फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Almora News ›   Health services in Ranikhet are in a bad state

Ranikhet News: एक एंबुलेंस के सहारे गंभीर मरीजों की जिंदगी बचाने की जंग, रानीखेत में स्वास्थ्य सेवा बदहाल

Fri, 20 Jun 2025 01:34 PM IST
हीरा मेहरा अमर उजाला नेटवर्क, रानीखेत
अमर उजाला नेटवर्क, रानीखेत Published by: हीरा मेहरा Updated Fri, 20 Jun 2025 01:34 PM IST
सार

उप जिला चिकित्सालय रानीखेत एकमात्र 108 एंबुलेंस सेवा के भरोसे है, जो नाकाफी है। इस अस्पताल से बड़ी आबादी जुड़ी है। ऐसे में रेफरल मरीजों को ऐन वक्त पर एंबुलेंस उपलब्ध नहीं हो पाती। उप जिला चिकित्सालय रानीखेत में एंबुलेंस की कमी है।

विज्ञापन
Health services in Ranikhet are in a bad state
एंबुलेंस - फोटो : अमर उजाला

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के दावों की हकीकत का एक मामला ये है कि उप जिला चिकित्सालय रानीखेत एकमात्र 108 एंबुलेंस सेवा के भरोसे है, जो नाकाफी है। इस अस्पताल से बड़ी आबादी जुड़ी है। ऐसे में रेफरल मरीजों को ऐन वक्त पर एंबुलेंस उपलब्ध नहीं हो पाती। उप जिला चिकित्सालय रानीखेत में एंबुलेंस की कमी है।

विज्ञापन


यह अस्पताल केवल रानीखेत ही नहीं बल्कि द्वाराहाट, चौखुटिया, भिकियासैंण, भतरौंजखान सहित गढ़वाल से सटे इलाकों के मरीजों का प्रमुख उपचार केंद्र है। ऐसे में हायर सेंटर रेफर होने वाले गंभीर मरीजों के तीमारदारों को एंबुलेंस उपलब्ध नहीं हो पाती और उन्हें फजीहत झेलनी पड़ती है। कई बार एंबुलेंस उपलब्ध नहीं होने से गंभीर मरीजों की हालत बिगड़ जाती है और खतरा पैदा हो जाता है। अंतत: उन्हें मरीज को निजी वाहनों या ऊंचे किराये वाली निजी एंबुलेंस से हायर सेंटर पहुंचाने के लिए मजबूर होना पड़ता है। गरीब तबके के मरीजों के समक्ष मुसीबत खड़ी हो जाती है। अस्पताल के बड़े क्षेत्र को देखते हुए यहां कम से कम दो से तीन सरकारी एंबुलेंसों की जरूरत है।
विज्ञापन


केस 1: ग्राम उरोली के इंदर सिंह राणा ने बताया कि कुछ माह पूर्व उनकी पत्नी को पीलिया की शिकायत हुई। वे उप जिला चिकित्सालय रानीखेत पहुंचे। डॉक्टरों ने उन्हें हल्द्वानी रेफर कर दिया। कई बार कॉल करने के बावजूद 108 एंबुलेंस नहीं मिली। मजबूरी में निजी एंबुलेंस बुलाई और महंगे खर्च पर हल्द्वानी पहुंचे।
विज्ञापन
विज्ञापन


केस 2: रानीखेत के सुरेंद्र कुमार ने बताया कि उनकी भाभी को प्रसव पीड़ा होने पर रानीखेत अस्पताल लाया गया। जहां से उन्हें हल्द्वानी रेफर किया गया। अस्पताल प्रशासन ने बताया कि 108 सेवा पहले से व्यस्त है। उन्हें आठ हजार रुपये में निजी एंबुलेंस बुक करनी पड़ी।

केस 3: सौनी के गिरीश चंद्र ने बताया कि गधेरे में गिर जाने से उनके भाई के सिर पर गंभीर चोट आई थी। उसे रानीखेत अस्पताल से हल्द्वानी रेफर किया गया। एंबुलेंस काफी देर से पहुंची। रास्ते में कैंची धाम के पास जाम में एंबुलेंस फंसी रही। समय पर इलाज नहीं मिलने से उनके भाई को नहीं बचाया जा सका।


केस 4: बिंता गांव के देवेंद्र राम ने बताया कि कुछ माह पूर्व उनकी पत्नी को प्रसव के लिए रानीखेत अस्पताल लाए। उसे हल्द्वानी रेफर कर दिया गया। एंबुलेंस व्यस्त होने से उन्हें भी निजी एंबुलेंस की मदद लेनी पड़ी, जिससे उन्हें आर्थिक संकट झेलना पड़ा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed