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दो तेंदुओं के मारे जाने के बाद भी दहशत
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा।
Updated Sat, 27 Feb 2016 10:57 PM IST
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क्षेत्र में दो तेंदुओं के मारे जाने के बावजूद न तो तेंदुए के आतंक में कमी आई है और न लोगों के बीच फैली दहशत ही कम हो पा रही है। शुक्रवार की रात एक तेंदुआ चित्रेश्वर में देखा गया जबकि एक अन्य तेंदुआ महतगांव में आ धमका। इधर क्षेत्र में शिकारियों की तैनाती बरकरार है।
क्षेत्र में शिकारियों द्वारा दो तेंदुओं को ढेर करने के बावजूद तेंदुओं का आतंक बरकरार है जिससे लोगों की दहशत कम नहीं हो पा रही है। शुक्रवार को दोपहर में मेहलौचौरा में एक तेंदुआ मारा गया था जबकि उसी रात एक तेंदुआ चित्रेश्वर और दूसरा महतगंाव में दिखाई दिया। लोगों ने आतंक से मुक्ति मिलने तक शिकारियों की तैनाती जारी रखने की मांग की है।
इधर वन क्षेत्राधिकारी बीएस बिष्ट ने बताया कि फिलहाल स्थानीय शिकारियों को जिम्मेदारी से मुक्त किया गया है जबकि शिकारी लखपत सिंह मोर्चे पर डटे हैं। श्री बिष्ट का कहना है कि विभाग दो तेंदुओं के मारे जाने के बावजूद किसी भी तरह का जोखिम लेने का तैयार नहीं है इसीलिए शिकारी की तैनाती जारी रखने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने लोगों से पूर्व की भांति सावधानी बरतने को कहा है।
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क्षेत्र में शिकारियों द्वारा दो तेंदुओं को ढेर करने के बावजूद तेंदुओं का आतंक बरकरार है जिससे लोगों की दहशत कम नहीं हो पा रही है। शुक्रवार को दोपहर में मेहलौचौरा में एक तेंदुआ मारा गया था जबकि उसी रात एक तेंदुआ चित्रेश्वर और दूसरा महतगंाव में दिखाई दिया। लोगों ने आतंक से मुक्ति मिलने तक शिकारियों की तैनाती जारी रखने की मांग की है।
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इधर वन क्षेत्राधिकारी बीएस बिष्ट ने बताया कि फिलहाल स्थानीय शिकारियों को जिम्मेदारी से मुक्त किया गया है जबकि शिकारी लखपत सिंह मोर्चे पर डटे हैं। श्री बिष्ट का कहना है कि विभाग दो तेंदुओं के मारे जाने के बावजूद किसी भी तरह का जोखिम लेने का तैयार नहीं है इसीलिए शिकारी की तैनाती जारी रखने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने लोगों से पूर्व की भांति सावधानी बरतने को कहा है।
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