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अब भगतोला में माओवादी पोस्टर
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा।
Updated Tue, 25 Apr 2017 10:32 PM IST
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कथित माओवादियों द्वारा दीवारों परह लिखे संदेश।
- फोटो : अमर उजाला
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बिंता और बग्वालीपोखर के बाद माओवादियों ने डीआईजी के अल्मोड़ा भ्रमण से पहले जीआईसी भगतोला की दीवार और सकार गांव में पोस्टर चिपकाने के साथ ही दीवारों पर नारे आदि लिख दिए हैं। पोस्टरों में शराब के खिलाफ चल रहे आंदोलनों को समर्थन दिया गया है। माओवाद के पोस्टर चिपकाने की घटनाएं बार-बार हो रही हैं, लेकिन आरोपियों का सुराग नहीं लग पाया है।
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भाकपा (माओवादी) की ओर से लाल रंग से जीआईसी भगतोला की दीवारों, भगतोला पुल और सकार गांव में पोस्टर लगा कर दीवारों पर लिखा गया गया। जिसमें शराब की दुकानों को ध्वस्त करो, घर बर्बाद होने से बचाओ, युवाओं को नशा नहीं रोजगार दो वर्ना सम्मान से जीने लायक भत्ता दो, राज्य में पूर्ण शराबबंदी लागू करो, शराब के ठेकों को जनता आग लगाए, उत्तराखंड को नशा और शोषण मुक्त राज्य बनाने के लिए माओवादी पार्टी में शामिल हों, प्रदेश भर में शराबबंदी के लिए छात्र, महिलाओं के जुझारू संघर्ष और तोड़फोड़ की कार्रवाइयों को भाकपा (माओवादी) की ओर से समर्थन दिया गया है।
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मंगलवार सुबह लोगों ने भगतोला में पोस्टर लगे देखे तो इसकी सूचना पुलिस को दी। तहसीलदार खुशबू आर्या के नेतृत्व में पुलिस और राजस्व कर्मी भगतोला पहुंचे और जानकारी ली, पर कथित माओवादियों का अब तक कोई सुराग नहीं लग सका है। मालूम हो कि माओवादियों ने शनिवार को बिंता, बग्वालीपोखर क्षेत्र में भी इसी तरह की वॉल पेंटिंग की थी और पर्चे फेंके थे, लेकिन इन घटनाओं को अंजाम देने वालों को पुलिस प्रशासन अब तक नहीं पकड़ सका है।
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