{"_id":"61e46706435e1f390952c591","slug":"isbt-dalyed-due-to-budget-almora-news-hld451150310","type":"story","status":"publish","title_hn":"आईएसबीटी के निर्माण में बजट का रोड़ा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आईएसबीटी के निर्माण में बजट का रोड़ा
विज्ञापन
अल्मोड़ा के लोअर माल रोड में निर्माणाधीन आइएसबीटी भवन
- फोटो : ALMORA
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अल्मोड़ा। लोकसभा और विधानसभा चुनाव में शहर के लोअर मालरोड में निर्माणाधीन अंतर राज्यीय बस अड्डा चुनावी मुद्दा बनता है लेकिन छह साल बाद भी सरकारें आईएसबीटी का निर्माण पूरा नहीं कर सकी हैं। अल्मोड़ा की यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए लोअर मालरोड में 16 करोड़ लागत से अंतरराज्यीय बस अड्डे (आईएसबीटी) का निर्माण काफी धीमी गति से चल रहा है। छह साल में बस अड्डे का 75 फीसदी काम ही हो सका है। बजट के अभाव में बस अड्डे का निर्माण कार्य फिलहाल जल्द पूरा होने की उम्मीद नहीं है।
उत्तराखंड परिवहन निगम का डिपो मालरोड में किराए के भवन में चल रहा है। इस स्थान पर दो से तीन बसें ही खड़ी होने की लिए जगह हो पाती है और सड़क पर वाहनों का दबाव बढ़ने पर जाम की समस्या रहती है। परिवहन निगम का शहर से चार किमी दूर लोअर मालरोड में वर्कशाप है। सरकार ने यहां पर 16 करोड़ लागत से अंतरराज्यीय बस अड्डा स्वीकृत किया है।
सरकार ने आईएसबीटी बनाने के लिए उत्तर प्रदेश निर्माण निगम को निर्माण एजेंसी नामित किया। 150 बस पार्किंग क्षमता के आईएसबीटी का वर्ष 2016 में निमार्ण कार्य शुरू किया गया। सरकार का लक्ष्य दिसंबर 2018 तक आईएसबीटी का निर्माण पूरा करने का लक्ष्य था। परंतु 16 करोड़ के सापेक्ष निर्माण एजेंसी उत्तर प्रदेश निर्माण निगम को अब तक मात्र 9.78 करोड़ रुपये ही अवमुक्त हुए हैं। छह सालों में आईएसबीटी के दो मंजिले भवन, रिटर्निंग वॉल, गाड़ी धुलाई केंद्र आदि कार्य कर लिए गए हैं। जबकि बजट के अभाव में प्लेटफार्म, स्टाफ रूम, पार्किंग, पूछताछ केंद्र, प्रतीक्षालय, दुकानें, डोरमेट्री आदि कार्य होने शेष हैं। 6.22 करोड़ रुपये अब तक निर्माण एजेंसी को अब तक नहीं मिल सके हैं। जिस कारण निर्माण एजेंसी अब तक आईएसबीटी का 75 फीसदी काम ही कर सकी है। इस स्थिति में आईएसबीटी का काम कब पूरा होगा।
विज्ञापन
चालू वित्तीय वर्ष में सरकार ने आईएसबीटी के लिए दो करोड़ रुपये का प्रावधान किया था लेकिन अब तक बजटनहीं मिला है। वर्तमान में चुनाव आचार संहिता भी लागू है। आचार संहिता के बाद जल्द से जल्द काम पूरा करने के प्रयास होंगे।
-पीके दीक्षित, एई, उत्तराखंड परिवहन निगम।
विज्ञापन
उत्तराखंड परिवहन निगम का डिपो मालरोड में किराए के भवन में चल रहा है। इस स्थान पर दो से तीन बसें ही खड़ी होने की लिए जगह हो पाती है और सड़क पर वाहनों का दबाव बढ़ने पर जाम की समस्या रहती है। परिवहन निगम का शहर से चार किमी दूर लोअर मालरोड में वर्कशाप है। सरकार ने यहां पर 16 करोड़ लागत से अंतरराज्यीय बस अड्डा स्वीकृत किया है।
विज्ञापन
सरकार ने आईएसबीटी बनाने के लिए उत्तर प्रदेश निर्माण निगम को निर्माण एजेंसी नामित किया। 150 बस पार्किंग क्षमता के आईएसबीटी का वर्ष 2016 में निमार्ण कार्य शुरू किया गया। सरकार का लक्ष्य दिसंबर 2018 तक आईएसबीटी का निर्माण पूरा करने का लक्ष्य था। परंतु 16 करोड़ के सापेक्ष निर्माण एजेंसी उत्तर प्रदेश निर्माण निगम को अब तक मात्र 9.78 करोड़ रुपये ही अवमुक्त हुए हैं। छह सालों में आईएसबीटी के दो मंजिले भवन, रिटर्निंग वॉल, गाड़ी धुलाई केंद्र आदि कार्य कर लिए गए हैं। जबकि बजट के अभाव में प्लेटफार्म, स्टाफ रूम, पार्किंग, पूछताछ केंद्र, प्रतीक्षालय, दुकानें, डोरमेट्री आदि कार्य होने शेष हैं। 6.22 करोड़ रुपये अब तक निर्माण एजेंसी को अब तक नहीं मिल सके हैं। जिस कारण निर्माण एजेंसी अब तक आईएसबीटी का 75 फीसदी काम ही कर सकी है। इस स्थिति में आईएसबीटी का काम कब पूरा होगा।
विज्ञापन
चालू वित्तीय वर्ष में सरकार ने आईएसबीटी के लिए दो करोड़ रुपये का प्रावधान किया था लेकिन अब तक बजटनहीं मिला है। वर्तमान में चुनाव आचार संहिता भी लागू है। आचार संहिता के बाद जल्द से जल्द काम पूरा करने के प्रयास होंगे।
-पीके दीक्षित, एई, उत्तराखंड परिवहन निगम।