बेहतर अनुभव के लिए एप चुनें।
INSTALL APP

देहरादून भेजे गए स्पीड पोस्ट के 58 लिफाफे गुम

अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा। Updated Mon, 16 May 2016 11:11 PM IST
विज्ञापन

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

ख़बर सुनें
डाक विभाग में रजिस्टर्ड डाक को भी एक से दूसरे स्थान तक भेजने के लिए अंग्रेजों के जमाने की व्यवस्था चल रही है। आज भी महत्वपूर्ण डाक के बैग केमू की बस से भेज दिए जाते हैं और रिसीव करते वक्त बैग का नंबर भी दर्ज नहीं होता। इस खामी का नतीजा यह रहा कि फरवरी में अल्मोड़ा से देहरादून के लिए भेजा गया एक बैग काठगोदाम रेलवे स्टेशन से गुम हो गया। इस बैग में स्पीड पोस्ट के जरिये भेजे गए लोगों के 58 लिफाफे लापता हैं। यह आशंका है कि कई युवाओं ने खाली पदों के लिए भी स्पीड पोस्ट के जरिये आवेदन भेजे होंगे, जो गंतव्य तक नहीं पहुंच सके। डाक अधीक्षक ने सहायक डाक अधीक्षक और रेलवे इंस्पेक्टर की संयुक्त कमेटी बनाकर बैग गुम होने के मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
विज्ञापन


सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक चार फरवरी को अल्मोड़ा डाकघर से स्पीड पोस्ट का एक बैग देहरादून के लिए भेजा गया। इस बैग में अलग-अलग लोगों द्वारा देहरादून और आसपास के लिए भेजी गई 58 स्पीड पोस्ट (रजिस्टर्ड) महत्वपूर्ण डाकें थीं। इसमें एक लिफाफे में होली एंजिल स्कूल के प्रधानाचार्य ने 12वीं के दो छात्रों के अंकपत्र भी सीबीएसई बोर्ड को नाम संशोधन के लिए भेजे थे। जब काफी दिनों तक अंक पत्र बोर्ड को प्राप्त नहीं हुए तब प्रधानाचार्य ने बोर्ड से इस बारे में पूछताछ की। बोर्ड के इंकार करने पर जब डाक विभाग से इस लिफाफे के बारे में पूछा गया। तब जाकर यह पता लगा कि जिस बैग के जरिये स्पीड के 58 लिफाफे भेजे गए थे वह बैग काठगोदाम रेलवे स्टेशन से आगे नहीं बढ़ पाया था।


खोज के बाद भी जब यह बैग नहीं मिला तब अप्रैल में डाक अधीक्षक ने सहायक डाक अधीक्षक जगत चंद और रेलवे इंस्पेक्टर (डाक) अतुल मिश्रा की संयुक्त कमेटी बनाकर जांच के आदेश दे दिए। यह कमेटी इन दिनों गुम हुए बैग के बारे में जांच कर रही है। यह माना जा रहा है कि लापता बैग में तमाम लोगों की महत्वपूर्ण डाक भी रही होगी। अधिकांश लोगों को यह पता तक नहीं है कि डाक विभाग की लापरवाही से उनकी महत्वपूर्ण डाक रास्ते से ही लापता हो चुकी है। दरअसल डाक विभाग द्वारा दशकों से चली आ रही व्यवस्था के तहत डाक के लिफाफे बैग में डालकर केमू की बस से रेलवे स्टेशन काठगोदाम भेजे जाते हैं। काठगोदाम स्टेशन में बैग उतारते वक्त केमू बस का कंडक्टर वहां मौजूद कर्मचारी से सिर्फ बैगों की संख्या दर्ज करवाकर रिसीव करवा लेता है। हर एक बैग का अलग-अलग नंबर दर्ज नहीं होता। जिससे यह पता लगाना भी मुश्किल हो रहा है कि स्पीड पोस्ट के लिफाफे वाला गुम हुआ बैग अल्मोड़ा से भेजा भी गया या नहीं। इधर सहायक डाक अधीक्षक जगत चंद ने बताया कि जांच के जल्दी ही पूरा होने की उम्मीद है।

सभी 23 बैग काठगोदाम पहुंच गए तो स्पीड पोस्ट वाला बैग कहां गया
अल्मोड़ा। इस मामले की जांच कर रहे अधिकारियों ने बताया कि चार फरवरी को केमू की बस से काठगोदाम के लिए डाक के 23 बैग भेजे गए थे। इन बैगों में ही 58 स्पीड पोस्ट के लिफाफे वाला बैग भी शामिल था। केमू के कंडक्टर ने काठगोदाम रेलवे स्टेशन में 23 बैग गिनकर रिसीव करवाए हैं। जांच अधिकारियों को 23 बैग प्राप्त होने की रसीद भी मिल चुकी है। आशंका जताई जा रही है कि लापरवाही के चलते स्पीड पोस्ट के लिफाफे वाला बैग अल्मोड़ा से ही काठगोदाम नहीं भेजा गया और इसकी जगह कोई दूसरा बैग भेज दिया गया। हालांकि जांच पूरी होने के बाद ही असलियत का पता लगेगा।  

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us