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Almora News: डीडीए के विरोध में दिया धरना, सरकार के खिलाफ की नारेबाजी
Tue, 28 Nov 2023 09:37 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Tue, 28 Nov 2023 09:37 PM IST
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अल्मोड़ा के गांधी पार्क में धरना देते सर्वदलीय संघर्ष समिति के लोग। संवाद
अल्मोड़ा। जिला विकास प्राधिकरण (डीडीए) के विरोध में सर्वदलीय संघर्ष समिति के बैनर तले लोगों ने मंगलवार को चौघानपाटा स्थित गांधी पार्क में धरना दिया। उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर विरोध जताया। उन्होंने डीडीए को शीघ्र समाप्त करने की मांग की।
धरना स्थल पर वक्ताओं ने कहा कि प्रदेश सरकार ने नवंबर 2017 में अव्यवहारिक तरीके से पूरे पर्वतीय क्षेत्र में प्राधिकरण लागू कर दिया था। तब से डीडीए को समाप्त करने की मांग की जा रही है लेकिन भाजपा सरकार में जनहित के मुद्दे की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण लागू होने से पहाड़ पर लोगों के लिए नया मकान बनाना मुश्किल हो गया है। उन्हें बार-बार प्राधिकरण कार्यालय के चक्कर काटने पड़ते हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार को प्राधिकरण समाप्त कर भवन मानचित्र स्वीकृति संबंधी सभी अधिकार पूर्व की तरह नगर पालिकाओं को देने चाहिए जिससे पालिका की आय में भी वृद्धि होगी। पर्वतीय क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए प्राधिकरण को समाप्त करने का शीघ्र शासनादेश जारी करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब तक प्राधिकरण खत्म नहीं किया जाता तब समिति का संघर्ष जारी रहेगा। धरने पर हेम चंद्र जोशी, शहाबुद्दीन, प्रतेश पांडे, आनंद बगड़वाल, महेश चंद्र आर्या, ललित मोहन पंत, आनंदी वर्मा, भारत रत्न पांडे आदि बैठे। संवाद
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धरना स्थल पर वक्ताओं ने कहा कि प्रदेश सरकार ने नवंबर 2017 में अव्यवहारिक तरीके से पूरे पर्वतीय क्षेत्र में प्राधिकरण लागू कर दिया था। तब से डीडीए को समाप्त करने की मांग की जा रही है लेकिन भाजपा सरकार में जनहित के मुद्दे की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण लागू होने से पहाड़ पर लोगों के लिए नया मकान बनाना मुश्किल हो गया है। उन्हें बार-बार प्राधिकरण कार्यालय के चक्कर काटने पड़ते हैं।
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उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार को प्राधिकरण समाप्त कर भवन मानचित्र स्वीकृति संबंधी सभी अधिकार पूर्व की तरह नगर पालिकाओं को देने चाहिए जिससे पालिका की आय में भी वृद्धि होगी। पर्वतीय क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए प्राधिकरण को समाप्त करने का शीघ्र शासनादेश जारी करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब तक प्राधिकरण खत्म नहीं किया जाता तब समिति का संघर्ष जारी रहेगा। धरने पर हेम चंद्र जोशी, शहाबुद्दीन, प्रतेश पांडे, आनंद बगड़वाल, महेश चंद्र आर्या, ललित मोहन पंत, आनंदी वर्मा, भारत रत्न पांडे आदि बैठे। संवाद
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