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Almora News: पल्यू नहर के अस्तित्व में लौटने की जगी उम्मीद, बंजर खेत होंगे आबाद
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अल्मोड़ा। जिले के भैंसियाछाना विकासखंड में आपदा की भेंट चढ़ी पल्यू नहर के संरक्षण की कवायद शुरू हो चुकी है। सिंचाई विभाग के नहर को संरक्षित करने के लिए भेजे 15 लाख रुपये के प्रस्ताव की 50 प्रतिशत राशि भी अवमुक्त हो गई है। नहर के अस्तित्व में आने से किसान 18 हेक्टेयर भूमि पर सिंचाई कर सकेंगे।
भैंसियाछाना ब्लॉक के पल्यू और देवीपूरा गांव के 65 से अधिक परिवार आजीविका के लिए खेती पर निर्भर हैं। सिंचाई विभाग ने किसानों के खेतों को सींचने के लिए 3.175 किमी लंबी नहर का निर्माण किया लेकिन बीते वर्ष आई आपदा से पूरी नहर क्षतिग्रस्त हो गई।
ऐसे में किसान अब खेतों की सिंचाई के लिए बारिश पर निर्भर हैं। किसानों को राहत पहुंचाने के लिए विभाग ने इस नहर के जीर्णोद्धार के लिए 15 लाख रुपये का प्रस्ताव भेजा था। शासन से निर्माण कार्य के लिए छह लाख रुपये की पहली किस्त भी जारी हो चुकी है। इससे किसानों के बंजर खेत फिर आबाद होंगे। नहर में फिर से पानी चलने से 18 हेक्टेयर भूमि पर सिंचाई हो सकेगी।
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फिर खेती की ओर लौटेंगे किसान
इन गांवों में सिंचाई के अभाव में किसानों को फसल खराब होने पर आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। ऐसे में कई किसानों ने खेती से किनारा कर लिया है। नहर के फिर से अस्तित्व में आने से खेती छोड़ चुके किसान फिर से खेती को आगे आएंगे। इससे क्षेत्र में पलायन पर भी रोक लगेगी
कोट
- लंबे समय से क्षतिग्रस्त पल्यू नहर के संरक्षण के भेजे प्रस्ताव की पहली किस्त जारी हो चुकी है। टेंडर प्रक्रिया पूरी होते ही प्राथमिकता के साथ निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। - सिद्धार्थ पुष्कर, सहायक अभियंता सिंचाई विभाग, अल्मोड़ा
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भैंसियाछाना ब्लॉक के पल्यू और देवीपूरा गांव के 65 से अधिक परिवार आजीविका के लिए खेती पर निर्भर हैं। सिंचाई विभाग ने किसानों के खेतों को सींचने के लिए 3.175 किमी लंबी नहर का निर्माण किया लेकिन बीते वर्ष आई आपदा से पूरी नहर क्षतिग्रस्त हो गई।
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ऐसे में किसान अब खेतों की सिंचाई के लिए बारिश पर निर्भर हैं। किसानों को राहत पहुंचाने के लिए विभाग ने इस नहर के जीर्णोद्धार के लिए 15 लाख रुपये का प्रस्ताव भेजा था। शासन से निर्माण कार्य के लिए छह लाख रुपये की पहली किस्त भी जारी हो चुकी है। इससे किसानों के बंजर खेत फिर आबाद होंगे। नहर में फिर से पानी चलने से 18 हेक्टेयर भूमि पर सिंचाई हो सकेगी।
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फिर खेती की ओर लौटेंगे किसान
इन गांवों में सिंचाई के अभाव में किसानों को फसल खराब होने पर आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। ऐसे में कई किसानों ने खेती से किनारा कर लिया है। नहर के फिर से अस्तित्व में आने से खेती छोड़ चुके किसान फिर से खेती को आगे आएंगे। इससे क्षेत्र में पलायन पर भी रोक लगेगी
कोट
- लंबे समय से क्षतिग्रस्त पल्यू नहर के संरक्षण के भेजे प्रस्ताव की पहली किस्त जारी हो चुकी है। टेंडर प्रक्रिया पूरी होते ही प्राथमिकता के साथ निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। - सिद्धार्थ पुष्कर, सहायक अभियंता सिंचाई विभाग, अल्मोड़ा