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गांव संवरने से ही होगा प्रदेश का विकास : डा. नैनवाल
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा।
Updated Thu, 17 Nov 2016 10:43 PM IST
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नशा उन्मूलन का संकल्प लेते लोग।
- फोटो : अमर उजाला
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नशा हटाओ, पलायन रोको, पहाड़ बचाओ पद यात्रा का रानीखेत नगर में स्वागत हुआ। भारी संख्या में लोगों नशे के खिलाफ संघर्ष करने का संकल्प जताया। यात्रा के संयोजक डा. प्रमोद नैनवाल ने कहा कि नशे के कारण पहाड़ बर्बाद हो गए हैं। पूरे प्रदेश में शराब बंदी करने की मांग उठाई गई, कहा कि जब तक गांव नहीं संवरते तब तक प्रदेश का विकास भी संभव नहीं है। नगर में आयोजित समारोह में पहाड़ की तमाम समस्याओं पर चर्चा हुई।
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कहा कि जिन उम्मीदों के साथ उत्तराखंड राज्य अस्तित्व में आया था, वह अभी तक पूरी नहीं हुईं। सरकारों ने पहाड़ की भारी उपेक्षा की है। जिस कारण गांव पलायन के कारण खाली हो गए हैं, बचे खुचे गांवों में शराब का प्रचलन बढ़ गया है। देवभूमि में नशे का प्रचलन जिस तरह से बढ़ रहा है, उससे इसका भविष्य उज्ज्वल नहीं दिख रहा है। डा. प्रमोद नैनवाल ने कहा कि पलायन रोकने और शराब पर अंकुश लगाने के लिए अभी तक ठोस नीतियां नहीं बनाई गई हैं। खेती चौपट है।
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जंगली जानवरों के आतंक को रोकने के लिए कोई प्रयास नहीं हो रहे हैं। गांवों में बिजली, पानी, सड़क की व्यवस्थाएं बदहाल हैं। इस दौरान लोगों ने नशे के खिलाफ संघर्ष की शपथ भी ग्रहण की। अध्यक्षता कवित भंडारी ने की। इस मौके पर शंकर ठाकुर, विरेंद्र कुमार, भुवन उपाध्याय, प्रधान दिनेश घुघत्याल, विजय बिष्ट, मंजीत भगत, नागेश जोशी, जवाहर मेहरा, विनोद मेहता, दिगंबर कुवार्बी, विनोद कुवार्बी, महेंद्र नेगी सहित भारी संख्या में लोग मौजूद थे।
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