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नानीसार की जांच से घबरा रही सरकार : तिवारी
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा।
Updated Sun, 07 Aug 2016 11:57 PM IST
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उपपा की बैठक
- फोटो : अमर उजाला
अल्मोड़ा। उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष पीसी तिवारी ने कहा कि नानीसार एक गांव नहीं उत्तराखंड में चल रही लूट-खसोट का एक प्रतीक है। जिसने राज्य में जल, जंगल, जमीन, प्राकृतिक संसाधनों के मुद्दे को केंद्रीय मुद्दा बना दिया है। नानीसार मामले में कांग्रेस सरकार का चेहरा बेनकाब हो चुका है। इस प्रकरण की जांच कराने से सरकार घबरा रही है। नानीसार के मुद्दे को लेकर नौ अगस्त को जिला मुख्यालय में धरना देकर डीडा (नानीसार) में जनसभा होगी।
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यहां उपपा कार्यालय में तिवारी ने पत्रकारों से कहा कि नानीसार में सीएम रावत ने निहित स्वार्थों के चलते कानून, नैतिकता की सारी मर्यादाओं को ताक में रखकर गांव की जमीन जिंदल ग्रुप को दे दी। अपनी जमीनों को बचाने के लिए आंदोलन कर रहे लोगों का सरकार ने उत्पीड़न किया, पर राज्य में आपदा पीड़ितों के लिए एक इंच जमीन नहीं मिल रही है जबकि पूंजीपतियों को कई एकड़ जमीन कौड़ियों के भाव दी जा रही है।
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नानीसार प्रकरण पर सरकार ने प्रदर्शनकारियों का दमन किया लेकिन सरकारी तंत्र के दमन के आगे आंदोलनकारी कभी झुकेंगे नहीं। तिवारी ने बताया कि नानीसार प्रकरण को लेकर नौ अगस्त को सुबह 11 बजे से चौघानपाटा अल्मोड़ा में धरना होगा।
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तीन बजे से डीडा (नानीसार) में जनसभा की जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री हरीश रावत सत्ता का दुरुपयोग कर रहे हैं। नानीसार मामले में मुख्यमंत्री ने जांच कमेटी बनाई लेकिन जांच नहीं हुई। इस दौरान केंद्रीय सचिव अमीनुर्रहमान, केंद्रीय कार्यकारिणी सदस्य आनंदी वर्मा, रेखा धस्माना, अनूप तिवारी, अजय तिवारी, राजू गिरी, जीवन चंद्र आदि थे।