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आईटीआई बंद कर देने से दौलाघट क्षेत्र के लोगों में आक्रोश
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ल्मोड़ा कलक्ट्रेट में एडीएम को ज्ञापन सौंपते दौलाघाट क्षेत्र के ग्रामीण।
- फोटो : ALMORA
अल्मोड़ा। दौलाघट में 2015 खोले गए आईटीआई को बंद कर देने से क्षेत्र के लोगों में भारी आक्रोश है। क्षेत्र से पहुंचे ग्रामीणों ने बृहस्पतिवार को अपर जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा।
ग्रामीणों ने बताया कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में 2015 में दौलाघट में आईटीआई स्थापित किया गया। आईटीआई में करीब 40 छात्र प्रशिक्षण ले रहे थे लेकिन इस साल आईटीआई में प्रवेश नहीं दिए गए।
इधर चार-पांच दिन पहले आईटीआई में कार्यरत सभी प्रशिक्षकों को अन्यत्र स्थानांतरित करके आईटीआई को बंद कर दिया गया है। आईटीआई बंद होने से क्षेत्र के ग्रामीणों में काफी नाराजगी है। ज्ञापन में कहा गया है कि 2015 में आईटीआई का उद्घाटन तत्कालीन क्षेत्रीय विधायक रेखा आर्या ने किया था। तब वह कांग्रेस से विधायक थी जबकि आज वह विधायक होने के साथ ही मंत्री भी हैं लेकिन आईटीआई को बंद किया जा रहा है। आईटीआई बंद होने से क्षेत्र के अनुसूचित जाति के युवाओं के साथ ही अन्य लोगों को आईटीआई का प्रशिक्षण लेने बाहर जाना पड़ेगा।
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उन्होंने कहा है कि पूर्व में प्रशिक्षण ले चुके युवाओं को भी अभी तक प्रमाणपत्र नहीं मिला है। उन्होंने कहा है कि यदि आईटीआई को खोलने का निर्णय नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा। ज्ञापन देने वालों में ज्येष्ठ उप प्रमुख गोपाल खोलिया, अनुसूचित जाति आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष राजेंद्र बाराकोटी, जिला पंचायत सदस्य सरोज चिलवाल, कृष्ण सिंह बिष्ट, महेश पांडे, भुवन कांडपाल, गंगा देवी, क्षेत्र पंचायत सदस्य राहुल खोलिया, जीवन राम, प्रदीप बिष्ट, राजेंद्र चिलवाल आदि शामिल थे।
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ग्रामीणों ने बताया कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में 2015 में दौलाघट में आईटीआई स्थापित किया गया। आईटीआई में करीब 40 छात्र प्रशिक्षण ले रहे थे लेकिन इस साल आईटीआई में प्रवेश नहीं दिए गए।
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इधर चार-पांच दिन पहले आईटीआई में कार्यरत सभी प्रशिक्षकों को अन्यत्र स्थानांतरित करके आईटीआई को बंद कर दिया गया है। आईटीआई बंद होने से क्षेत्र के ग्रामीणों में काफी नाराजगी है। ज्ञापन में कहा गया है कि 2015 में आईटीआई का उद्घाटन तत्कालीन क्षेत्रीय विधायक रेखा आर्या ने किया था। तब वह कांग्रेस से विधायक थी जबकि आज वह विधायक होने के साथ ही मंत्री भी हैं लेकिन आईटीआई को बंद किया जा रहा है। आईटीआई बंद होने से क्षेत्र के अनुसूचित जाति के युवाओं के साथ ही अन्य लोगों को आईटीआई का प्रशिक्षण लेने बाहर जाना पड़ेगा।
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उन्होंने कहा है कि पूर्व में प्रशिक्षण ले चुके युवाओं को भी अभी तक प्रमाणपत्र नहीं मिला है। उन्होंने कहा है कि यदि आईटीआई को खोलने का निर्णय नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा। ज्ञापन देने वालों में ज्येष्ठ उप प्रमुख गोपाल खोलिया, अनुसूचित जाति आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष राजेंद्र बाराकोटी, जिला पंचायत सदस्य सरोज चिलवाल, कृष्ण सिंह बिष्ट, महेश पांडे, भुवन कांडपाल, गंगा देवी, क्षेत्र पंचायत सदस्य राहुल खोलिया, जीवन राम, प्रदीप बिष्ट, राजेंद्र चिलवाल आदि शामिल थे।