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उफ! फिर महंगा हुआ सरकारी अस्पतालों में इलाज
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा।
Updated Tue, 05 Jan 2016 09:59 PM IST
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प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में इलाज एक बार फिर महंगा हो गया है। ऑपरेशन, सिटी स्कैन, एक्सरे समेत विभिन्न तरह की मेडिकल जांच के शुल्क में सरकार ने 10 फीसदी वृद्धि कर दी है। ओपीडी के पर्चे के लिए अब 15 की जगह 17 रुपये देने होंगे। मुख्यमंत्री हरीश रावत ने पिछले साल 10 फीसदी शुल्क बढ़ोतरी बंद करने की घोषणा की थी, लेकिन उनकी घोषणा पर आज तक अमल नहीं हुआ और अब एक जनवरी से एक बार फिर इलाज 10 फीसदी बढ़ा दिया गया है। हर साल शुल्क में दस फीसदी वृद्धि होने से गरीब लोगों के लिए सरकारी अस्पतालों में भी इलाज कराना मुश्किल हो रहा है।
सरकारी अस्पतालों में इलाज के लिए पिछले कई सालों से हर साल 10 फीसदी की बढ़ोतरी की जा रही है। कुछ साल पहले तक जिला और बेस अस्पताल में जांच के लिए बनने वाले पर्चे का शुल्क सिर्फ पांच रुपये था जो अब एक जनवरी से 17 रुपये हो गया है। बता दें कि पिछले साल यह पर्चा 15 रुपये में बनता था। इसी तरह हर तरह के इलाज और जांचों में भी 10 फीसदी की बढ़ोतरी कर दी गई है। अब तक जिला अस्पताल में सभी तरह के एक्सरे कराने का शुल्क 111 रुपये था जो बढ़कर 124 रुपये हो गया है। ईसीजी कराने का शुल्क 81 रुपये था जो बढ़कर 89 रुपये हो गया है। हड्डी जोड़ने के लिए प्लास्टर आदि करने का शुल्क जो 478 था उसे बढ़ाकर 531 कर दिया गया है। घाव होने पर टांके आदि लगाने का शुल्क पहले 160 रुपये था उसे बढ़ाकर 177 रुपये कर दिया गया है। पथरी आदि के लिए पेट आदि के ऑपरेशन का शुल्क 800 रुपये से बढ़ाकर 887 रुपये कर दिया गया है और अगर मरीज पेइंग वार्ड में भर्ती हो तो इसी ऑपरेशन के लिए उसे 1241 रुपये और प्राइवेट वार्ड में 1771 रुपये शुल्क का भुगतान करना होगा।
उल्लेखनीय है कि बीते साल जब एक जनवरी को इलाज के शुल्क में 10 फीसदी बढ़ोतरी का पूरे राज्य में विरोध हुआ था तब मुख्यमंत्री हरीश रावत ने हर साल 10 फीसदी शुल्क बढ़ोतरी बंद करने की घोषणा की थी लेकिन उनकी इस घोषणा पर अमल नहीं हो सका। पिछले साल की बढ़ोतरी तो वापस नहीं हुई साथ ही एक जनवरी 2016 से एक बार फिर से 10 प्रतिशत बढ़ोतरी कर दी गई है। नई दरें अस्पतालों में उपलब्ध करा दी गई हैं।
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सरकारी अस्पतालों में इलाज के लिए पिछले कई सालों से हर साल 10 फीसदी की बढ़ोतरी की जा रही है। कुछ साल पहले तक जिला और बेस अस्पताल में जांच के लिए बनने वाले पर्चे का शुल्क सिर्फ पांच रुपये था जो अब एक जनवरी से 17 रुपये हो गया है। बता दें कि पिछले साल यह पर्चा 15 रुपये में बनता था। इसी तरह हर तरह के इलाज और जांचों में भी 10 फीसदी की बढ़ोतरी कर दी गई है। अब तक जिला अस्पताल में सभी तरह के एक्सरे कराने का शुल्क 111 रुपये था जो बढ़कर 124 रुपये हो गया है। ईसीजी कराने का शुल्क 81 रुपये था जो बढ़कर 89 रुपये हो गया है। हड्डी जोड़ने के लिए प्लास्टर आदि करने का शुल्क जो 478 था उसे बढ़ाकर 531 कर दिया गया है। घाव होने पर टांके आदि लगाने का शुल्क पहले 160 रुपये था उसे बढ़ाकर 177 रुपये कर दिया गया है। पथरी आदि के लिए पेट आदि के ऑपरेशन का शुल्क 800 रुपये से बढ़ाकर 887 रुपये कर दिया गया है और अगर मरीज पेइंग वार्ड में भर्ती हो तो इसी ऑपरेशन के लिए उसे 1241 रुपये और प्राइवेट वार्ड में 1771 रुपये शुल्क का भुगतान करना होगा।
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उल्लेखनीय है कि बीते साल जब एक जनवरी को इलाज के शुल्क में 10 फीसदी बढ़ोतरी का पूरे राज्य में विरोध हुआ था तब मुख्यमंत्री हरीश रावत ने हर साल 10 फीसदी शुल्क बढ़ोतरी बंद करने की घोषणा की थी लेकिन उनकी इस घोषणा पर अमल नहीं हो सका। पिछले साल की बढ़ोतरी तो वापस नहीं हुई साथ ही एक जनवरी 2016 से एक बार फिर से 10 प्रतिशत बढ़ोतरी कर दी गई है। नई दरें अस्पतालों में उपलब्ध करा दी गई हैं।
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