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लाइन बिछाई नहीं, 1.9 करोड़ का बना दिया जलाशय
अमर उजाला ब्यूरो अल्मोड़ा।
Updated Tue, 24 Apr 2018 10:48 PM IST
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अल्मोड़ा में बना विक्टर मोहन जलाशय।
- फोटो : अमर उजाला
एनटीडी और आसपास के क्षेत्रों की पेयजल समस्या के समाधान के लिए एनटीडी में विक्टर मोहन जोशी पार्क में बनाया गया जलाशय करीब ढाई साल से उपयोग में नहीं लाया जा सका है। 1.9 करोड़ की लागत से निर्मित जलाशय के लिए मटेला से नई पेयजल लाइन अब तक नहीं बिछाई जा सकी है। निर्माण शाखा उत्तराखंड पेयजल निगम ने 30 करोड़ का आंगणन शासन को भेजा है। जिसे स्वीकृति नहीं मिली है। जिससे गरमी के सीजन में भी एनटीडी, हीराडुंगरी और आसपास के क्षेत्र के लोगों को फिलहाल पेयजल संकट से निजात मिलने की उम्मीद नहीं है।
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एनटीडी में विक्टर मोहन जोशी पार्क में ब्रिटिश काल से जलाशय था। पूर्व में पेयजल किल्लत होने पर शहर में इसी जलाशय से पानी की सप्लाई होती थी। कोसी से शहर के लिए नई लाइन बिछने पर इस जलाशय का उपयोग नहीं हुआ पर शहर मेें बसासत बढ़ती रही। एनटीडी और हीराडुंगरी क्षेत्र की पेयजल समस्या को देखते हुए लोगों ने इसके जीर्णोद्धार की मांग उठाई। 2015 में पेयजल निगम निर्माण शाखा ने 1.9 करोड़ की लागत से इस जलाशय का जीर्णोद्धार शुरू किया। करीब ढाई साल पहले जलाशय बनकर तैयार हो गया। इसकी क्षमता चार लाख लीटर पानी की है।
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पार्क के मध्य में स्थापित इस जलाशय के ऊपर लेंटर डाला गया है। उसके ऊपर करीब 1.10 मीटर ऊंचाई का तालाब बनाकर बच्चों के लिए वोट चलाने की योजना प्रस्तावित की गई है। पर पेयजल लाइन नहीं बिछने से जलाशय को उपयोग में नहीं लाया जा सका है।
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योजना के तहत मटेला से जलाशय तक छह किमी से अधिक 350 एमएम की पेयजल लाइन बिछनी है और जलाशय के समीप पंप हाउस स्थापित होना है। साथ ही जलाशय से हीराडुंगरी टैंक तक लाइन बिछाई जानी है। निर्माण शाखा उत्तराखंड पेयजल निगम के अधिशासी अभियंता एन लाल ने बताया कि मुख्यमंत्री की घोषणा में शहर सुदृढ़ीकरण पेयजल योजना शमिल है। मटेला से जलाशय तक पेयजल लाइन बिछाने के लिए 30 करोड़ का प्रस्ताव मार्च में शासन को भेजा गया है। धनराशि स्वीकृत होने के बाद कार्य शुरू किया जाएगा।