फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Almora News ›   Human-made changes in the earth challenge: Raghavan

पृथ्वी में मानवीय बदलाव बने चुनौती : राघवन

Sun, 11 Sep 2016 12:44 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा।
अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा। Updated Sun, 11 Sep 2016 12:44 AM IST
विज्ञापन
Human-made changes in the earth challenge: Raghavan
स्मारिका का विमोचन करते अतिथिगण - फोटो : अमर उजाला

जीबी पंत राष्ट्रीय हिमालय पर्यावरण एवं सतत विकास संस्थान में शनिवार को स्थापना दिवस मनाया गया। इस दौरान जीबी पंत स्मारक व्याख्यान हुए। इसमें विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय भारत सरकार के सचिव पद्मश्री, प्रो. के विजय राघवन ने कहा कि उत्पत्ति के साथ ही मनुष्य ने अपने क्रियाकलापों से पृथ्वी में इच्छा के मुताबिक तमाम बदलाव किए, जिससे हमारे सामने चुनौतियां बढ़ गई हैं। इन बदलावों से निकलने का उपाय भी मनुष्य को ही निकालना होगा।

विज्ञापन


उन्होंने कहा कि 20-30 साल में इंसान की आईक्यू बढ़ने से योग्यता भी बढ़ी है। इस दौरान इंसान ने टेक्नोलॉजी से दुनिया में काफी बदलाव किया है, लेकिन इस बदलाव से काफी समस्याएं भी बढ़ी हैं। अब इसका समाधान कैसे किया जाए यह सबसे बड़ी चुनौती है। उन्होंने वैज्ञानिकों से विज्ञान को प्रयोगशाला के अंदर न रखकर बाहर लाने की बात कही। 
विज्ञापन



 केंद्रीय कपड़ा राज्य मंत्री अजय टम्टा ने कहा कि पर्यावरण मंत्रालय हिमालय के पर्यावरण, विकास के प्रति प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि कपड़ा मंत्रालय पिरूल से रेशा निकालकर कागज, कपड़ा आदि बनाने का प्रयास कर रहा है ताकि इस क्षेत्र में वनों में आग की भी रोकथाम हो सके। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए पर्यावरण मंत्रालय के सचिव अजय नारायण झा ने कहा कि आज के समय में पर्यावरण चैलेंज के साथ सामाजिक बदलाव भी हो रहे हैं। अब संस्थान में रिसर्च को एक नई दिशा देने की जरूरत है।
विज्ञापन
विज्ञापन


मंत्रालय की अपर सचिव डॉ. अमिता प्रसाद ने वैज्ञानिकों से नई खोजों की तरफ जाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शोध किताबों में न रहे संस्थान की जवाबदेही बहुत ज्यादा है। संस्थान के पूर्व निदेशक प्रो. एएन पुरोहित ने शोध से निकले परिणामों को पर्यावरणीय समस्याओं के समाधान में लगाने को कहा। गढ़वाल विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. एसपी सिंह ने पर्यावरण, विकास के बीच संतुलन पर केंद्रित करने की जरूरत बताई। इससे पूर्व संस्थान के निदेशक डॉ. पीपी ध्यानी संस्थान के उद्देश्य, शोध, विकास संबधित क्रियाकलापों की जानकारी देते हुए भविष्य में होने वाले कार्यक्रमों की जानकारी दी।


इस दौरान संस्थान के वैज्ञानिकों द्वारा लिखित तीन प्रकाशनों का विमोचन भी किया गया। कार्यक्रम के दौरान पालिकाध्यक्ष प्रकाश चंद्र जोशी, पद्मश्री डॉ. ललित पांडे, वीपीकेएस के पूर्व निदेशक डॉ. जेसी भट्ट, वरिष्ठ वैज्ञानिक किरीट कुमार, केवल सती, रंजना झा, मालती पुरोहित, डॉ. दिवा भट्ट, पीसी तिवारी, ललित लटवाल आदि थे। 
 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed