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रानीखेत का दमकल टिनशेड में
ब्यूरो/अमर उजाला, रानीखेत
Updated Tue, 23 Feb 2016 12:38 AM IST
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कार्यक्षेत्र 150 किमी लंबा, लेकिन काम करने के लिए स्थायी कार्यालय भवन तक नहीं। यह हाल हैं उपमंडल क्षेत्र के एकमात्र अग्निशमन केंद्र का। आपदा के समय लोगों को सकुशल निकालने वाले अग्रिशमन विभाग के कर्मचारी स्वयं अब आपदा की आशंका से भयभीत हैं।
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कुंपुर लालकुर्ती में जिस जमीन पर केंद्र का टिनशेड कार्यालय चल रहा है वह जमीन धीरे-धीरे धंस रही है। भूमि उपलब्ध होने के बावजूद पिछले तीन दशकों से केंद्र के लिए स्थायी कार्यालय नहीं बन सका है।
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रानीखेत उपमंडल का एकमात्र अग्रिशमन केंद्र होने के कारण आग और दैवीय आपदा की घटनाओं में रानीखेत से ही अग्रिशमन दस्ता बुलाया जाता है। यहां से द्वाराहाट की दूरी 46 किमी, स्याल्दे 85 किमी, चौखुटिया 75किमी, भिकियासैंण 70 किमी और मौलेखाल तहसील की दूरी 150 किमी है।
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अत्यधिक दूरी के कारण कभी कभार घटनास्थल तक पहुंचने से पहले ही सब कुछ राख हो जाता है। कुंपूर लालकुर्ती में वर्तमान में जिन टिनशेडों में कार्यालय चल रहा है, उस जमीन पर धंसाव हो रहा है। प्रभारी अग्रिशमन अधिकारी केशव दत्त तिवारी ने बताया कि सुरक्षा दीवार नहीं हैं, जिस कारण खतरा बना हुआ है।
100 मीटर की दीवार बनाने के लिए विभाग को पत्र भेजा गया है। टिनशेड में ही कार्यालय, मनोरंजन कक्ष, स्टोर और टेलीफोन कक्ष भी चल रहा है। स्थायी भवन के लिए विभाग के पास लालकुर्ती में ही 2.25 एकड़ भूमि उपलब्ध है, लेकिन छावनी परिषद के अधीन होने के कारण अभी तक दाखिल खारिज की प्रक्रिया ही पूरी नहीं हो पाई है।
जोड़ रेस्क्यू
वर्ष आग की घटनाएं रेस्क्यू घटनाएं (वाहन दुर्घटना आदि)
2010 34 04
2011 19 01
2012 94 02
2013 19 01
2014 26 02
2015 33 08
नगर में 13 हाईड्रेंट हैं। द्वाराहाट में तीन में से दो हाईड्रेंट ठीक चल रहे हैं, जबकि चौबटिया में एक हाईड्रेंट है। अग्रिशमन केंद्र के अधिकारियों की मानें तो जगह के अभाव में वाहन भी खुले आसमान के नीचे रखना मजबूरी है। जिस कारण वाहनों में जंक लग रहा है।
रेस्क्यू घटनाओं के लिए संसाधनों का भारी अभाव है। वर्तमान में केंद्र के पास दो मोटर फायर इंजन हैं, इनमें से एक कुंभ के लिए हरिद्वार गया हुआ है, जबकि मिनी वाटर टैंकर यहीं उपलब्ध है। दो चालक स्थायी हैं, इनमें से एक कुंभ ड्यूटी पर हैं, जबकि दो संविदा चालक हैं।