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मिनी जू का मामला एक बार फिर लटका
अमर उजाला ब्यूराे अल्माेड़ा
Updated Tue, 09 May 2017 10:43 PM IST
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मृग विहार अल्मोड़ा लंबे समय से मिनी जू की राह देख रहा है। कई बार प्रस्ताव भेजने के बाद भी सेंट्रल जू अथारिटी नई दिल्ली से अनुमति नहीं मिल पा रही है। एक बार फिर जू अथॉरिटी ने मान्यता के लिए सोसायटी का गठन करने समेत कुछ बिंदुओं पर कार्य पूरा करने को कहा है। इसके बाद अब सिविल सोयम वन प्रभाग फिर से नया प्रस्ताव बनाने में जुट गया है।
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38 हेक्टेयर क्षेत्रफल में फैले मृग विहार में वर्तमान में करीब 94 जानवर हैं। इनमें 14 सांभर, 68 चीतल, एक सफेद बंदर, आठ तेंदुए, एक भालू और दो कांकड़ हैं। पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए मृग विहार में मिनी जू बनाने की तैयारी सिविल सोयम विभाग पिछले दो साल से कर रहा है। इसमें बाउंड्री वॉल, सेनिटेशन, विजिटर्स मार्ग, स्टोर फैसेलिटी, पानी की व्यवस्था, जानवरों के लिए नाइट सल्टर, बर्ड्स के लिए इनक्लोजर, मगरमच्छ के लिए तालाब, फेंसिंग, बिजली कार्य, मेडिकल उपकरण, दवाइयां और बच्चों की ट्वॉय ट्रेन शामिल हैं। मिनी जू तैयार होने पर जहां नए जानवर जू का हिस्सा बनेंगे वहीं बच्चों और पर्यटकों के लिए भी मृग विहार पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहेगा।
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मालूम हो कि सिविल सोयम वन प्रभाग मिनी जू की मान्यता के पूर्व में कई बार प्रस्ताव भेज चुका है। पिछले साल विभाग ने सेंट्रल जू अथारिटी को मिनी जू की मान्यता के लिए आवेदन किया था। इसमें करीब 540.60 करोड़ की लागत का प्रस्ताव शामिल था लेकिन अब तक अथॉरिटी से मान्यता के संबंध में कोई सूचना नहीं मिल सकी है। सेंट्रल जू अथॉरिटी की ओर से इस बार भी आपत्ति जताई गई है। अथॉरिटी ने मिनी जू के संबंध में सीसी दीवार आदि मूल कार्य करने के साथ ही सोसायटी का गठन करने को भी कहा है।
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