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केंद्र सरकार की जन विरोधी नीति के खिलाफ दिया धरना, नारेबाजी की
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अल्मोड़ा चौघानपाटा स्थित गांधी पार्क में धरना देते अखिल भारतीय किसान सभा व सेंटर ऑफ इंडियन ट्रे?
- फोटो : ALMORA
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अल्मोड़ा। केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ अखिल भारतीय किसान सभा और सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन के नेतृत्व में विभिन्न संगठनों से जुड़े लोगों ने चौघानपाटा स्थित गांधी पार्क में धरना दिया।
धरनास्थल पर हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि केंद्र सरकार बहुमत की आड़ में जनता पर लगातार ऐसी नीतियों को थोप रही है जिससे आम जनता के कष्टों को बढ़ाया जाए। आरोप लगाया कि सरकार कारपोरेट मित्रों के हाथ की कठपुतली की तरह काम कर रही है। एक तरफ लगातार बेरोजगारी बढ़ रही है वहीं दूसरी तरफ बढ़ती महंगाई ने जनता की कमर तोड़ कर रख दी है। आवश्यक वस्तुओं पर जीएसटी लगाकर सरकार ने आम आदमी का जीना मुहाल कर दिया है।
उन्होंने 15 सूत्री मांगों के लिए डीएम के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा। सभा को सीटू के आर पी जोशी, किसान सभा के दिनेश पांडे, पीटीसी संगठन के शिवराज सिंह, एडवा की सुनीता पांडे, पूनम तिवारी, नौजवान सभा के योगेश टम्टा ने संबोधित किया। धरने में दिनेश पांडे, गिरीश सिंह पुना, इंद्र सिंह देवड़ी, सुशील तिवारी, प्रताप सिंह, महेश चंद्र आदि बैठे।
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प्रमुख मांगें
-देश में बढ़ रही चौतरफा महंगाई व बेरोजगारी पर रोक लगाई जाए।
-श्रम कानूनों में किए गए संशोधन व विद्युत बिल 2020 को रद्द किया जाए।
-किसानों के ऋण माफ करो, सभी फसलों के लिए कानून बनाकर न्यूनतम समर्थन मूल्य मिलने की गारंटी दो। गन्ने का भुगतान 15 दिन में करना सुनिश्चित किया जाए।
-मनरेगा का शहरी क्षेत्रों तक विस्तार करो प्रत्येक परिवार को 200 दिनों का रोजगार और 600 रुपये मजदूरी दी जाए।
-गरीबों के मकानों में बुल्डोजर चलाना बंद किया जाए।
-जंगली जानवरों से आम आदमी, किसानों के पालतू जानवरों, फसलों की सुरक्षा, बाजार से मुआवजा देने की मांग।
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धरनास्थल पर हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि केंद्र सरकार बहुमत की आड़ में जनता पर लगातार ऐसी नीतियों को थोप रही है जिससे आम जनता के कष्टों को बढ़ाया जाए। आरोप लगाया कि सरकार कारपोरेट मित्रों के हाथ की कठपुतली की तरह काम कर रही है। एक तरफ लगातार बेरोजगारी बढ़ रही है वहीं दूसरी तरफ बढ़ती महंगाई ने जनता की कमर तोड़ कर रख दी है। आवश्यक वस्तुओं पर जीएसटी लगाकर सरकार ने आम आदमी का जीना मुहाल कर दिया है।
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उन्होंने 15 सूत्री मांगों के लिए डीएम के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा। सभा को सीटू के आर पी जोशी, किसान सभा के दिनेश पांडे, पीटीसी संगठन के शिवराज सिंह, एडवा की सुनीता पांडे, पूनम तिवारी, नौजवान सभा के योगेश टम्टा ने संबोधित किया। धरने में दिनेश पांडे, गिरीश सिंह पुना, इंद्र सिंह देवड़ी, सुशील तिवारी, प्रताप सिंह, महेश चंद्र आदि बैठे।
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प्रमुख मांगें
-देश में बढ़ रही चौतरफा महंगाई व बेरोजगारी पर रोक लगाई जाए।
-श्रम कानूनों में किए गए संशोधन व विद्युत बिल 2020 को रद्द किया जाए।
-किसानों के ऋण माफ करो, सभी फसलों के लिए कानून बनाकर न्यूनतम समर्थन मूल्य मिलने की गारंटी दो। गन्ने का भुगतान 15 दिन में करना सुनिश्चित किया जाए।
-मनरेगा का शहरी क्षेत्रों तक विस्तार करो प्रत्येक परिवार को 200 दिनों का रोजगार और 600 रुपये मजदूरी दी जाए।
-गरीबों के मकानों में बुल्डोजर चलाना बंद किया जाए।
-जंगली जानवरों से आम आदमी, किसानों के पालतू जानवरों, फसलों की सुरक्षा, बाजार से मुआवजा देने की मांग।