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माइक्रोमैक्स कंपनी और सर्विस सेंटर सेवा में कमी के दोषी
अमर उजाला ब्यूरो अल्मोड़ा
Updated Mon, 28 Nov 2016 11:17 PM IST
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जिला उपभोक्ता फोरम ने सेवा में कमी का दोषी पाए जाने पर प्रबंधक माइक्रोमैक्स सर्विस सेंटर एसके इंटर प्राइजेज नियर नंदादेवी अल्मोड़ा और माइक्रोमैक्स इंफोरमेटिक्स बी-82 मायापुरी इंड्रस्ट्रियल एरिया फेज-एक न्यू दिल्ली के सीईओ को शिकायकर्ता को मोबाइल की कीमत 11 हजार रुपए, मानसिक क्षतिपूर्ति के पांच हजार और वाद व्यय के दो हजार रुपए अदा करने के आदेश दिए हैं। विपक्षियों को शिकायत देने की तिथि से भुगतान की तिथि तक छह फीसदी वार्षिक ब्याज भी अदा करना होगा। यदि विपक्षी आदेश का अनुपालन नहीं करते हैं तो शिकायकर्ता दोनों विपक्षीगणों से संयुक्त रूप से या किसी एक से डिग्री राशि वसूल करने का अधिकारी होगा।
न्यू कालोनी धारानौला निवासी शिक्षिका गोदावरी बिष्ट ने 23 अक्तूबर 2015 को भुवन चंद्र पांडे जय माता कम्युनिकेशन नियर रामलीला मैदान धारानौला के यहां से माइक्रोमैक्स ई-455 मोबाइल 11 हजार रुपए में खरीदा। 26 जून 2016 को मोबाइल में सिगनल आने बंद हो गए। शिकायतकर्ता के पति मोबाइल को दुकानदार के पास ले गए। मोबाइल वारंटी पीरियड में था। दुकानदार ने मोबाइल को कंपनी के सर्विस सेंटर प्रबंधक माइक्रोमैक्स सर्विस सेंटर एसके इंटरप्राइजेज प्रथम फ्लोर टैनीमल हाउस एलआर साह रोड नंदादेवी के पास ले जाने को कहा। वह एक जुलाई 2016 को मोबाइल सर्विस सेंटर ले गए। सर्विस सेंटर ने जल्द ठीक करने का आश्वासन देकर मोबाइल रख लिया।
बार-बार मोबाइल लौटने को सर्विस सेंटर से कहा गया, लेकिन नहीं लौटाया गया। 16 अगस्त 2016 को मोबाइल लौटा दिया, लेकिन 17 अगस्त को मोबाइल बंद हो गया। शिकायकर्ता को 19 अगस्त को आठ हजार रुपए का नया मोबाइल खरीदना पड़ा। इसके बाद भगवती बिष्ट ने उपभोक्ता फोरम में मोबाइल की कीमत, मानसिक और आर्थिक क्षतिपूर्ति और वाद व्यय की वसूली के लिए फोरम में वाद दायर किया गया। फोरम के अध्यक्ष डा. ज्ञानेंद्र कुमार शर्मा, सदस्य लीला जोशी और प्रभात कुमार चौधरी नेे दोनों पक्षों की दलील सें सुनी और फैसला सुनाया।
न्यू कालोनी धारानौला निवासी शिक्षिका गोदावरी बिष्ट ने 23 अक्तूबर 2015 को भुवन चंद्र पांडे जय माता कम्युनिकेशन नियर रामलीला मैदान धारानौला के यहां से माइक्रोमैक्स ई-455 मोबाइल 11 हजार रुपए में खरीदा। 26 जून 2016 को मोबाइल में सिगनल आने बंद हो गए। शिकायतकर्ता के पति मोबाइल को दुकानदार के पास ले गए। मोबाइल वारंटी पीरियड में था। दुकानदार ने मोबाइल को कंपनी के सर्विस सेंटर प्रबंधक माइक्रोमैक्स सर्विस सेंटर एसके इंटरप्राइजेज प्रथम फ्लोर टैनीमल हाउस एलआर साह रोड नंदादेवी के पास ले जाने को कहा। वह एक जुलाई 2016 को मोबाइल सर्विस सेंटर ले गए। सर्विस सेंटर ने जल्द ठीक करने का आश्वासन देकर मोबाइल रख लिया।
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बार-बार मोबाइल लौटने को सर्विस सेंटर से कहा गया, लेकिन नहीं लौटाया गया। 16 अगस्त 2016 को मोबाइल लौटा दिया, लेकिन 17 अगस्त को मोबाइल बंद हो गया। शिकायकर्ता को 19 अगस्त को आठ हजार रुपए का नया मोबाइल खरीदना पड़ा। इसके बाद भगवती बिष्ट ने उपभोक्ता फोरम में मोबाइल की कीमत, मानसिक और आर्थिक क्षतिपूर्ति और वाद व्यय की वसूली के लिए फोरम में वाद दायर किया गया। फोरम के अध्यक्ष डा. ज्ञानेंद्र कुमार शर्मा, सदस्य लीला जोशी और प्रभात कुमार चौधरी नेे दोनों पक्षों की दलील सें सुनी और फैसला सुनाया।
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