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इंटर तृतीय श्रेणी पर अब हैं ख्याति प्राप्त शिक्षाविद

Tue, 30 May 2017 10:32 PM IST
अल्मोड़ा़,अमर उजाला
अल्मोड़ा़,अमर उजाला Updated Tue, 30 May 2017 10:32 PM IST
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 Intermediate Classes are now fame educators
प्रो. एसडी शर्मा। - फोटो : अमर उजाला

 अगर आप दसवीं और बारहवीं में बहुत अच्छे अंक नहीं भी ला पाए हैं तो निराश होने की जरूरत नहीं है। कई ऐसी शख्सियत हैं जिन्होंने हाईस्कूल और इंटर में औसत अंक प्राप्त करने के बावजूद जीवन में उच्च मुकाम हासिल किया। विधि के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट कार्य करने पर राष्ट्रपति के हाथों पुरुषोत्तम दास टंडन पुरस्कार प्राप्त करने वाले कुमाऊं विवि में विधि विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो.एसडी शर्मा अब जाने माने शिक्षाविद् हैं, उन्होंने हाईस्कूल परीक्षा प्राइवेट परीक्षार्थी के तौर पर द्वितीय श्रेणी में पास की थी, जबकि इंटरमीडिएट तृतीय श्रेणी में पास किया। 

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निर्धनता और पारिवारिक परिस्थितियों के चलते प्रो. शर्मा ने इंटर परीक्षा पास करने के बाद बिजली विभाग में चतुर्थ श्रेणी (कुली) पद पर काम किया। बाद में अल्मोड़ा में लाइन मैन और मीटर रीडर के तौर पर प्रमोशन हो गया। फिर जीवन में कुछ करने की ठान ली और प्राइवेट बीए (द्वितीय श्रेणी) से किया। फिर उस दौर में अल्मोड़ा कैंपस में चलने वाली एलएलबी की सायंकालीन क्लास में प्रवेश ले लिया और प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण हुए, फिर अवकाश लेकर एलएलएम किया और विवि में द्वितीय टॉपर रहे। उसके बाद कुमाऊं विवि से लॉ में पीएचडी करने वाले पहले छात्र बने। उन्होंने नैट परीक्षा भी पास की। बाद में तेजी से मुकाम हासिल करते हुए विधि में पुस्तक लिखी और कुछ बेहतरीन लेख प्रकाशित होने के बाद कुमाऊं विवि में सीधे रीडर पद पर नियुक्त हुए।
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उसके बाद प्रोफेसर के साथ ही विभागाध्यक्ष और डीन पदों पर रह चुके हैं। वह नेशनल लॉ विवि गांधीनगर गुजरात, नेशनल लॉ विवि पटना, बुंदेलखंड विवि झांसी में भी प्रोफेसर पद पर चयनित हुए, लेकिन वहां ज्वाइन नहीं किया। वह नेशनल लॉ कालेज शिलचर में भी विभागाध्यक्ष रहे और बाद में दोबारा कुमाऊं विवि लौट आए।  प्रो. एसडी शर्मा को मंगलवार को राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने राजश्री पुरुषोत्तम दास टंडन पुरस्कार से नवाजा है। प्रो.एसडी शर्मा विधि में अब तक कई पुस्तकें लिख चुके हैं और उनके हिंदी और अंग्रेजी भाषा में अब तक 82 से अधिक शोध पत्र प्रकाशित हो चुके हैं। अंग्रेजी भाषा में लिखी गई उनकी राइट टू इंफॉरमेशन, टेरोरिज्म एंड ह्यूमन राइट और क्रेटिव एक्टिविटीज एंड लॉ पुस्तकें भी काफी प्रसिद्ध हैं। प्रो. शर्मा का कहना है कि दसवीं, बारहवीं में बहुत अच्छे अंक नहीं आए तो भी निराश होने की जरूरत नहीं है। समझ आ जाने के बाद निरंतर लगन और परिश्रम से उच्च शिखर पर पहुंचना संभव है।  

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