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पुलिस फोर्स देख आक्रोशित हुए ग्रामीण
Mon, 25 Feb 2019 11:36 PM IST
Almora desk
रानीखेत (अल्मोड़ा)।
रानीखेत (अल्मोड़ा)।
Published by: Almora desk
Updated Mon, 25 Feb 2019 11:36 PM IST
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बग्वालीपोखर में पुलिस फोर्स की तैनाती देखकर गुस्सा दिखाते ग्रामीण।
- फोटो : amar ujala
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बग्वालीपोखर बासुलीसेरा के ऐतिहासिक सेरे से विधुत विभाग द्वारा बिना ग्रामीणों की अनुमति के 132 केवी हाइटेंशन विधुत लाइन डाले जाने का मामला उस वक्त गर्मा गया, जब लाइन डालने के लिए शासन की तरफ से वहां भारी पुलिस फोर्स तैनात कर दिया गया। इससे ग्रामीण आक्रोशित हो गए। उनका कहना था कि एक तरफ विभाग और कार्यदायी संस्था उन्हें प्रलोभन दे रही है, दूसरी तरफ गिरफ्तारी का भय भी दिखाया जा रहा है। कांग्रेस और भाजपा के जनप्रतिनिधि भी गुपचुप विभाग का साथ दे रहे हैं। बाद में पूर्व विधायक पुष्पेश त्रिपाठी की पहल पर शासन ने दूसरे विकल्प तलाशने के निर्देश जारी किए।
सोमवार को एसडीएम पुलिस फोर्स के साथ बासुलीसेरा पहुंचे। यहां 132 केवी की हाइटेंशन लाइन को सेरे के ऊपर से डाला जा रहा है, जिसका ग्रामीण विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि उनकी कृषि भूमि इससे बर्बाद हो जाएगी। ग्रामीण लाइन को जंगल की तरफ से डालने पर जोर दे रहे हैं। पुलिस देखकर ग्रामीण गुस्सा गए। उनका कहना था कि चाहे कुछ भी हो जाए वह अपनी उपजाऊ जमीन को बर्बाद नहीं होने देंगे। कहा कि यदि प्रशासन जनरल डायर बन कर उनके ऊपर गोलियां चलाना चाहता है तो वह स्वतंत्र है, लेकिन अपनी जमीन नहीं गंवाएंगे। किसानों का यह भी कहना है कि गांवों से अधिकांश लोग तो पलायन कर चुके हैं, जो लोग यहां रह कर जीना भी चाहते हैं, तो उन्हें पलायन के लिए मजबूर किया जा रहा है। विरोध करने वालों में सेरा बचाओ संघर्ष समिति अध्यक्ष इंद्र सिंह बोरा, सचिव गोविंद भंडारी, लंकेश्वर सिंह, प्रधान दीपा देवी, बीडीसी सदस्य विमल बिष्ट, चंपा देवी, राजेंद्र सिंह, श्याम सिंह, सुरेंद्र नेगी, पूरन भंडारी, आनंदी देवी, बसंती देवी, ख्याली राम, लाल सिंह, इंद्र सिंह, प्रकाश बनेशी, सुनील बनेशी, रूप सिंह, सोनू नेगी, हरिशरण शर्मा आदि शामिल थे।
पूर्व विधायक त्रिपाठी ने दी धरने पर बैठने की चेतावनी
द्वाराहाट। पूर्व विधायक पुष्पेश त्रिपाठी ने सेरा बचाने की मुहिम का समर्थन किया है। कहा कि बासुलीसेरा वालों का एकमात्र जीविका का आधार यह ऐतिहासिक सेरा है। जिसे बर्बाद नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह से वार्ता की और स्थिति से अवगत कराया। तत्काल गांव से फोर्स हटाने और सकारात्मक हल निकालने को कहा है। नहीं तो स्वयं धरने पर बैठने की चेेतावनी दी। इसके बाद मुख्य सचिव ने जिलाधिकारी को दूसरे विकल्प तलाशने के निर्देश दिए।
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सोमवार को एसडीएम पुलिस फोर्स के साथ बासुलीसेरा पहुंचे। यहां 132 केवी की हाइटेंशन लाइन को सेरे के ऊपर से डाला जा रहा है, जिसका ग्रामीण विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि उनकी कृषि भूमि इससे बर्बाद हो जाएगी। ग्रामीण लाइन को जंगल की तरफ से डालने पर जोर दे रहे हैं। पुलिस देखकर ग्रामीण गुस्सा गए। उनका कहना था कि चाहे कुछ भी हो जाए वह अपनी उपजाऊ जमीन को बर्बाद नहीं होने देंगे। कहा कि यदि प्रशासन जनरल डायर बन कर उनके ऊपर गोलियां चलाना चाहता है तो वह स्वतंत्र है, लेकिन अपनी जमीन नहीं गंवाएंगे। किसानों का यह भी कहना है कि गांवों से अधिकांश लोग तो पलायन कर चुके हैं, जो लोग यहां रह कर जीना भी चाहते हैं, तो उन्हें पलायन के लिए मजबूर किया जा रहा है। विरोध करने वालों में सेरा बचाओ संघर्ष समिति अध्यक्ष इंद्र सिंह बोरा, सचिव गोविंद भंडारी, लंकेश्वर सिंह, प्रधान दीपा देवी, बीडीसी सदस्य विमल बिष्ट, चंपा देवी, राजेंद्र सिंह, श्याम सिंह, सुरेंद्र नेगी, पूरन भंडारी, आनंदी देवी, बसंती देवी, ख्याली राम, लाल सिंह, इंद्र सिंह, प्रकाश बनेशी, सुनील बनेशी, रूप सिंह, सोनू नेगी, हरिशरण शर्मा आदि शामिल थे।
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पूर्व विधायक त्रिपाठी ने दी धरने पर बैठने की चेतावनी
द्वाराहाट। पूर्व विधायक पुष्पेश त्रिपाठी ने सेरा बचाने की मुहिम का समर्थन किया है। कहा कि बासुलीसेरा वालों का एकमात्र जीविका का आधार यह ऐतिहासिक सेरा है। जिसे बर्बाद नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह से वार्ता की और स्थिति से अवगत कराया। तत्काल गांव से फोर्स हटाने और सकारात्मक हल निकालने को कहा है। नहीं तो स्वयं धरने पर बैठने की चेेतावनी दी। इसके बाद मुख्य सचिव ने जिलाधिकारी को दूसरे विकल्प तलाशने के निर्देश दिए।
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