{"_id":"6856f979e20b346a0a03060b","slug":"people-face-the-problems-almora-news-c-232-1-ksp1005-129753-2025-06-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Almora News: बरसात में लोगों का दर्द और बढ़ाएगा क्वारब में अल्मोड़ा-हल्द्वानी राजमार्ग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Almora News: बरसात में लोगों का दर्द और बढ़ाएगा क्वारब में अल्मोड़ा-हल्द्वानी राजमार्ग
Sat, 21 Jun 2025 11:57 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Sat, 21 Jun 2025 11:57 PM IST
विज्ञापन
अल्मोड़ा। अल्मोड़ा-हल्द्वानी राष्ट्रीय राजमार्ग-109 पर क्वारब पुल के पास भूस्खलन की समस्या लगातार बढ़ती जा रही है। समय रहते अगर यहां हो रहे भूस्खलन को रोकने का कार्य शुरू किया जाता तो लोगों को समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ता। मानसूनकाल शुरू हो गया है। अब यहां पर सड़क बंद होने की संभावना और अधिक बढ़ गई है। एहतियातन सुरक्षात्मक कार्य हो रहा है, लेकिन इसके मानसून आने से पहले पूरा होने की उम्मीद नहीं है। इस सड़क से गुजरने वाले लोगों को आए दिन जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ेगा और जाम से जूझना पड़ेगा।
यह हाईवे अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, बागेश्वर और नैनीताल जिले की लाइफलाइन है। इसी से जरूरी सामान की आपूर्ति पहाड़ों को होती है। क्वारब में पुल के निर्माण के लिए हुई खोदाई और विस्फोटक के प्रयोग से सुयाल नदी का निचला और ऊपरी हिस्सा ढीला पड़ गया है। दोनों ओर लगातार भूस्खलन हो रहा है।
एनएच रानीखेत ने यात्रियों को दिक्कत न हो इसलिए सुयाल नदी से सड़क तक करीब 150 मीटर हिस्से पर सुरक्षात्मक कार्य करने शुरू कर दिए हैं। वर्तमान तक सिर्फ 11 मीटर सुरक्षात्मक कार्य हो पाए हैं। मई 2026 तक यहां निचले हिस्से से हो रहे सुरक्षात्मक कार्य को पूरा किया जाना है।
विज्ञापन
विज्ञापन
यह हाईवे अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, बागेश्वर और नैनीताल जिले की लाइफलाइन है। इसी से जरूरी सामान की आपूर्ति पहाड़ों को होती है। क्वारब में पुल के निर्माण के लिए हुई खोदाई और विस्फोटक के प्रयोग से सुयाल नदी का निचला और ऊपरी हिस्सा ढीला पड़ गया है। दोनों ओर लगातार भूस्खलन हो रहा है।
विज्ञापन
एनएच रानीखेत ने यात्रियों को दिक्कत न हो इसलिए सुयाल नदी से सड़क तक करीब 150 मीटर हिस्से पर सुरक्षात्मक कार्य करने शुरू कर दिए हैं। वर्तमान तक सिर्फ 11 मीटर सुरक्षात्मक कार्य हो पाए हैं। मई 2026 तक यहां निचले हिस्से से हो रहे सुरक्षात्मक कार्य को पूरा किया जाना है।
विज्ञापन