मौसम सुहावना होने पर रामलीलाओं में उमड़ रही भीड़
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शहर में आधा दर्जन से अधिक स्थानों पर रामलीला के आयोजन चल रहे हैं। मौसम सुहावना होने के बाद रामलीला देखने के लिए काफी संख्या में दर्शकों की भीड़ उमड़ रही है। नंदादेवी की रामलीला में सूपर्णखा के राम-लक्ष्मण को रिछाने, सूपर्णखा नासिका छेदन, त्रिसरा वध, खर-दूषण वध, सीता हरण के प्रसंग का मंचन हुआ। सूपर्णखा के पात्र ने जहां अपने नृत्य से दर्शकों की वाहवाही लूटी, वहीं त्रिसरा के पात्र शानदार अभिनय किया। दर्शकों से रामलीला नंदादेवी प्रांगण खचाखच भरा हुआ था। रामलीला के अतिथि पालिकाध्यक्ष प्रकाश चंद्र जोशी, पूर्व विधायक मनोज तिवारी थे। कमेटी संयोजक प्रकाश पांडे और पदाधिकारियों ने सभी अतिथियों का स्वागत किया।
कर्नाटकखोला की रामलीला में दशरथ-कैकई संवाद, राम वनवास समेत अन्य प्रसंगों का मंचन हुआ। इससे पहले मुख्य अतिथि वरिष्ठ रंगकर्मी दीप जोशी ने चतुर्थ दिन की रामलीला का शुभारंभ किया। उन्होंने दर्शकों से भगवान राम के आदर्शों पर चलने का आह्वान किया। कमेटी के अध्यक्ष बिट्टू कर्नाटक ने सभी का स्वागत करते हुए रामलीला में लोगों द्वारा दिए गए सहयोग के लिए आभार जताया।
धारानौला की रामलीला में दशरथ-कैकई संवाद, कैकई-मंथरा संवाद, राम-कौशल्या संवाद, सुमित्रा-लक्ष्मण, भरत-कैकई संवादों का मंचन हुआ। रंगकर्मी हरीश पांडे ने रामलीला का उद्घाटन किया। हुक्का क्लब में मंथरा-कैकई, दशरथ-कैकई, राम-कैकई, राम-कौशल्या, राम-सीता, राम-लक्ष्मण संवाद, राम वनवास प्रसंग का मंचन किया गया। एनटीडी की रामलीला में धनुष यज्ञ, परशुराम-लक्ष्मण संवाद का मंचन हुआ। उधर राजपुरा, खत्याड़ी और सरकार की आली में भी रामलीला मंचन चल रहे हैं।