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Almora News: विज्ञान के शिक्षक नहीं, छात्र कैसे बनेंगे वैज्ञानिक
Mon, 27 Nov 2023 11:42 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Mon, 27 Nov 2023 11:42 PM IST
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अल्मोड़ा। जिले के ताकुला विकासखंड का जीआईसी दड़मिया में इंटरमीडिएट के विद्यार्थियों को अंग्रेजी, रसायन विज्ञान, भौतिक विज्ञान विषय पढ़ाने के लिए शिक्षक नहीं है। प्रवक्ताओं के छह पद रिक्त चल रहे हैं। विज्ञान शिक्षक नहीं होने से विद्यार्थियों के वैज्ञानिक, डॉक्टर बनने का सपना पूरा नहीं हो पा रहा है।
विज्ञान और तकनीक को जरूरी बताकर विद्यार्थियों को इस क्षेत्र में आगे बढ़ाने के कई कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं लेकिन ये सभी दावे धरातल पर नहीं उतर पा रहे हैं। जीआईसी दड़मिया में आठ से अधिक गांवों के 250 से अधिक विद्यार्थी पढ़ने आते हैं लेकिन उन्हें विज्ञान पढ़ाने के लिए शिक्षक नहीं हैं।
विद्यालय में चार साल से भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान प्रवक्ता और दो साल से भी अधिक समय से अंग्रेजी के प्रवक्ता नहीं हैं। हैरानी की बात यह है कि इन पदों पर अतिथि शिक्षकों की भी तैनाती नहीं हुई है। ऐसे में विद्यार्थियों का डॉक्टर, इंजीनियर बनने का सपना टूट रहा है। इसके अलावा संस्कृत, राजनीति विज्ञान, समाजशास्त्र विषयों में भी प्रवक्ता नहीं है। इन विषयों में अतिथि शिक्षक तैनात है जिससे थोड़ी राहत मिल रही है।
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तीन साल से नहीं हैं प्रधानाचार्य
अल्मोड़ा। विद्यालय में प्रधानाचार्य का पद भी तीन साल से रिक्त चल रहा है। विद्यालय के ही वरिष्ठ शिक्षक को प्रधानाचार्य का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। ऐसे में वह कक्षाओं में समय नहीं दे पाते हैं। इससे पढ़ाई पर असर पड़ता है।
जीआईसी दड़मिया में शिक्षकों के रिक्त पदों की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी गई है। शिक्षकों की नियुक्ति शासन स्तर से संभव है।
विनय कुमार आर्या, बीईओ, अल्मोड़ा।
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विज्ञान और तकनीक को जरूरी बताकर विद्यार्थियों को इस क्षेत्र में आगे बढ़ाने के कई कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं लेकिन ये सभी दावे धरातल पर नहीं उतर पा रहे हैं। जीआईसी दड़मिया में आठ से अधिक गांवों के 250 से अधिक विद्यार्थी पढ़ने आते हैं लेकिन उन्हें विज्ञान पढ़ाने के लिए शिक्षक नहीं हैं।
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विद्यालय में चार साल से भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान प्रवक्ता और दो साल से भी अधिक समय से अंग्रेजी के प्रवक्ता नहीं हैं। हैरानी की बात यह है कि इन पदों पर अतिथि शिक्षकों की भी तैनाती नहीं हुई है। ऐसे में विद्यार्थियों का डॉक्टर, इंजीनियर बनने का सपना टूट रहा है। इसके अलावा संस्कृत, राजनीति विज्ञान, समाजशास्त्र विषयों में भी प्रवक्ता नहीं है। इन विषयों में अतिथि शिक्षक तैनात है जिससे थोड़ी राहत मिल रही है।
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तीन साल से नहीं हैं प्रधानाचार्य
अल्मोड़ा। विद्यालय में प्रधानाचार्य का पद भी तीन साल से रिक्त चल रहा है। विद्यालय के ही वरिष्ठ शिक्षक को प्रधानाचार्य का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। ऐसे में वह कक्षाओं में समय नहीं दे पाते हैं। इससे पढ़ाई पर असर पड़ता है।
जीआईसी दड़मिया में शिक्षकों के रिक्त पदों की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी गई है। शिक्षकों की नियुक्ति शासन स्तर से संभव है।
विनय कुमार आर्या, बीईओ, अल्मोड़ा।