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Almora News: आईएमपीसीएल निजीकरण के खिलाफ आंदोलन 46वें दिन भी जारी
Thu, 16 Jul 2026 11:33 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Thu, 16 Jul 2026 11:33 PM IST
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मौलेखाल(अल्मोड़ा)। भारत सरकार की आयुष मंत्रालय के अधीन सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी इंडियन मेडिसिन्स फार्मास्युटिकल कॉरपोरेशन लिमिटेड (आईएमपीसीएल) के निजीकरण के विरोध में कर्मचारियों का आंदोलन बृहस्पतिवार को 46वें दिन भी जारी रहा। कर्मचारी और ट्रेड यूनियन के पदाधिकारी कंपनी को निजी हाथों में सौंपने के निर्णय को वापस लेने की मांग पर अडिग हैं।
ट्रेड यूनियन कर्मचारी संघ ने बीते बुधवार को दिल्ली हाईकोर्ट में विनिवेश प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को चुनौती देते हुए ऑनलाइन याचिका दायर की है। कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें न्यायालय से निष्पक्ष सुनवाई और न्याय मिलने की पूरी उम्मीद है। हालांकि बृहस्पतिवार तक मामले पर कोई सुनवाई नहीं हो सकी जिससे कर्मचारियों की चिंता बनी हुई है।
कर्मचारियों का आरोप है कि करीब 46 एकड़ भूमि और वर्षों से लाभ में चल रही आयुर्वेद एवं यूनानी दवाओं की इस सरकारी कंपनी को उसकी वास्तविक कीमत से कम पर बेचा गया है। सूत्रों के अनुसार सरकार विनिवेश प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ा रही है और संभावना जताई जा रही है कि आगामी दिनों में शेयरों एवं अन्य आवश्यक दस्तावेज के हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी हो सकती है। हालांकि इन चर्चाओं के बीच भी कर्मचारी आंदोलन से पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।
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कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि न्याय मिलने तक उनका धरना-प्रदर्शन लगातार जारी रहेगा। वहां भवान सिंह, केशर सिंह, प्रदीप उपरेती, मोहन पंत, कमला अधिकारी, किरन भारद्वाज आदि कर्मचारी मौजूद रहे।
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ट्रेड यूनियन कर्मचारी संघ ने बीते बुधवार को दिल्ली हाईकोर्ट में विनिवेश प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को चुनौती देते हुए ऑनलाइन याचिका दायर की है। कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें न्यायालय से निष्पक्ष सुनवाई और न्याय मिलने की पूरी उम्मीद है। हालांकि बृहस्पतिवार तक मामले पर कोई सुनवाई नहीं हो सकी जिससे कर्मचारियों की चिंता बनी हुई है।
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कर्मचारियों का आरोप है कि करीब 46 एकड़ भूमि और वर्षों से लाभ में चल रही आयुर्वेद एवं यूनानी दवाओं की इस सरकारी कंपनी को उसकी वास्तविक कीमत से कम पर बेचा गया है। सूत्रों के अनुसार सरकार विनिवेश प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ा रही है और संभावना जताई जा रही है कि आगामी दिनों में शेयरों एवं अन्य आवश्यक दस्तावेज के हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी हो सकती है। हालांकि इन चर्चाओं के बीच भी कर्मचारी आंदोलन से पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।
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कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि न्याय मिलने तक उनका धरना-प्रदर्शन लगातार जारी रहेगा। वहां भवान सिंह, केशर सिंह, प्रदीप उपरेती, मोहन पंत, कमला अधिकारी, किरन भारद्वाज आदि कर्मचारी मौजूद रहे।