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Almora News: भूस्खलन से खतरे की जद में उप जिला अस्पताल भवन
Wed, 16 Jul 2025 11:33 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Wed, 16 Jul 2025 11:33 PM IST
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रानीखेत(अल्मोड़ा)। एक वर्ष पूर्व भूस्खलन की चपेट मे आने से खतरे की जद में आए अस्पताल भवन की सुरक्षा के लिए अभी तक सुरक्षात्मक कार्य नहीं हो पाए हैं। लोगों ने शीघ्र सुरक्षात्मक कार्य कराने की मांग की है।
वर्ष 2024 में उप जिला अस्पताल परिसर की सुरक्षा दीवार गिरने से भूस्खलन की चपेट में आ गया था। विभाग की ओर से अब तक सुरक्षात्मक कार्य शुरू नहीं किए गए हैं। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश से अस्पताल भवन को खतरा बना हुआ है। बीते वर्ष सितंबर में भारी बारिश के चलते अस्पताल के पीछे भी जबरदस्त भूस्खलन हुआ था। देवदार और बांज के पेड़ गिर गए थे जिससे जमीन खिसकने लगी। हालात ऐसे बने कि अस्पताल को खाली कर बंद करना पड़ा। उस समय अस्पताल में भर्ती 21 मरीजों को तीमारदारों ने निजी अस्पतालों में शिफ्ट किया था।
खतरे को देखते हुए प्रशासन ने अस्पताल के एक हिस्से को बंद कर दिया था।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों और लोगों ने अस्पताल भवन की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। प्रशासन की ओर से जिला योजना के तहत सुरक्षा दीवार के लिए धन स्वीकृत तो हो गया है लेकिन अभी तक बजट पारित नहीं हुआ। ऐसे में दीवार निर्माण का कार्य अधर में लटका है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द सुरक्षा दीवार नहीं बनी तो बरसात में अस्पताल भवन को गंभीर नुकसान हो सकता है। संवाद
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वर्ष 2024 में उप जिला अस्पताल परिसर की सुरक्षा दीवार गिरने से भूस्खलन की चपेट में आ गया था। विभाग की ओर से अब तक सुरक्षात्मक कार्य शुरू नहीं किए गए हैं। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश से अस्पताल भवन को खतरा बना हुआ है। बीते वर्ष सितंबर में भारी बारिश के चलते अस्पताल के पीछे भी जबरदस्त भूस्खलन हुआ था। देवदार और बांज के पेड़ गिर गए थे जिससे जमीन खिसकने लगी। हालात ऐसे बने कि अस्पताल को खाली कर बंद करना पड़ा। उस समय अस्पताल में भर्ती 21 मरीजों को तीमारदारों ने निजी अस्पतालों में शिफ्ट किया था।
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खतरे को देखते हुए प्रशासन ने अस्पताल के एक हिस्से को बंद कर दिया था।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों और लोगों ने अस्पताल भवन की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। प्रशासन की ओर से जिला योजना के तहत सुरक्षा दीवार के लिए धन स्वीकृत तो हो गया है लेकिन अभी तक बजट पारित नहीं हुआ। ऐसे में दीवार निर्माण का कार्य अधर में लटका है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द सुरक्षा दीवार नहीं बनी तो बरसात में अस्पताल भवन को गंभीर नुकसान हो सकता है। संवाद
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