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Almora News: डायट में शिक्षकों के मानसिक स्वास्थ्य पर हुई तीन दिवसीय कार्यशाला
Mon, 24 Aug 2026 12:27 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Mon, 24 Aug 2026 12:27 AM IST
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अल्मोड़ा। शिक्षकों को मानसिक रूप से सुदृढ़, तनावमुक्त और खुशहाल बनाने के उद्देश्य से जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) में तीन दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। ‘मन-संवाद’ के तहत आयोजित कार्यशाला में मानसिक स्वास्थ्य, तनाव प्रबंधन, स्व-जागरूकता, सकारात्मक सोच, माइंडफुलनेस, हैप्पीनेस और 21वीं सदी के कौशलों पर विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से चर्चा की गई।
मुख्य वक्ता गोपाल सिंह गैड़ा ने कहा कि खुशी हमारे भीतर मौजूद है, जिसे निरंतर अभ्यास और सकारात्मक सोच के माध्यम से प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने हार्टफुलनेस कार्यक्रम के तहत हैप्पीनेस, तनाव प्रबंधन और मेडिटेशन के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि नियमित ध्यान और सकारात्मक दृष्टिकोण से व्यक्ति तनावपूर्ण परिस्थितियों का बेहतर ढंग से सामना कर सकता है। डॉ. हेम जोशी ने कहा कि वर्तमान समय में शिक्षकों के लिए मानसिक रूप से स्वस्थ रहने के साथ ही बदलती परिस्थितियों के अनुरूप कौशल विकसित करना भी जरूरी है।
कार्यशाला का संचालन समन्वयक डॉ. दीपा जलाल ने कहा कि स्वयं की पहचान, आत्म-जागरूकता और जीवन में लचीलापन विकसित करना बेहतर मानसिक स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है। जिला संसाधन विभाग के रमेश रावत ने शिक्षक और छात्रों में मूल्यों के संवर्धन पर जोर दिया। समापन में प्रतिभागियों को मानसिक रूप से सुदृढ़ एवं स्वस्थ रहने की शपथ दिलाई गई और प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। कार्यक्रम में डायट प्राचार्य ललित मोहन पांडे, प्रकाश चंद, राजेश बिष्ट, डॉ. राजेश वर्मा, रमेश बिष्ट, डाॅ कपिल नयाल, हरेंद्र बिष्ट, मनीष जोशी, भूपाल प्रसाद, बृजेश कुमार, प्रमोद पंत, विजया पंत, चंद्रकला वर्मा, नंदी पांडे, इंदिरा खोलिया, सुनीता राय, भावना मटेला आदि मौजूद रहे।
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मुख्य वक्ता गोपाल सिंह गैड़ा ने कहा कि खुशी हमारे भीतर मौजूद है, जिसे निरंतर अभ्यास और सकारात्मक सोच के माध्यम से प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने हार्टफुलनेस कार्यक्रम के तहत हैप्पीनेस, तनाव प्रबंधन और मेडिटेशन के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि नियमित ध्यान और सकारात्मक दृष्टिकोण से व्यक्ति तनावपूर्ण परिस्थितियों का बेहतर ढंग से सामना कर सकता है। डॉ. हेम जोशी ने कहा कि वर्तमान समय में शिक्षकों के लिए मानसिक रूप से स्वस्थ रहने के साथ ही बदलती परिस्थितियों के अनुरूप कौशल विकसित करना भी जरूरी है।
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कार्यशाला का संचालन समन्वयक डॉ. दीपा जलाल ने कहा कि स्वयं की पहचान, आत्म-जागरूकता और जीवन में लचीलापन विकसित करना बेहतर मानसिक स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है। जिला संसाधन विभाग के रमेश रावत ने शिक्षक और छात्रों में मूल्यों के संवर्धन पर जोर दिया। समापन में प्रतिभागियों को मानसिक रूप से सुदृढ़ एवं स्वस्थ रहने की शपथ दिलाई गई और प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। कार्यक्रम में डायट प्राचार्य ललित मोहन पांडे, प्रकाश चंद, राजेश बिष्ट, डॉ. राजेश वर्मा, रमेश बिष्ट, डाॅ कपिल नयाल, हरेंद्र बिष्ट, मनीष जोशी, भूपाल प्रसाद, बृजेश कुमार, प्रमोद पंत, विजया पंत, चंद्रकला वर्मा, नंदी पांडे, इंदिरा खोलिया, सुनीता राय, भावना मटेला आदि मौजूद रहे।
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