गहमाहमी ने लगाया पर्यटन नगरी की साख पर बट्टा
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रानीखेत (अल्मोड़ा)। पर्यटन नगरी देशी विदेशी सैलानियों से पैक चल रही है। नगर के होटल और रेस्ट हाउस में जगह नहीं है, ऐसे में नगर में पिछले तीन दिनों से लगातार चल रही गहमागहमी ने पर्यटन नगरी की साख पर बट्टा लगाने का काम किया है। दरअसल, एमएमएस प्रकरण को लेकर ग्रामीण तीन दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं, लोगों का कहना है कि पुलिस और प्रशासन यदि मामले में त्वरित कार्रवाई कर देता तो शायद यह नौबत नहीं आती। मुख्य बाजार में चक्का जाम, धरना प्रदर्शन और तमाम तरह की अराजकता को देखकर पर्यटक भी कड़वे अनुुुभव लेकर लौट रहे हैं।
नगर के निकटवर्ती गांव की एक किशोरी ने कथित एमएमएस वायरल होने के बाद जान दे दी। इससे गुस्साए ग्रामीण शुक्रवार से लगातार नगर में प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका कहना है कि एक आरोपी को ग्रामीणों ने पुलिस के हवाले कर दिया था, लेकिन पुलिस ने उसे भगा दिया, जबकि मामले की जांच रेगुलर पुलिस को हस्तांतरित करने की मांग की जा रही है, उस पर प्रशासन लगातार ग्रामीणों को गुमराह कर रहा है। उनके पास प्रदर्शन करने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं है। तीन दिनों से लगातार बाजार में चक्काजाम, धरना प्रदर्शन और बाजार बंद जैसी गतिविधियों को अंजाम दिया जा रहा है।
नारेबाजी के शोरगुल में पर्यटन नगरी पूरी तरह से समाई हुई है। लेकिन इसे शांत करने के लिए ठोस कदम तक नहीं उठाए जा रहे हैं। दूसरी तरफ नगर में पर्यटन सीजन चरम पर चल रहा है। सभी होटल पैक चल रहे हैं। पर्यटक बाजार में परिवार सहित खरीदारी के लिए पहुंच रहे हैं, लेकिन शोर शराबे को देखकर वह भी हैरान परेशान हैं। कई पर्यटकों का कहना था कि भैय्या क्या माजरा चल रहा है इन दिनों पर्यटन नगरी में।
रानीखेत। एमएमएस प्रकरण मामले के सभी आरोपियों की गिरफ्तारी करने, संपूर्ण मामले की उच्चस्तरीय जांच करने और संयुक्त मजिस्ट्रेट का स्थानांतरण करने की मांग को लेकर स्थानीय जनता ने संयुक्त ज्ञापन मुख्यमंत्री हरीश रावत को भेजा है। कहा है कि प्रशासन की कथित लापरवाही के कारण फरार आरोपी की अभी तक गिरफ्तारी नहीं हुई है। इस मामले को गंभीरता से लेने की मांग की गई है।