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Almora News: गर्भवतियों और बीमार महिलाओं को 42 किमी दूर मिलता है उपचार
Wed, 21 Jan 2026 11:29 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Wed, 21 Jan 2026 11:29 PM IST
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सोमेश्वर (अल्मोड़ा)। उप जिला अस्पताल सोमेश्वर में स्त्री रोग विशेषज्ञ का पद रिक्त है। इस कारण गर्भवतियों और गंभीर रूप से बीमार महिलाओं को उपचार के लिए 42 किमी दूर हायर सेंटर अल्मोड़ा रेफर कर दिया जाता है। कई बार रास्ते में मरीजों की तबीयत बिगड़ जाती है जिससे उनकी जान तक खतरे में पड़ जाती है।
जिले के दूरस्थ क्षेत्र में महिलाएं आज भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए तरस रही हैं। बात सोमेश्वर की करें तो यहां उप जिला अस्पताल में सुविधाओं का अभाव बना है। आलम ये है कि स्त्री रोग विशेषज्ञ के एकमात्र पद पर तैनाती नहीं है। इससे लोद, मैवे, लद्युड़ा, नाग, रैत, बरगला, पल्युड़ा, छानी ल्वेशाल, टोंटाशिलिग, गुरुड़ा, शैल, बूंगा, तीताकोट, भेटा, खीराकोट, माला, अधुरिया, बैरगनिया, मेहरागांव, भूलगांव क्षेत्रों से उपचार को आने वाली महिला मरीजों और गर्भवतियों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। महिलाओं को हायर सेंटर रेफर कर दिया जाता है। मरीज 40 से 42 किमी की दूरी तय कर जिला मुख्यालय अल्मोड़ा जाते हैं। जिला मुख्यालय के अस्पताल से भी कई बार मरीजों को हायर सेंटर हल्द्वानी रेफर कर दिया जाता है। ऐसे में मरीजों की फजीहत होती है। आने जाने में उनका समय तो बर्बाद होता ही है साथ ही उन्हें आर्थिक चपत भी लगती है।
केस नंबर 01
शैल निवासी पूजा भाकुनी को प्रसव पीड़ा होने पर कुछ दिन पहले उप जिला अस्पताल लाया गया लेकिन यहां महिला विशेषज्ञ चिकित्सक न होने से उन्हें हायर सेंटर अल्मोड़ा रेफर कर दिया गया है। इससे उन्हें काफी परेशानी हुई।
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केस नंबर 02
ढौनीगाड़ निवासी विमला देवी को प्रसव पीड़ा होने पर कुछ समय पहले परिजन अस्पताल लेकर आए लेकिन यहां से प्रसूता को हायर सेंटर रेफर कर दिया। इससे गर्भवती को काफी दिक्कतें हुईं।
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जिले के दूरस्थ क्षेत्र में महिलाएं आज भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए तरस रही हैं। बात सोमेश्वर की करें तो यहां उप जिला अस्पताल में सुविधाओं का अभाव बना है। आलम ये है कि स्त्री रोग विशेषज्ञ के एकमात्र पद पर तैनाती नहीं है। इससे लोद, मैवे, लद्युड़ा, नाग, रैत, बरगला, पल्युड़ा, छानी ल्वेशाल, टोंटाशिलिग, गुरुड़ा, शैल, बूंगा, तीताकोट, भेटा, खीराकोट, माला, अधुरिया, बैरगनिया, मेहरागांव, भूलगांव क्षेत्रों से उपचार को आने वाली महिला मरीजों और गर्भवतियों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। महिलाओं को हायर सेंटर रेफर कर दिया जाता है। मरीज 40 से 42 किमी की दूरी तय कर जिला मुख्यालय अल्मोड़ा जाते हैं। जिला मुख्यालय के अस्पताल से भी कई बार मरीजों को हायर सेंटर हल्द्वानी रेफर कर दिया जाता है। ऐसे में मरीजों की फजीहत होती है। आने जाने में उनका समय तो बर्बाद होता ही है साथ ही उन्हें आर्थिक चपत भी लगती है।
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केस नंबर 01
शैल निवासी पूजा भाकुनी को प्रसव पीड़ा होने पर कुछ दिन पहले उप जिला अस्पताल लाया गया लेकिन यहां महिला विशेषज्ञ चिकित्सक न होने से उन्हें हायर सेंटर अल्मोड़ा रेफर कर दिया गया है। इससे उन्हें काफी परेशानी हुई।
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केस नंबर 02
ढौनीगाड़ निवासी विमला देवी को प्रसव पीड़ा होने पर कुछ समय पहले परिजन अस्पताल लेकर आए लेकिन यहां से प्रसूता को हायर सेंटर रेफर कर दिया। इससे गर्भवती को काफी दिक्कतें हुईं।