{"_id":"65e0c88a56b8c1cd020e36e4","slug":"people-face-problems-almora-news-c-232-1-alm1001-108962-2024-02-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Almora News: अस्पतालों से गायब 23 चिकित्सकों ने बिगाड़ी स्वास्थ्य विभाग की सेहत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Almora News: अस्पतालों से गायब 23 चिकित्सकों ने बिगाड़ी स्वास्थ्य विभाग की सेहत
Thu, 29 Feb 2024 11:40 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Thu, 29 Feb 2024 11:40 PM IST
विज्ञापन
अल्मोड़ा। पहले से जिले के अस्पताल चिकित्सकों की कमी से जूझ रहे हैं। इस पर सालों से गायब चिकित्सकों ने स्वास्थ्य विभाग के साथ ही मरीजों की सेहत बिगाड़ने का काम किया है। जिले भर के अस्पतालों में 23 डॉक्टर ऐसे हैं जो तैनाती लेने के बाद से गायब हैं। कभी अस्पताल न आने वाले इन चिकित्सकों की सेवा समाप्ति न होने पर नए चिकित्सकों की तैनाती का रास्ता भी बंद है।
स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जिले भर के अस्पतालों में 23 चिकित्सक ऐसे हैं जो वर्षों से गायब हैं, इनमें 10 नियमित, 13 बांडधारी चिकित्सक शामिल हैं। विभाग भी दस्तावेजों में इन चिकित्सकों को अनुपस्थित दिखाकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ दिया। भले ही ये चिकित्सक अस्पतालों से गायब हैं, लेकिन विभाग के रिकॉर्ड में उनकी अब भी नियुक्ति है। संबंधित अस्पतालों में इनकी नियुक्ति होने के कारण पदों को रिक्त नहीं माना जा सकता। ऐसे में गायब चिकित्सकों की जगह नए चिकित्सकों की नियुक्ति का रास्ता भी पूरी तरह बंद है। विभाग ने गायब चिकित्सकों की सेवा समाप्ति के दावे तो किए थे, इस पर अब तक अमल नहीं हो सका है। संवाद
गायब चिकित्सकों में विशेषज्ञ भी शामिल
अल्मोड़ा। बेस, जिला, सीएचसी देवायल, पीएचसी भैंसियाछाना, सराईखेत, स्याल्दे, जैंती, बसोली, ध्याड़ी, मानिला अस्पतालों से चिकित्सक गायब हैं, इनमें विशेषज्ञ भी शामिल हैं। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक बेस अस्पताल में पैथोलॉजिस्ट, ईएनटी सर्जन, सीएचसी देवायल में महिला रोग विशेषज्ञ, जिला अस्पताल में निश्चेतक, हड्डी रोग विशेषज्ञ शामिल हैं।
विज्ञापन
कोट- सालों से गायब चिकित्सकों की सेवा समाप्ति की कार्रवाई चल रही है। जल्द की इनकी सेवा समाप्ति कर इनकी जगह नए चिकित्सकों की तैनाती के प्रयास होंगे।
डॉ. आरसी पंत, सीएमओ, अल्मोड़ा।
बागेश्वर से पांच बांडधारी डॉक्टर लंबे समय से नदारद
संवाद न्यूज एजेंसी
बागेश्वर। बागेश्वर जिले के पांच बांडधारी चिकित्सक लंबे समय से बगैर अवकाश के नदारद हैं। सीएमओ कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार जिला अस्पताल में तैनात बांडधारी चिकित्सक डाॅ. अश्वनी वर्मा, डॉ. हिना परवीन, सीएचसी बैजनाथ में तैनात डॉ. रितु कंडारी, सीएचसी कांडा में तैनात डॉ. मोहम्मद फैजल अंसारी और डॉ. मोहम्मद शाहिद लंबे समय से बगैर अवकाश के कार्यस्थल से नदारद हैं। चिकित्सकों को कई बार महकमे की ओर से नोटिस दिया जा चुका है लेकिन यह काम पर नहीं लौटे। चिकित्सकों के काम पर न लौटने से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। अस्पतालों में चिकित्सकों की कमी बनी हुई है।
सीएससी में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी
बागेश्वर। जिले के तीनों सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी बनी हुई है। सीएचसी बैजनाथ में तीन विशेषज्ञ चिकित्सकों के पद रिक्त हैं। सीएचसी कपकोट में चिकित्सा अधीक्षक के साथ ही छह विशेषज्ञ चिकित्सकों के पद रिक्त हैं। सीएचसी कांडा में विशेषज्ञ चिकित्सकों के छह पद सृजित हैं। सभी पद रिक्त हैं। संवाद
103 के सापेक्ष 89 डॉक्टर तैनात
बागेश्वर। बागेश्वर जिले में 14 चिकित्सकों की कमी बनी हुई है। सीएमओ कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार जिले में चिकित्सकों के 103 पद सृजित हैं। इसके सापेक्ष 89 चिकित्सक तैनात हैं। संवाद
लंबे समय से बगैर अवकाश के नदारद तीन बांडधारी चिकित्सकों के खिलाफ वसूली की कार्रवाई की गई है। शेष के खिलाफ भी कार्रवाई अमल में लाई जा रह है। रिक्त पदों पर तैनाती के प्रयास किए जा रहे हैं।-डॉ. देवेश चौहान, एसीएमओ, बागेश्वर
विज्ञापन
स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जिले भर के अस्पतालों में 23 चिकित्सक ऐसे हैं जो वर्षों से गायब हैं, इनमें 10 नियमित, 13 बांडधारी चिकित्सक शामिल हैं। विभाग भी दस्तावेजों में इन चिकित्सकों को अनुपस्थित दिखाकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ दिया। भले ही ये चिकित्सक अस्पतालों से गायब हैं, लेकिन विभाग के रिकॉर्ड में उनकी अब भी नियुक्ति है। संबंधित अस्पतालों में इनकी नियुक्ति होने के कारण पदों को रिक्त नहीं माना जा सकता। ऐसे में गायब चिकित्सकों की जगह नए चिकित्सकों की नियुक्ति का रास्ता भी पूरी तरह बंद है। विभाग ने गायब चिकित्सकों की सेवा समाप्ति के दावे तो किए थे, इस पर अब तक अमल नहीं हो सका है। संवाद
विज्ञापन
गायब चिकित्सकों में विशेषज्ञ भी शामिल
अल्मोड़ा। बेस, जिला, सीएचसी देवायल, पीएचसी भैंसियाछाना, सराईखेत, स्याल्दे, जैंती, बसोली, ध्याड़ी, मानिला अस्पतालों से चिकित्सक गायब हैं, इनमें विशेषज्ञ भी शामिल हैं। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक बेस अस्पताल में पैथोलॉजिस्ट, ईएनटी सर्जन, सीएचसी देवायल में महिला रोग विशेषज्ञ, जिला अस्पताल में निश्चेतक, हड्डी रोग विशेषज्ञ शामिल हैं।
विज्ञापन
कोट- सालों से गायब चिकित्सकों की सेवा समाप्ति की कार्रवाई चल रही है। जल्द की इनकी सेवा समाप्ति कर इनकी जगह नए चिकित्सकों की तैनाती के प्रयास होंगे।
डॉ. आरसी पंत, सीएमओ, अल्मोड़ा।
बागेश्वर से पांच बांडधारी डॉक्टर लंबे समय से नदारद
संवाद न्यूज एजेंसी
बागेश्वर। बागेश्वर जिले के पांच बांडधारी चिकित्सक लंबे समय से बगैर अवकाश के नदारद हैं। सीएमओ कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार जिला अस्पताल में तैनात बांडधारी चिकित्सक डाॅ. अश्वनी वर्मा, डॉ. हिना परवीन, सीएचसी बैजनाथ में तैनात डॉ. रितु कंडारी, सीएचसी कांडा में तैनात डॉ. मोहम्मद फैजल अंसारी और डॉ. मोहम्मद शाहिद लंबे समय से बगैर अवकाश के कार्यस्थल से नदारद हैं। चिकित्सकों को कई बार महकमे की ओर से नोटिस दिया जा चुका है लेकिन यह काम पर नहीं लौटे। चिकित्सकों के काम पर न लौटने से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। अस्पतालों में चिकित्सकों की कमी बनी हुई है।
सीएससी में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी
बागेश्वर। जिले के तीनों सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी बनी हुई है। सीएचसी बैजनाथ में तीन विशेषज्ञ चिकित्सकों के पद रिक्त हैं। सीएचसी कपकोट में चिकित्सा अधीक्षक के साथ ही छह विशेषज्ञ चिकित्सकों के पद रिक्त हैं। सीएचसी कांडा में विशेषज्ञ चिकित्सकों के छह पद सृजित हैं। सभी पद रिक्त हैं। संवाद
103 के सापेक्ष 89 डॉक्टर तैनात
बागेश्वर। बागेश्वर जिले में 14 चिकित्सकों की कमी बनी हुई है। सीएमओ कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार जिले में चिकित्सकों के 103 पद सृजित हैं। इसके सापेक्ष 89 चिकित्सक तैनात हैं। संवाद
लंबे समय से बगैर अवकाश के नदारद तीन बांडधारी चिकित्सकों के खिलाफ वसूली की कार्रवाई की गई है। शेष के खिलाफ भी कार्रवाई अमल में लाई जा रह है। रिक्त पदों पर तैनाती के प्रयास किए जा रहे हैं।-डॉ. देवेश चौहान, एसीएमओ, बागेश्वर