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हड़ताल के चरमराई अस्पतालों की व्यवस्थाएं
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द्वाराहाट ब्लॉक मुख्यालय पर नारेबाजी करते एनएचएम के कर्मचारी। संवाद
- फोटो : RANIKHET
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अल्मोड़ा/रानीखेत/द्वाराहाट। अपनी विभिन्न मांगों को लेकर एनएचएम कर्मचारियों का धरना तीसरे दिन भी जारी रहा। इससे जिला और बेस अस्पताल में व्यवस्थाएं चरमरा गईं हैं।
सीएमओ दफ्तर में धरने पर बैठे कर्मचारियों ने बृहस्पतिवार को दो मिनट का मौन रखकर हेलिकॉप्टर हादसे में दिवंगत सीडीएम जनरल बिपिन रावत, उनकी पत्नी और 11 सैन्य अफसरों एवं कर्मियों को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद कर्मचारियों ने अपनी मांगों के लिए नारेबाजी की।
वहां हुई सभा में उन्होंने कहा कि सरकार उनकी मांगों को पूरा नहीं करेगी तो वह शुक्रवार से पूर्ण कार्य बहिष्कार करेंगे। कर्मचारियों ने सरकार से आउटसोर्स व्यवस्था को बंद कर उन्हें हरियाणा की तर्ज पर वेतनमान दिलाने की मांग की है। इस मौके पर खीम नगरकोटी, दीपक भट्ट, दयाल आर्या, डॉ. सोबन सिंह राणा, मनु कृष्णा, हिमानी थापा, गोविंद सिंह कुंजवाल आदि रहे।
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ब्लॉक अध्यक्ष वीरेंद्र नेगी ने कहा कि कोविड -19 के दौरान जान की परवाह न कर उन्होंने मनोयोग के साथ कार्य किया, लेकिन सरकार उनकी मांगों की लगातार अनदेखी कर रही है। रानीखेत/द्वाराहाट के धरना, प्रदर्शन में जगदीश गिरी, डॉ. मोनिका पाठक, डॉ. सीएस भट्ट, अजय तिवारी, जानकी शर्मा, आशा मेहता, मुन्नी गोस्वामी, माया पांडेय आदि रहे।
एनएचएम कर्मियों ने सीएमओ कार्यालय परिसर में प्रदर्शन किया
बागेश्वर। ग्रेड वेतनमान देने, आउटसोर्स नियुक्ति बंद करने की मांग को लेकर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के संविदा कर्मचारियों का कार्य बहिष्कार बृहस्पतिवार को भी जारी रहा। कर्मचारियों ने सीएमओ कार्यालय में धरना देकर मांगों को लेकर नारेबाजी की। उन्होंने 10 दिसंबर से बेमियादी हड़ताल की चेतावनी दी है।
इस आंदोलन को कांग्रेस नेता भैरव नाथ टम्टा ने भी समर्थन दिया।
उन्होंने कहा कि एनएचएम कर्मियों की जायज मांगों को सरकार को पूरा कर देना चाहिए। एनएचएम संविदा कर्मचारियों की हड़ताल के कारण सीएमओ कार्यालय, सीएचसी, पीएचसी के कामकाज पर असर पड़ा है। टीकाकरण, कोविड सैंपलिंग, भुगतान संबंधी कार्य, जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र बनाने के कार्य बाधित हो गए हैं। धरने में दीक्षा पांडेय, विजय कुमार, डॉ. नवल परिहार, अनूप कांडपाल, नीरज उपाध्याय, संदीप कौर, गरिमा जोशी आदि बैठे।
कोरोना की जांच भी प्रभावित
अल्मोड़ा। एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल की वजह से कोरोना की जांच भी प्रभावित हो गई है। इस समय पूरे देश भर में कोरोना को लेकर सतर्क रहने के लिए कहा गया है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से इसके लिए बाहर से आने वाले लोगों के सैंपल लेने भी शुरू करवाए थे, लेकिन अब यह स्थिति बिगड़ने लगी है। जिले की सीमा पर सैंपल तो लिए जा रहे हैं, लेकिन उनका रिकॉर्ड रखने का काम बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। यदि कर्मचारी काम पर नहीं लौटते हैं तो दिक्कत और बढ़ जाएगी।
डाटा फीडिंग का काम भी बंद
अल्मोड़ा। अस्पतालों में कार्य बहिष्कार की वजह से डाटा फीडिंग का काम भी पूरी तरह से बंद हो गया है। जिले के सभी अस्पतालों में कोविड जांच और अन्य कामों का लेखा-जोखा रखने के लिए एनएचएम के ही कंप्यूटर ऑपरेटर तैनात हैं। हड़ताल के कारण अब कंप्यूटर भी धूल फांक रहे हैं। किसी भी तरह का रिकॉर्ड रखने में अस्पताल स्टाफ को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
टीबी उन्मूलन अभियान पर भी असर
अल्मोड़ा। क्षय रोग को 2025 तक जड़ से खत्म करने का केंद्र सरकार का लक्ष्य भी कार्य बहिष्कार की वजह से प्रभावित हो गया है। अल्मोड़ा के क्षय रोग विभाग में भी जो डॉक्टर और अन्य स्टाफ तैनात है, उनमें कई स्टाफ एनएचएम का ही है। इनके कार्य बहिष्कार पर जाने के बाद अब टीबी उन्मूलन कार्यक्रम भी प्रभावित हो गया है।
कर्मचारी हरियाणा की तर्ज पर ग्रेड पे, आउटसोर्सिंग व्यवस्था को खत्म कर 60 साल तक कार्यकाल की मांग कर रहे हैं। उनकी मांगों को उच्च अधिकारियों तक पहुंचा दिया गया है। मेरी अपील है कि सभी कर्मचारी काम पर लौटें।
- डॉ. आरसी पंत, सीएमओ, अल्मोड़ा।
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सीएमओ दफ्तर में धरने पर बैठे कर्मचारियों ने बृहस्पतिवार को दो मिनट का मौन रखकर हेलिकॉप्टर हादसे में दिवंगत सीडीएम जनरल बिपिन रावत, उनकी पत्नी और 11 सैन्य अफसरों एवं कर्मियों को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद कर्मचारियों ने अपनी मांगों के लिए नारेबाजी की।
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वहां हुई सभा में उन्होंने कहा कि सरकार उनकी मांगों को पूरा नहीं करेगी तो वह शुक्रवार से पूर्ण कार्य बहिष्कार करेंगे। कर्मचारियों ने सरकार से आउटसोर्स व्यवस्था को बंद कर उन्हें हरियाणा की तर्ज पर वेतनमान दिलाने की मांग की है। इस मौके पर खीम नगरकोटी, दीपक भट्ट, दयाल आर्या, डॉ. सोबन सिंह राणा, मनु कृष्णा, हिमानी थापा, गोविंद सिंह कुंजवाल आदि रहे।
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ब्लॉक अध्यक्ष वीरेंद्र नेगी ने कहा कि कोविड -19 के दौरान जान की परवाह न कर उन्होंने मनोयोग के साथ कार्य किया, लेकिन सरकार उनकी मांगों की लगातार अनदेखी कर रही है। रानीखेत/द्वाराहाट के धरना, प्रदर्शन में जगदीश गिरी, डॉ. मोनिका पाठक, डॉ. सीएस भट्ट, अजय तिवारी, जानकी शर्मा, आशा मेहता, मुन्नी गोस्वामी, माया पांडेय आदि रहे।
एनएचएम कर्मियों ने सीएमओ कार्यालय परिसर में प्रदर्शन किया
बागेश्वर। ग्रेड वेतनमान देने, आउटसोर्स नियुक्ति बंद करने की मांग को लेकर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के संविदा कर्मचारियों का कार्य बहिष्कार बृहस्पतिवार को भी जारी रहा। कर्मचारियों ने सीएमओ कार्यालय में धरना देकर मांगों को लेकर नारेबाजी की। उन्होंने 10 दिसंबर से बेमियादी हड़ताल की चेतावनी दी है।
इस आंदोलन को कांग्रेस नेता भैरव नाथ टम्टा ने भी समर्थन दिया।
उन्होंने कहा कि एनएचएम कर्मियों की जायज मांगों को सरकार को पूरा कर देना चाहिए। एनएचएम संविदा कर्मचारियों की हड़ताल के कारण सीएमओ कार्यालय, सीएचसी, पीएचसी के कामकाज पर असर पड़ा है। टीकाकरण, कोविड सैंपलिंग, भुगतान संबंधी कार्य, जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र बनाने के कार्य बाधित हो गए हैं। धरने में दीक्षा पांडेय, विजय कुमार, डॉ. नवल परिहार, अनूप कांडपाल, नीरज उपाध्याय, संदीप कौर, गरिमा जोशी आदि बैठे।
कोरोना की जांच भी प्रभावित
अल्मोड़ा। एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल की वजह से कोरोना की जांच भी प्रभावित हो गई है। इस समय पूरे देश भर में कोरोना को लेकर सतर्क रहने के लिए कहा गया है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से इसके लिए बाहर से आने वाले लोगों के सैंपल लेने भी शुरू करवाए थे, लेकिन अब यह स्थिति बिगड़ने लगी है। जिले की सीमा पर सैंपल तो लिए जा रहे हैं, लेकिन उनका रिकॉर्ड रखने का काम बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। यदि कर्मचारी काम पर नहीं लौटते हैं तो दिक्कत और बढ़ जाएगी।
डाटा फीडिंग का काम भी बंद
अल्मोड़ा। अस्पतालों में कार्य बहिष्कार की वजह से डाटा फीडिंग का काम भी पूरी तरह से बंद हो गया है। जिले के सभी अस्पतालों में कोविड जांच और अन्य कामों का लेखा-जोखा रखने के लिए एनएचएम के ही कंप्यूटर ऑपरेटर तैनात हैं। हड़ताल के कारण अब कंप्यूटर भी धूल फांक रहे हैं। किसी भी तरह का रिकॉर्ड रखने में अस्पताल स्टाफ को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
टीबी उन्मूलन अभियान पर भी असर
अल्मोड़ा। क्षय रोग को 2025 तक जड़ से खत्म करने का केंद्र सरकार का लक्ष्य भी कार्य बहिष्कार की वजह से प्रभावित हो गया है। अल्मोड़ा के क्षय रोग विभाग में भी जो डॉक्टर और अन्य स्टाफ तैनात है, उनमें कई स्टाफ एनएचएम का ही है। इनके कार्य बहिष्कार पर जाने के बाद अब टीबी उन्मूलन कार्यक्रम भी प्रभावित हो गया है।
कर्मचारी हरियाणा की तर्ज पर ग्रेड पे, आउटसोर्सिंग व्यवस्था को खत्म कर 60 साल तक कार्यकाल की मांग कर रहे हैं। उनकी मांगों को उच्च अधिकारियों तक पहुंचा दिया गया है। मेरी अपील है कि सभी कर्मचारी काम पर लौटें।
- डॉ. आरसी पंत, सीएमओ, अल्मोड़ा।