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घनी आबादी वाले मजखाली में शौचालय तक नहीं
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा।
Updated Thu, 17 Nov 2016 10:42 PM IST
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मजखाली कस्बा।
- फोटो : अमर उजाला
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तहसील अंतर्गत मजखाली कस्बे को भी विकास की दरकार है। 39 हजार की आबादी वाले इस क्षेत्र में एक सार्वजनिक शौचालय तक नहीं है। बड़ा इलाका होने के बावजूद स्थानीय लोगों की पृथक विकासखंड की मांग आज तक पूरी नहीं हुई है।
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हर बार झूठे आश्वासनों के माध्यम से लोग गुमराह होते रहे हैं। यह क्षेत्र द्वाराहाट ब्लॉक, रानीखेत तहसील और सोमेश्वर विधानसभा में बंटा हुआ है। मजखाली से ब्लॉक मुख्यालय की दूरी 55 किमी होने के कारण क्षेत्रवासियों के ब्लॉक से जुड़ी समस्याएं हल नहीं हो पाती हैं। कुंवाली, सिमोली, सुंदरखाल, भैंसोली, रतगल आदि के ग्रामीणों को ब्लॉक मुख्यालय पहुंचने के लिए समय और धन की बर्बादी होती है। ताड़ीखेत, द्वाराहाट, हवालबाग विकासखंड के 60 ग्राम सभाओं की 39 हजार आबादी को मिलाकर मजखाली को पृथक ब्लॉक बनाने की मांग आजादी के बाद से ही उठ रही है।
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ब्लाक की मांग हर चुनाव में यहां उठती रही है, लेकिन कोई भी सुध नहीं ले रहा है। मजखाली बाजार में सार्वजनिक शौचालय तक नहीं है। शौच के लिए लोगों को खेतों का रुख करना पड़ता है। सामाजिक कार्यकर्ता एनएस अधिकारी का कहना है कि 2005 में स्वीकृत दिगोटी-दुगौड़ा-बगवालीपोखर मार्ग अस्तित्व में नहीं आ सका। सुधारीकरण के अभाव में द्वारसौं-काकड़ीघाट मोटर मार्ग दुर्घटना को दावत दे रहा है। डामरीकरण के कार्य में भी राजनीति हो रही है।
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