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Almora News: बेटों के उत्पीड़न से परेशान मां पहुंची अदालत, एफआईआर दर्ज कराने की लगाई गुहार
Wed, 08 Apr 2026 12:15 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Wed, 08 Apr 2026 12:15 AM IST
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भिकियासैंण (अल्मोड़ा)। तहसील भिकियासैंण के ग्राम सीमलीहीत निवासी 52 वर्षीय देवकी देवी ने अपने ही बेटों पर मारपीट, उत्पीड़न और लूटपाट के गंभीर आरोप लगाते हुए न्यायालय की शरण ली है। उन्होंने न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रार्थना पत्र दाखिल कर पुलिस को प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश देने की मांग की है।
देवकी देवी के अनुसार उनके पति का वर्ष 2017 में निधन हो चुका है। उनके पांच पुत्र हैं, जिनमें से तीन उनके साथ रहते हैं। आरोप है कि बेटे ललित मोहन और प्रियांशु अक्सर शराब के नशे में उनके साथ मारपीट करते हैं और पैसों की मांग करते हैं।
पीड़िता ने बताया कि छह नवंबर 2025 को दोनों बेटों ने घर में घुसकर तोड़फोड़ की, 10 हजार रुपये छीन लिए और घर में आग लगाने की कोशिश की। इस दौरान उन्हें और उनके छोटे बेटे अमित को मारपीट कर घर से बाहर निकाल दिया गया जिसके बाद उन्हें रात में दूसरे गांव में शरण लेनी पड़ी। उन्होंने बताया कि घटना के उन्होंने पुलिस प्रशासन को शिकायत की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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पीड़िता का कहना है कि आरोपियों से उन्हें और उनके बेटे को जान का खतरा बना हुआ है। ऐसे में उन्होंने न्यायालय से पुलिस को एफआईआर दर्ज करने और उचित कार्रवाई के निर्देश देने की मांग की है।
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देवकी देवी के अनुसार उनके पति का वर्ष 2017 में निधन हो चुका है। उनके पांच पुत्र हैं, जिनमें से तीन उनके साथ रहते हैं। आरोप है कि बेटे ललित मोहन और प्रियांशु अक्सर शराब के नशे में उनके साथ मारपीट करते हैं और पैसों की मांग करते हैं।
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पीड़िता ने बताया कि छह नवंबर 2025 को दोनों बेटों ने घर में घुसकर तोड़फोड़ की, 10 हजार रुपये छीन लिए और घर में आग लगाने की कोशिश की। इस दौरान उन्हें और उनके छोटे बेटे अमित को मारपीट कर घर से बाहर निकाल दिया गया जिसके बाद उन्हें रात में दूसरे गांव में शरण लेनी पड़ी। उन्होंने बताया कि घटना के उन्होंने पुलिस प्रशासन को शिकायत की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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पीड़िता का कहना है कि आरोपियों से उन्हें और उनके बेटे को जान का खतरा बना हुआ है। ऐसे में उन्होंने न्यायालय से पुलिस को एफआईआर दर्ज करने और उचित कार्रवाई के निर्देश देने की मांग की है।