब तक पेड़ हटाने संबंधी कोई आवेदन विभाग को नहीं मिला। आवेदन मिलेगा तो वन निगम के साथ मिलकर इन्हें हटाने की रणनीति बनाई जाएगी।
-दीपक सिंह, डीएफओ, अल्मोड़ा।

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