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आरटीई कार्यशाला
ब्यूरा/अमर उजाला, भिकियासैंण (अल्मोड़ा)।
Updated Wed, 23 Mar 2016 12:12 AM IST
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आरटीई कार्यशाला
- फोटो : अमर उजाला
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भिकियासैंण (अल्मोड़ा)। ब्लॉक संसाधन केंद्र में शिक्षा के अधिकार अधिनियम (आरटीई) में शिकायत निवारण प्रकोष्ठ की जैनल में हुई कार्यशाला में वक्ताओं ने सरकारी और गैर सरकारी विद्यालयों को पूर्ण रूप से आरटीई के मानकों के अनुसार गुणवत्ता परक शिक्षा देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बच्चों का सर्वांगीण विकास मुख्य लक्ष्य होना चाहिए।
उप शिक्षाधिकारी हिमांशु नौगाई ने कहा कि अधिनियम के अनुसार छह से 14 आयु वर्ग के बच्चों को शिक्षा सत्र के दौरान कभी भी प्रवेश लेने से रोका नहीं जा सकता है। अशक्त और आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को नजदीकी प्राइवेट स्कूलों की 25 प्रतिशत सीटों में निशुल्क प्रवेश देना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि आरटीई मानकों के तहत विद्यालयों में कक्षा कक्षों, प्रशिक्षित शिक्षक, खेल मैदान, शौचालय, पेयजल आदि का होना आवश्यक है। साथ ही किसी भी प्रकार की शिकायत के तत्काल निराकरण के लिए शिकायत निराकरण प्रकोष्ठ गठित किया गया है। बीईओ एसपी दोहरे ने गुणवत्ता परक शिक्षा पर जोर देते हुए कहा प्राइवेट स्कूलों को सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त पाठ्यक्रम को पढ़ाना जरूरी है।
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बगैर मान्यता के विद्यालय संचालन की अनुमति किसी को नहीं है। उन्होंने कहा कि विद्यालय में किसी भी प्रकार की शिक्षा सामग्री और ड्रेस आदि की बिक्री की शिकायत मिलने पर तुरंत कार्रवाई अमल में लायी जाएगी। कार्यशाला में जिला पंचायत सदस्य दीपक बिष्ट, प्रकाश जोशी, ब्लॉक समन्वयक यूडी सत्यवली, कीर्ति वर्धन, टीका सिंह, दीवान सिंह, पीके दुर्गापाल, चित्रा पंत, सीता सिंह, तिलाराम, बीडी पपने, गोपाल सिंह आदि मौजूद थे।
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उप शिक्षाधिकारी हिमांशु नौगाई ने कहा कि अधिनियम के अनुसार छह से 14 आयु वर्ग के बच्चों को शिक्षा सत्र के दौरान कभी भी प्रवेश लेने से रोका नहीं जा सकता है। अशक्त और आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को नजदीकी प्राइवेट स्कूलों की 25 प्रतिशत सीटों में निशुल्क प्रवेश देना जरूरी है।
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उन्होंने कहा कि आरटीई मानकों के तहत विद्यालयों में कक्षा कक्षों, प्रशिक्षित शिक्षक, खेल मैदान, शौचालय, पेयजल आदि का होना आवश्यक है। साथ ही किसी भी प्रकार की शिकायत के तत्काल निराकरण के लिए शिकायत निराकरण प्रकोष्ठ गठित किया गया है। बीईओ एसपी दोहरे ने गुणवत्ता परक शिक्षा पर जोर देते हुए कहा प्राइवेट स्कूलों को सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त पाठ्यक्रम को पढ़ाना जरूरी है।
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बगैर मान्यता के विद्यालय संचालन की अनुमति किसी को नहीं है। उन्होंने कहा कि विद्यालय में किसी भी प्रकार की शिक्षा सामग्री और ड्रेस आदि की बिक्री की शिकायत मिलने पर तुरंत कार्रवाई अमल में लायी जाएगी। कार्यशाला में जिला पंचायत सदस्य दीपक बिष्ट, प्रकाश जोशी, ब्लॉक समन्वयक यूडी सत्यवली, कीर्ति वर्धन, टीका सिंह, दीवान सिंह, पीके दुर्गापाल, चित्रा पंत, सीता सिंह, तिलाराम, बीडी पपने, गोपाल सिंह आदि मौजूद थे।