{"_id":"63221de98493e3552177ed98","slug":"no-application-for-free-legal-services-from-post-office-almora-news-hld4757151155","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रधानडाकघर समेत 328 उप डाकघरों में निशुल्क विधिक सेवा के आवेदन की सुविधा लेकिन एक साल से कोई आवेदन नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रधानडाकघर समेत 328 उप डाकघरों में निशुल्क विधिक सेवा के आवेदन की सुविधा लेकिन एक साल से कोई आवेदन नहीं
विज्ञापन
विधिक सहायता के लिए उपयोग होने वाला लिफाफा। संवाद
- फोटो : ALMORA
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अल्मोड़ा। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण नैनीताल की ओर से सभी डाकघरों में निशुल्क विधिक सेवा और सहायता केंद्र बनाए गए हैं। माल रोड स्थित प्रधान डाकघर में तीन अक्तूबर 2021 से शुरू हुए निशुल्क विधिक सेवा और सहायता केंद्र में विधिक सहायता के पात्रों को आवेदन की सुविधा दी गई है लेकिन लगभग एक साल बीतने के बाद भी प्रधान डाकघर में आवेदन करने के लिए कोई भी पात्र पहुंचा ही नहीं। प्रधान डाकघर समेत जिले के 328 उप डाकघरों में यह सेवा उपलब्ध है।
राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के तहत विधिक सहायता की पात्रता अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति के नागरिक, दुर्व्यहार, जातीय हिंसा और जाति अत्याचार के पीड़ित लोग, मजदूर, दिव्यांगजन समेत भूतपूर्व सैनिक, वरिष्ठ नागरिक और ट्रांसजेंडर समुदाय के नागरिकों के लिए है। ऐसे लोग जिनकी सालाना आय तीन लाख रुपये से कम है, निशुल्क विधिक सेवा के लिए आवेदन कर सकते हैं।
पोस्टमास्टर चंद्रशेखर परगांई ने बताया कि अभी तक प्रधान डाकघर में कोई भी पात्र आवेदन के लिए नहीं पहुंचा है। प्रधान डाकघर समेत जिले के 328 उप डाकघरों में निशुल्क विधिक सहायता के पात्रों के लिए सुविधा दी जा रही हैं। डाकघर कर्मियों को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्य और विधिक सहायता हेतु जागरूक करने के लिए प्रशिक्षण भी दिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के तहत विधिक सहायता की पात्रता अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति के नागरिक, दुर्व्यहार, जातीय हिंसा और जाति अत्याचार के पीड़ित लोग, मजदूर, दिव्यांगजन समेत भूतपूर्व सैनिक, वरिष्ठ नागरिक और ट्रांसजेंडर समुदाय के नागरिकों के लिए है। ऐसे लोग जिनकी सालाना आय तीन लाख रुपये से कम है, निशुल्क विधिक सेवा के लिए आवेदन कर सकते हैं।
विज्ञापन
पोस्टमास्टर चंद्रशेखर परगांई ने बताया कि अभी तक प्रधान डाकघर में कोई भी पात्र आवेदन के लिए नहीं पहुंचा है। प्रधान डाकघर समेत जिले के 328 उप डाकघरों में निशुल्क विधिक सहायता के पात्रों के लिए सुविधा दी जा रही हैं। डाकघर कर्मियों को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्य और विधिक सहायता हेतु जागरूक करने के लिए प्रशिक्षण भी दिया गया है।
विज्ञापन