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पूर्ति विभाग में तेजी से चल रहा है राशनकार्ड ऑनलाइन का काम
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अल्मोड़ा। जिला पूर्ति विभाग में इन दिनों राशनकार्ड ऑनलाइन करने का काम चल रहा है। इसके लिए सभी ब्लॉकों से कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। अभी तक भैंसियाछाना, लमगड़ा, भिकियासैंण, धौलादेवी, हवालबाग, चौखुटिया और स्याल्दे ब्लॉक के कर्मचारियों को ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इसके अलावा लैपटॉप और पीओएस मशीन से भी खाद्यान्न वितरण के लिए गल्ला व्यापारियों को प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।
मालूम हो जिले में 925 सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानें हैं और अभी तक 741 दुकानों में लैपटॉप वितरण किया जा चुका है। इसके अलावा 559 गल्ला विक्रेताओं को बायोमैट्रिक डिवाइस भी दिए जा चुके हैं। इसके अलावा जिले में 145911 राशन कार्ड ऑनलाइन हैं और अब तक करीब 94 प्रतिशत राशन कार्ड आधार से लिंक हो चुके हैं। नवंबर अंत तक सभी राशन कार्ड आधार से लिंक किए जाने के निर्देश शासन से मिल चुके हैं। सभी आधार कार्ड ऑनलाइन होने और पीओएस मशीन का प्रशिक्षण पूरा होने के बाद उपभोक्ताओं का स्मार्ट कार्ड भी बनाया जाएगा और किसी भी गल्ले की दुकान से उपभोक्ता स्मार्ट कार्ड के माध्यम से राशन ले सकेंगे। इधर पूर्ति निरीक्षक नीरज बिष्ट ने बताया कि राशन कार्ड ऑनलाइन का काम और गल्ला व्यापारियों को पीओएस मशीन से खाद्यान्न वितरण के कार्य का प्रशिक्षण तेजी से चल रहा है। इसके अलावा प्रत्येक ब्लॉक से विभाग के पांच-पांच कर्मचारियों को भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जिनके राशन कार्ड ऑनलाइन नहीं हुए हैं वे परिवार के मुखिया की बैंक अकाउंट की पासबुक की फोटो कापी और यूनिट में चढ़े सभी सदस्यों के आधार की फोटो कापी लेकर संबंधित ब्लॉक कार्यालयों में संपर्क कर सकते हैं।
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मालूम हो जिले में 925 सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानें हैं और अभी तक 741 दुकानों में लैपटॉप वितरण किया जा चुका है। इसके अलावा 559 गल्ला विक्रेताओं को बायोमैट्रिक डिवाइस भी दिए जा चुके हैं। इसके अलावा जिले में 145911 राशन कार्ड ऑनलाइन हैं और अब तक करीब 94 प्रतिशत राशन कार्ड आधार से लिंक हो चुके हैं। नवंबर अंत तक सभी राशन कार्ड आधार से लिंक किए जाने के निर्देश शासन से मिल चुके हैं। सभी आधार कार्ड ऑनलाइन होने और पीओएस मशीन का प्रशिक्षण पूरा होने के बाद उपभोक्ताओं का स्मार्ट कार्ड भी बनाया जाएगा और किसी भी गल्ले की दुकान से उपभोक्ता स्मार्ट कार्ड के माध्यम से राशन ले सकेंगे। इधर पूर्ति निरीक्षक नीरज बिष्ट ने बताया कि राशन कार्ड ऑनलाइन का काम और गल्ला व्यापारियों को पीओएस मशीन से खाद्यान्न वितरण के कार्य का प्रशिक्षण तेजी से चल रहा है। इसके अलावा प्रत्येक ब्लॉक से विभाग के पांच-पांच कर्मचारियों को भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जिनके राशन कार्ड ऑनलाइन नहीं हुए हैं वे परिवार के मुखिया की बैंक अकाउंट की पासबुक की फोटो कापी और यूनिट में चढ़े सभी सदस्यों के आधार की फोटो कापी लेकर संबंधित ब्लॉक कार्यालयों में संपर्क कर सकते हैं।
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