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Almora News: फल और सब्जी उत्पादन में तकनीक के प्रयोग की जानकारी
Fri, 09 Jan 2026 11:36 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Fri, 09 Jan 2026 11:36 PM IST
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काफलीगैर (बागेश्वर)। कृषि विज्ञान केंद्र में अनुसूचित जाति उप-योजना के तहत आयोजित सात दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न हो गया है। कार्यक्रम में क्षेत्र के विभिन्न गांवों के 25 किसानों ने भागीदारी की। इस दौरान उन्हें फल और सब्जी उत्पादन में तकनीक के प्रयोग की जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण में बजां नदीला, चौगांवछीना, भटखोला, उडेरखानी, लोब, बिनसर गांव के किसानों ने प्रतिभाग किया। समापन कार्यक्रम में केंद्र के अध्यक्ष/प्रशिक्षण समन्वयक डाॅ. राज कुमार ने संरक्षित वातावरण में सब्जी और फल उत्पादन की जानकारी दी। कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण किसानों की आय बढ़ाने में मददगार साबित होते हैं। किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी अहम भूमिका निभाते हैं। विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. नवल किशोर सिंह ने पर्वतीय क्षेत्रों में डेयरी व्यवसाय, मुर्गी पालन, बकरी पालन, प्राकृतिक खेती और चारा उत्पादन पर प्रकाश डाला।
हरीश चंद्र जोशी ने कीट और रोग प्रबंधन, मशरूम उत्पादन, मधुमक्खी पालन विषय की जानकारी दी। डॉ. अमित कुमार ने किसान उत्पादक समूह और कृषि व्यवसाय, कृषि विभाग के उप-परियोजना निदेशक धीरज बिष्ट ने पर्वतीय क्षेत्रों में समेकित खेती के महत्व पर प्रकाश डाला। भवान सिंह कोरंगा ने किसानों को कीवी फल की उन्नत किस्म, पौध रोपण, कटाई-छटाई, खाद-उर्वरक प्रबंधन, सिंचाई रोग एवं कीट प्रबंधन आदि के बारे में बताया। मुख्य कृषि अधिकारी राजेंद्र उप्रेती ने प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए। इस मौके पर नीरज जोशी, मनोज कुमार, राजेश कुमार मीणा, बहादुर सिंह आदि मौजूद रहे।
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प्रशिक्षण में बजां नदीला, चौगांवछीना, भटखोला, उडेरखानी, लोब, बिनसर गांव के किसानों ने प्रतिभाग किया। समापन कार्यक्रम में केंद्र के अध्यक्ष/प्रशिक्षण समन्वयक डाॅ. राज कुमार ने संरक्षित वातावरण में सब्जी और फल उत्पादन की जानकारी दी। कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण किसानों की आय बढ़ाने में मददगार साबित होते हैं। किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी अहम भूमिका निभाते हैं। विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. नवल किशोर सिंह ने पर्वतीय क्षेत्रों में डेयरी व्यवसाय, मुर्गी पालन, बकरी पालन, प्राकृतिक खेती और चारा उत्पादन पर प्रकाश डाला।
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हरीश चंद्र जोशी ने कीट और रोग प्रबंधन, मशरूम उत्पादन, मधुमक्खी पालन विषय की जानकारी दी। डॉ. अमित कुमार ने किसान उत्पादक समूह और कृषि व्यवसाय, कृषि विभाग के उप-परियोजना निदेशक धीरज बिष्ट ने पर्वतीय क्षेत्रों में समेकित खेती के महत्व पर प्रकाश डाला। भवान सिंह कोरंगा ने किसानों को कीवी फल की उन्नत किस्म, पौध रोपण, कटाई-छटाई, खाद-उर्वरक प्रबंधन, सिंचाई रोग एवं कीट प्रबंधन आदि के बारे में बताया। मुख्य कृषि अधिकारी राजेंद्र उप्रेती ने प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए। इस मौके पर नीरज जोशी, मनोज कुमार, राजेश कुमार मीणा, बहादुर सिंह आदि मौजूद रहे।
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