{"_id":"65dcd6a7bd64b0a461077b0a","slug":"more-than-1000-cedar-tree-will-cut-for-road-almora-news-c-8-hld1004-316562-2024-02-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Almora News: जागेश्वर में सड़क चौड़ीकरण के लिए कटेंगे देवदार के 1000 पेड़","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Almora News: जागेश्वर में सड़क चौड़ीकरण के लिए कटेंगे देवदार के 1000 पेड़
Mon, 26 Feb 2024 11:51 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Mon, 26 Feb 2024 11:51 PM IST
विज्ञापन
जागेश्वर में सड़क चौड़ीकरण के लिए पेड़ कटान को लेकर बैठक करते स्थानीय लोग और व्यापारी। संवाद
विरोध में उतरे ग्रामीण, कहा- अस्था से जुड़े दारूक वन के इन पेड़ों की पूजा करते हैं
03 किमी चौड़ीकरण होना है आरतोला से जागेश्वर तक की सड़क का
अल्मोड़ा। जागेश्वर में मास्टर प्लान के तहत हो रहे सड़क चौड़ीकरण के लिए करीब 1000 देवदार के पेड़ों को काटने की तैयारी की जा रही है। कार्यदायी संस्था लोक निर्माण विभाग ने चौड़ीकरण की जद में आ रहे पेड़ों का चिह्नीकरण करना शुरू कर दिया है। क्षेत्र के लोग इसके विरोध में उतर आए हैं। उनका कहना है कि अस्था से जुड़े दारूक वन में खड़े इन पेड़ों की वे पूजा करते हैं।
जागेश्वर धाम देवदार के जंगल के बीच स्थित है। इसे दारूक वन के नाम से भी पहचान मिली है। पौराणिक मान्यता के अनुसार यही दारुक वन भगवान शिव का निवास स्थान है। धाम के विकास के लिए मास्टर प्लान को धरातल पर उतारा जा रहा है। मास्टर प्लान के तहत आरतोला से जागेश्वर तक तीन किमी सड़क का चौड़ीकरण होना है। टू-लेन सड़क बनाने के लिए इसकी जद में आ रहे 1000 से अधिक देवदार के पेड़ों का कटान होना है। स्थानीय लोगों और व्यापारियों ने सोमवार को बैठक कर कहा कि यहां स्थित देवदार के पेड़ों को शिव-पार्वती, गणेश, पांडव वृक्ष के रूप में पूजा जाता है। ऐसे में इनका कटान नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने एसडीएम एनएस नगन्याल को भी ज्ञापन दिया।
सड़क का एलाइनमेंट बदलने की मांग
अल्मोड़ा। शंकर, विनोद, पवन भट्ट, जगदीश प्रसाद, योगेश भट्ट सहित अन्य स्थानीय लोगों ने कहा कि एक तरफ जंगल बचाओ अभियान चल रहा है वहीं विश्व प्रसिद्ध जागेश्वर धाम में पौराणिक दृष्टि से महत्वपूर्ण देवदार के पेड़ों को काटने की तैयारी हो रही है। उन्होंने कहा कि जागेश्वर धाम तक सड़क जरूरी है, इसके लिए सड़क का एलाइनमेंट बदला जा सकता है ताकि देवदार के पेड़ कटने से बच सकें। ऐसा न होने पर उन्होंने आंदोलन की चेतावनी दी है।
विज्ञापन
कोट
आरतोला-जागेश्वर सड़क का चौड़ीकरण होना है। इसकी जद में आ रहे पेड़ों का चिह्नीकरण किया जा रहा है। पेड़ कटान तक पहुंचने के लिए लंबी प्रक्रिया से गुजरना होगा। -विभोर गुप्ता, ईई, लोनिवि, निर्माण खंड, अल्मोड़ा।
विज्ञापन
03 किमी चौड़ीकरण होना है आरतोला से जागेश्वर तक की सड़क का
अल्मोड़ा। जागेश्वर में मास्टर प्लान के तहत हो रहे सड़क चौड़ीकरण के लिए करीब 1000 देवदार के पेड़ों को काटने की तैयारी की जा रही है। कार्यदायी संस्था लोक निर्माण विभाग ने चौड़ीकरण की जद में आ रहे पेड़ों का चिह्नीकरण करना शुरू कर दिया है। क्षेत्र के लोग इसके विरोध में उतर आए हैं। उनका कहना है कि अस्था से जुड़े दारूक वन में खड़े इन पेड़ों की वे पूजा करते हैं।
जागेश्वर धाम देवदार के जंगल के बीच स्थित है। इसे दारूक वन के नाम से भी पहचान मिली है। पौराणिक मान्यता के अनुसार यही दारुक वन भगवान शिव का निवास स्थान है। धाम के विकास के लिए मास्टर प्लान को धरातल पर उतारा जा रहा है। मास्टर प्लान के तहत आरतोला से जागेश्वर तक तीन किमी सड़क का चौड़ीकरण होना है। टू-लेन सड़क बनाने के लिए इसकी जद में आ रहे 1000 से अधिक देवदार के पेड़ों का कटान होना है। स्थानीय लोगों और व्यापारियों ने सोमवार को बैठक कर कहा कि यहां स्थित देवदार के पेड़ों को शिव-पार्वती, गणेश, पांडव वृक्ष के रूप में पूजा जाता है। ऐसे में इनका कटान नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने एसडीएम एनएस नगन्याल को भी ज्ञापन दिया।
विज्ञापन
सड़क का एलाइनमेंट बदलने की मांग
अल्मोड़ा। शंकर, विनोद, पवन भट्ट, जगदीश प्रसाद, योगेश भट्ट सहित अन्य स्थानीय लोगों ने कहा कि एक तरफ जंगल बचाओ अभियान चल रहा है वहीं विश्व प्रसिद्ध जागेश्वर धाम में पौराणिक दृष्टि से महत्वपूर्ण देवदार के पेड़ों को काटने की तैयारी हो रही है। उन्होंने कहा कि जागेश्वर धाम तक सड़क जरूरी है, इसके लिए सड़क का एलाइनमेंट बदला जा सकता है ताकि देवदार के पेड़ कटने से बच सकें। ऐसा न होने पर उन्होंने आंदोलन की चेतावनी दी है।
विज्ञापन
कोट
आरतोला-जागेश्वर सड़क का चौड़ीकरण होना है। इसकी जद में आ रहे पेड़ों का चिह्नीकरण किया जा रहा है। पेड़ कटान तक पहुंचने के लिए लंबी प्रक्रिया से गुजरना होगा। -विभोर गुप्ता, ईई, लोनिवि, निर्माण खंड, अल्मोड़ा।