{"_id":"68559c4e95b5d133820027dd","slug":"ophthalmologist-on-leave-patients-wander-for-treatment-almora-news-c-232-1-shld1003-129698-2025-06-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Almora News: नेत्र रोग विशेषज्ञ अवकाश पर, इलाज के लिए भटके मरीज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Almora News: नेत्र रोग विशेषज्ञ अवकाश पर, इलाज के लिए भटके मरीज
Fri, 20 Jun 2025 11:07 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Fri, 20 Jun 2025 11:07 PM IST
विज्ञापन
जिला अस्पताल में नेत्र रोग विशेषज्ञ का बंद पड़ा कक्ष। संवाद
अल्मोड़ा। जिला अस्पताल में एक मात्र नेत्र रोग विशेषज्ञ के अवकाश पर रहने से मरीजों को इलाज के लिए भटकना पड़ा। इस दौरान मरीजों ने पांच किमी दूर बेस तो किसी ने निजी अस्पताल में इलाज कराया। कई मरीज बैरंग लौटे।
शुक्रवार सुबह से ही अस्पताल में मरीजों की भीड़ रही। अस्पताल की ओपीडी 500 पार रही। यहां नगर समेत ग्रामीण क्षेत्रों से आंखों में दर्द, सूजन, खुजली, ग्लूकोमा, मोतियाबिंद संबंधित मरीज इलाज कराने अस्पताल पहुंचे। यहां तैनात नेत्र रोग विशेषज्ञ के नहीं होने से मरीजों को परेशानी हुई। ऐसे में मरीजों को बेस और निजी अस्पतालों की दौड़ लगानी पड़ी। संवाद
बोले लोग
नगर के जाखनदेवी निवासी रमेश सिंह बिष्ट ने बताया कि आंखों में दर्द की परेशानी को लेकर अस्पताल पहुंचे। लेकिन चिकित्सक नहीं होने से उन्हें निजी अस्पताल की दौड़ लगानी पड़ी।
विज्ञापन
लमगड़ा निवासी सुशीला देवी अपनी माता सरूली देवी मोतियाबिंद की परेशानी से अस्पताल पहुंची। उनका कहना है कि यहां चिकित्सक के नहीं होने से घर को वापस लौटना पड़ा।
कोट
ईएनटी चिकित्सक अवकाश पर हैं। उनके लौटने के बाद ही इलाज मिल पाएगा। - डॉ. एचसी गड़कोटी पीएमएस अल्मोड़ा।
विज्ञापन
शुक्रवार सुबह से ही अस्पताल में मरीजों की भीड़ रही। अस्पताल की ओपीडी 500 पार रही। यहां नगर समेत ग्रामीण क्षेत्रों से आंखों में दर्द, सूजन, खुजली, ग्लूकोमा, मोतियाबिंद संबंधित मरीज इलाज कराने अस्पताल पहुंचे। यहां तैनात नेत्र रोग विशेषज्ञ के नहीं होने से मरीजों को परेशानी हुई। ऐसे में मरीजों को बेस और निजी अस्पतालों की दौड़ लगानी पड़ी। संवाद
विज्ञापन
बोले लोग
नगर के जाखनदेवी निवासी रमेश सिंह बिष्ट ने बताया कि आंखों में दर्द की परेशानी को लेकर अस्पताल पहुंचे। लेकिन चिकित्सक नहीं होने से उन्हें निजी अस्पताल की दौड़ लगानी पड़ी।
विज्ञापन
लमगड़ा निवासी सुशीला देवी अपनी माता सरूली देवी मोतियाबिंद की परेशानी से अस्पताल पहुंची। उनका कहना है कि यहां चिकित्सक के नहीं होने से घर को वापस लौटना पड़ा।
कोट
ईएनटी चिकित्सक अवकाश पर हैं। उनके लौटने के बाद ही इलाज मिल पाएगा। - डॉ. एचसी गड़कोटी पीएमएस अल्मोड़ा।