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रानीखेत में 22 सालों के बाद फिर शुरू होगी राज्य स्तरीय फुटबाल प्रतियोगिता
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प्रतिष्ठित राज्य स्तरीय फुटबाल कप। अमर उजाला
- फोटो : RANIKHET
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रानीखेत (अल्मोड़ा)। 22 साल के लंबे अंतराल के बाद पर्यटन नगरी रानीखेत में फिर से फुटबाल की प्रतिष्ठित राज्य स्तरीय प्रतियोगिता शुरू होगी। सेना ने इसके लिए जिला क्रीड़ा संघ को मैदान उपलब्ध करा दिया है। यह प्रतियोगिता 22 जुलाई से शुरू होगी।
बता दें कि मैदान नहीं मिलने के कारण 1996 में यह प्रतियोगिता बंद हो गई थी। आजादी से पूर्व शुरू हुई इस प्रतियोगिता का पहला खिताब 1946 में रानीखेत इलेवन की टीम ने जीती थी। उस जमाने में अंग्रेज और स्थानीय युवा साथ साथ फुटबाल खेलते थे। 1870 में यहां ब्रिटिश आर्मी की कैमरून रेजीमेंट, आर्टिलरी, रोयल हैजास रेजीमेंट और वर्कशायर रेजीमेंट सहित कई रेजीमेंटें तैनात थी।
1925 में जब कैंट बोर्ड के तत्कालीन सदस्य एजी राजी ने मोहम्डन स्पोर्ट्स क्लब नाम से फुटबाल संस्था बनाई तो, ब्रिटिश पल्टनों के जवानों को भी इस टीम में स्थान दिया गया था। फुटबाल के वयोवृद्ध कोच और रानीखेत कप फुटबाल प्रतियोगिता के आयोजक मो. इदरीश बाबा बताते हैं कि अंग्रेज हुक्मरानों के साथ स्थानीय नागरिकों की संयुक्त बैठक में राज्य स्तरीय रानीखेत कप चलाने पर सहमति बनी। 1946 में इस कप पर रानीखेत इलेवन, 1947 में इटेलियन कैदियों की चौबटिया इलेवन, 1948 में अलीगढ़ युनिवर्सिटी, 1949 में कुमाऊं रेजीमेंट केंद्र की टीम ने प्रतियोगिता जीती। इसके बाद अचानक यह प्रतियोगिता बंद हो गई। बाबा के प्रयासों से 1993 में यह प्रतियोगिता फिर शुरू हुई। जिसमें नार्दन रेलवे की टीम जीती। 1994 में केआरसी की टीम विजयी रही। 1995 में हल्द्वानी हास्टल तथा 1996 में रानीखेत केआरसी ने यह कप जीता।
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1942 के द्वितीय विश्व युद्ध के कैदियों की टीम थी चौबटिया इलेवन
रानीखेत। मो. इदरीश बाबा बताते हैं कि 1942 में द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान बंदी बनाकर लाए गए इटेलियन कैदियों को चौबटिया में अंग्रेजी सेना की निगरानी में रखा गया था। कई कैदी फुटबाल खेलते थे तो चौबटिया इलेवन के नाम से उनकी टीम बनाई गई थी।
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बता दें कि मैदान नहीं मिलने के कारण 1996 में यह प्रतियोगिता बंद हो गई थी। आजादी से पूर्व शुरू हुई इस प्रतियोगिता का पहला खिताब 1946 में रानीखेत इलेवन की टीम ने जीती थी। उस जमाने में अंग्रेज और स्थानीय युवा साथ साथ फुटबाल खेलते थे। 1870 में यहां ब्रिटिश आर्मी की कैमरून रेजीमेंट, आर्टिलरी, रोयल हैजास रेजीमेंट और वर्कशायर रेजीमेंट सहित कई रेजीमेंटें तैनात थी।
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1925 में जब कैंट बोर्ड के तत्कालीन सदस्य एजी राजी ने मोहम्डन स्पोर्ट्स क्लब नाम से फुटबाल संस्था बनाई तो, ब्रिटिश पल्टनों के जवानों को भी इस टीम में स्थान दिया गया था। फुटबाल के वयोवृद्ध कोच और रानीखेत कप फुटबाल प्रतियोगिता के आयोजक मो. इदरीश बाबा बताते हैं कि अंग्रेज हुक्मरानों के साथ स्थानीय नागरिकों की संयुक्त बैठक में राज्य स्तरीय रानीखेत कप चलाने पर सहमति बनी। 1946 में इस कप पर रानीखेत इलेवन, 1947 में इटेलियन कैदियों की चौबटिया इलेवन, 1948 में अलीगढ़ युनिवर्सिटी, 1949 में कुमाऊं रेजीमेंट केंद्र की टीम ने प्रतियोगिता जीती। इसके बाद अचानक यह प्रतियोगिता बंद हो गई। बाबा के प्रयासों से 1993 में यह प्रतियोगिता फिर शुरू हुई। जिसमें नार्दन रेलवे की टीम जीती। 1994 में केआरसी की टीम विजयी रही। 1995 में हल्द्वानी हास्टल तथा 1996 में रानीखेत केआरसी ने यह कप जीता।
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1942 के द्वितीय विश्व युद्ध के कैदियों की टीम थी चौबटिया इलेवन
रानीखेत। मो. इदरीश बाबा बताते हैं कि 1942 में द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान बंदी बनाकर लाए गए इटेलियन कैदियों को चौबटिया में अंग्रेजी सेना की निगरानी में रखा गया था। कई कैदी फुटबाल खेलते थे तो चौबटिया इलेवन के नाम से उनकी टीम बनाई गई थी।