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Almora News: भक्तों को तीन रूपों में दर्शन देती हैं मां पुष्टि देवी
Fri, 04 Apr 2025 11:59 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Fri, 04 Apr 2025 11:59 PM IST
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जागेश्वरधाम में स्थापित मां पुष्टि देवी की मूर्ति। संवाद
- फोटो : samvad
जागेश्वर (अल्मोड़ा)। जागेश्वरधाम मंदिर समूहों के बीच स्थित मां पुष्टि देवी मंदिर भी अटूट आस्था का केंद्र है। लोक मान्यता है कि यहां सच्चे भक्तों को एक दिन में मां पुष्टि देवी तीन रूपों में दर्शन देती है।
हर साल चैत्र और शारदीय नवरात्रों में यहां मां पुष्टि देवी की भी विशेष पूजा-अर्चना होती है। इस पौराणिक मंदिर में प्राचीनकाल से ही पूजा-अर्चना का सिलसिला चला आ रहा है। इसका वर्णन मत्स्य पुराण के तेरहवें अध्याय के श्लोकों में वर्णित है। वहीं पद्म पुराण और देवी भागवत में भी वर्णन मिलता है।
मान्यता है कि जागेश्वरधाम में स्थापित पुष्टि देवी सच्चे भक्तों को दिन में तीन रूपों में दर्शन देती है यानी सुबह लक्ष्मी, दोपहर पार्वती और शाम को सरस्वती के रूप में भक्तों को उसके दर्शन होते हैं। पुजारी पंडित कमल भट्ट बताते हैं कि जागेश्वर में मां पुष्टि देवी प्रत्यक्ष रूप से विराजमान रहती हैं और यहां आने वाले श्रद्धालुओं को मनचाहे फलों की प्राप्ति होती है।
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हर साल चैत्र और शारदीय नवरात्रों में यहां मां पुष्टि देवी की भी विशेष पूजा-अर्चना होती है। इस पौराणिक मंदिर में प्राचीनकाल से ही पूजा-अर्चना का सिलसिला चला आ रहा है। इसका वर्णन मत्स्य पुराण के तेरहवें अध्याय के श्लोकों में वर्णित है। वहीं पद्म पुराण और देवी भागवत में भी वर्णन मिलता है।
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मान्यता है कि जागेश्वरधाम में स्थापित पुष्टि देवी सच्चे भक्तों को दिन में तीन रूपों में दर्शन देती है यानी सुबह लक्ष्मी, दोपहर पार्वती और शाम को सरस्वती के रूप में भक्तों को उसके दर्शन होते हैं। पुजारी पंडित कमल भट्ट बताते हैं कि जागेश्वर में मां पुष्टि देवी प्रत्यक्ष रूप से विराजमान रहती हैं और यहां आने वाले श्रद्धालुओं को मनचाहे फलों की प्राप्ति होती है।
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