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जो खेती किसानी बचाएगा उसी दल की सरकार बनाएंगे रानीखेत के ग्रामीण
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पूरन चंद्र
- फोटो : RANIKHET
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रानीखेत (अल्मोड़ा)। प्रदेश में पांचवीं सरकार चुनने के लिए मात्र चार दिन बचे हैं। ऐसे में सुदूरवर्ती ग्रामीण क्षेत्र की जनता इस बार ऐसी सरकार चुनने के पक्ष में है जो पहाड़ की आर्थिकी की रीढ़ समझी जाने वाली खेती किसानी के संरक्षण के लिए कार्य करे। उनका कहना है कि पिछले 21 सालों में अभी तक खेती किसानी को बचाने के लिए कोई प्रयास नहीं हुए हैं। सुअरों, बंदरों ने खेती उजाड़ दी है, ग्रामीणों के सम्मुख साग सब्जी का संकट खड़ा हो गया है। ना तो आलू का उत्पादन हो रहा है और ना ही अन्य सब्जियां। महंगाई इतनी बढ़ गई है कि तेल का छौंक तक नहीं लगा सकते। खेती बचाने के लिए ग्रामीणों ने सुअररोधी दीवारों का निर्माण करने की मांग उठाई है।
-हमारे गांव में ना तो सब्जी का उत्पादन हो पा रहा है और ना ही अनाज। जंगली जानवरों से सब कुछ चौपट कर दिया है। दूसरी तरफ महंगाई आसमान छू रही है। सरकार को महंगाई कम करनी चाहिए और जंगली जानवरों के नुकसान से ग्रामीणों को बचाना चाहिए।-गीता देवी, लछीना, रानीखेत।
-क्या करें बेरोजगारी का आलम बहुत है। तेल महंगा हो गया है। जानवरों ने खेती किसानी चौपट कर दी है। इन हालातों में कैसे भरण पोषण होगा। ऐसी सरकार बने कि जो ग्रामीण विकास की तरफ ध्यान दे और ग्रामीणों को राहत दे।-मदन सिंह, लछीना ताड़ीखेत।
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-हमारे यहां पूर्व में खेत सोना उगलते थे, लेकिन अब जंगली जानवरों से सब कुछ तबाह कर दिया है। कैसे बच्चे पाले और आगे बढ़ें। सरकार महंगाई पर अंकुश नहीं लगा पा रही है। ऐसा जनप्रतिनिधि हो जो ग्रामीणों की समस्याओं का निराकरण कर सके।-पूरन चंद्र
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-हमारे गांव में ना तो सब्जी का उत्पादन हो पा रहा है और ना ही अनाज। जंगली जानवरों से सब कुछ चौपट कर दिया है। दूसरी तरफ महंगाई आसमान छू रही है। सरकार को महंगाई कम करनी चाहिए और जंगली जानवरों के नुकसान से ग्रामीणों को बचाना चाहिए।-गीता देवी, लछीना, रानीखेत।
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-क्या करें बेरोजगारी का आलम बहुत है। तेल महंगा हो गया है। जानवरों ने खेती किसानी चौपट कर दी है। इन हालातों में कैसे भरण पोषण होगा। ऐसी सरकार बने कि जो ग्रामीण विकास की तरफ ध्यान दे और ग्रामीणों को राहत दे।-मदन सिंह, लछीना ताड़ीखेत।
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-हमारे यहां पूर्व में खेत सोना उगलते थे, लेकिन अब जंगली जानवरों से सब कुछ तबाह कर दिया है। कैसे बच्चे पाले और आगे बढ़ें। सरकार महंगाई पर अंकुश नहीं लगा पा रही है। ऐसा जनप्रतिनिधि हो जो ग्रामीणों की समस्याओं का निराकरण कर सके।-पूरन चंद्र

गीता देवी- फोटो : RANIKHET