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विकल्प की मांग के लिए प्रध्यापकों ने किया सांकेतिक प्रदर्शन
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एसएसजे परिसर अल्मोड़ा में प्रदर्शन करते प्राध्यापक। संवाद
- फोटो : ALMORA
अल्मोड़ा। एसएसजे विश्वविद्यालय अल्मोड़ा और कुमाऊं विवि नैनीताल के परिसरों में विकल्प नहीं दिए जाने पर प्राध्यापकों में काफी आक्रोश है। शुक्रवार को एसएसजे परिसर अल्मोड़ा में प्राध्यापकों ने दो घंटे कार्य बहिष्कार कर सांकेतिक प्रदर्शन कर नारेबाजी की। उन्होंने जल्दी मांग पूरी न होने पर कड़े कदम उठाने की चेतावनी भी दी।
प्रदर्शन कर रहे प्राध्यापकों का कहना था कि बीते पांच अगस्त को कार्यवृत्त की कार्रवाई और शासन को प्रेषित निर्णय एकपक्षीय और पक्षपातपूर्ण है। इसे प्राध्यापकों ने काला दस्तावेज घोषित किया। कहा कि प्राध्यापकों को उनके वैधानिक विकल्प के अवसर को बाधित करने की संभावना का वह पुरजोर विरोध करते हैं। दस्तावेज में अधिकतर शिक्षकों की आपत्ति का न तो निस्तारण हुआ और न ही शिक्षकों को सूचित किया गया है।
आगामी छह सितंबर को अंतिम निर्णय लेने के प्रयास किए जाने की सूचना मिल रही है। जबकि उच्च शिक्षा मंत्री ने 28 जनवरी को मुख्यमंत्री समेत जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में विकल्प दिए जाने की सहमति मिलने की घोषणा की थी। इसके बाद भी उन्हें विकल्प नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब तक विकल्प नहीं दिया जाता तब तक विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। अध्यक्षता प्रो. एनडी कांडपाल और संचालन डॉ. तेजपाल सिंह ने किया। यहां डॉ. प्रियंका सागर, डॉ. वीडीएस नेगी, डॉ. एएस अधिकारी, डॉ. संजीव आर्य, डॉ. प्रीति आर्या आदि रहे।
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प्रदर्शन कर रहे प्राध्यापकों का कहना था कि बीते पांच अगस्त को कार्यवृत्त की कार्रवाई और शासन को प्रेषित निर्णय एकपक्षीय और पक्षपातपूर्ण है। इसे प्राध्यापकों ने काला दस्तावेज घोषित किया। कहा कि प्राध्यापकों को उनके वैधानिक विकल्प के अवसर को बाधित करने की संभावना का वह पुरजोर विरोध करते हैं। दस्तावेज में अधिकतर शिक्षकों की आपत्ति का न तो निस्तारण हुआ और न ही शिक्षकों को सूचित किया गया है।
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आगामी छह सितंबर को अंतिम निर्णय लेने के प्रयास किए जाने की सूचना मिल रही है। जबकि उच्च शिक्षा मंत्री ने 28 जनवरी को मुख्यमंत्री समेत जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में विकल्प दिए जाने की सहमति मिलने की घोषणा की थी। इसके बाद भी उन्हें विकल्प नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब तक विकल्प नहीं दिया जाता तब तक विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। अध्यक्षता प्रो. एनडी कांडपाल और संचालन डॉ. तेजपाल सिंह ने किया। यहां डॉ. प्रियंका सागर, डॉ. वीडीएस नेगी, डॉ. एएस अधिकारी, डॉ. संजीव आर्य, डॉ. प्रीति आर्या आदि रहे।
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